बच्चों में इन 5 लक्षणों को कभी नजरअंदाज न करें माता-पिता, ईटिंग डिसऑर्डर का संकेत हो सकते हैं ये लक्षण

Updated at: Jun 18, 2020
बच्चों में इन 5 लक्षणों को कभी नजरअंदाज न करें माता-पिता, ईटिंग डिसऑर्डर का संकेत हो सकते हैं ये लक्षण

बच्चों में खानपान की छोटी-छोटी गलतियां कई बार बड़ी मुसीबत बन सकती है। अगर बच्चों में ये 5 संकेत दिखें तो समझ लें कि वो ईटिंग डिसऑर्डर का शिकार हैं।

Anurag Anubhav
परवरिश के तरीकेWritten by: Anurag AnubhavPublished at: Jun 18, 2020

खान-पान की छोटी-छोटी गलतियां कई बार बड़ी गंभीर समस्याएं पैदा कर देती हैं। छोटे बच्चे अक्सर खानपान में गड़बड़ी करते हैं। इन्ही गलतियों को ईटिंग डिस्ऑर्डर कहा जाता है। आमतौर पर शुरुआती दिनों में ईटिंग डिसऑर्डर के परिणाम नहीं दिखते हैं, लेकिन कुछ समय बाद ये किसी शारीरिक या मानसिक कमजोरी के तौर पर उभर आते हैं। इससे बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास बाधित होता है और उन्हें भविष्य में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। बच्चों में ईटिंग डिसऑर्डर होने पर कुछ बहुत सामान्य से लक्षण दिखते हैं, जिन्हें अक्सर मां-बाप नजरअंदाज कर देते हैं। इसलिए आज हम आपको बता रहे हैं वही संकेत, जिनके आधार पर आप ये पता लगा सकते हैं कि कहीं आपका बच्चा किसी ईटिंग डिसऑर्डर का शिकार तो नहीं हो गया।

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कुछ खास चीजें चुराकर खाना

बच्चों को अक्सर जिस चीज के लिए मना किया जाता है, वो वही काम करते हैं। चूंकि उन्हें सही गलत का अंदाजा नहीं होता है, इसलिए उन्हें चोरी भी अपराध नहीं लगता है। देखा जाता है कि कई बार बच्चे अपने ही घर से चीजें चोरी करके खाते हैं, ताकि मां-बाप या घर के सदस्यों को इसका पता न चले। जैसे- चॉकलेट्स निकालकर खाना, नमकीन, केक, पेस्ट्री, कोल्ड ड्रिंक आदि को कब खाना जब कोई देख न रहा हो। ये आदत एक तरह का ईटिंग डिसऑर्डर ही है। इसलिए अगर आपके फ्रिज या किचन से खाने की चीजें लगातार गायब हो रही हैं, तो समझ लें कि आपका बच्चा ईटिंग डिसऑर्डर का शिकार है।

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शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलाव

अगर बच्चों में कम उम्र में बाल झड़ने, त्वचा में रूखापन, दांतों में कैविटीज और सड़न, लड़कियों में पीरियड्स की अनियमितता, लगातार थकान और हड्डियों की कमजोरी की समस्याएं हैं, तो ये भी किसी तरह के ईटिंग डिसऑर्डर का संकेत हो सकती हैं। इसलिए ये समस्याएं होने पर बच्चों के खानपान पर ध्यान देना शुरू करें और अगर उनमें कोई गड़बड़ी पाते हैं, तो उसे सुधारने का प्रयास करें।

बहुत जल्दी-जल्दी वजन घटना और बढ़ना

अगर आपके बच्चे, खासकर टीनएज बच्चे का वजन अचानक से घट जाता है और अचानक से बढ़ जाता है, तो ये इस बात का संकेत है कि उसके खानपान में गड़बड़ी है और वो ईटिंग डिसऑर्डर का शिकार हो गया है। ऐसी स्थिति में मां-बाप को हमेशा बच्चों के खानपान पर ध्यान देना चाहिए। अगर बच्चे का वजन 1-2 महीने के अंतर में बहुत अधिक घट जाए या बढ़ जाए, तो उसे डॉक्टर को दिखाना भी बहुत जरूरी है।

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अपने वजन और फिटनेस को लेकर बहुत ज्यादा चिंतित रहना

कई बार टीनएज में बच्चे अपनी फिटनेस और वजन को लेकर बहुत अधिक चिंतित रहने लगते हैं। इस पर मां-बाप थोड़ा समझाते तो हैं लेकिन बहुत अधिक ध्यान नहीं देते हैं क्योंकि फिटनेस के लिए परेशान होना उन्हें कोई परेशानी नहीं लगता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर अपनी फिटनेस और वजन घटाने के लिए बच्चा हर समय चिंतित रहने लगे, तो ये भी एक तरह के ईटिंग डिसऑर्डर का संकेत है। दरअसल ऐसा महसूस होने पर बच्चे कुछ चुनिंदा चीजें खाने लगते हैं, जबकि बढ़ती हुई उम्र में उनके शरीर को हर तरह के पोषक तत्वों की जरूरत होती है।

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बहुत अधिक एक्सरसाइज करने लगना

ईटिंग डिसऑर्डर से ग्रस्त बच्चे कई बार बहुत अधिक एक्सरसाइज करने लगते हैं। आमतौर पर एक्सरसाइज की शुरुआत बच्चे वजन घटाने के लिए करते हैं, लेकिन धीरे-धीरे वजन घटाने की चाहत उनपर इतनी हावी हो जाती है कि वो जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइ करने लगते हैं। बच्चों के लिए एक्सरसाइज करना फायदेमंद है, लेकिन  बहुत अधिक एक्सरसाइज भी नहीं करना चाहिए। इससे बेहतर बच्चों को योगासन करने, आउट डोर गेम्स खेलने, साइकिल चलाने, स्विमिंग करने आदि की आदत डलवाएं।

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