मासिक धर्म न होने का कारण प्रेगनेंसी ही नहीं, इन 5 कारणों से भी रुक सकते हैं आपके पीरियड्स

Updated at: Jun 01, 2020
मासिक धर्म न होने का कारण प्रेगनेंसी ही नहीं, इन 5 कारणों से भी रुक सकते हैं आपके पीरियड्स

अगर आपके मासिक धर्म भी समय से नहीं आ रहे तो आपको इसमें घबराने की जरूरत नहीं है, प्रेगनेंसी के अलावा इन 5 कारणों से भी रुक सकते हैं आपके पीरियड्स।

Vishal Singh
महिला स्‍वास्थ्‍यWritten by: Vishal SinghPublished at: Sep 07, 2018

महिलाओं में बढ़ती उम्र के साथ पीरियड्स की चिंता भी बढ़ती रहती है, अगर किसी महीने उनके पीरियड्स समय से नहीं आते तो महिलाएं काफी परेशान होने लगती है। इसमें से कई महिलाएं ऐसी भी होती हैं जो ये सोचना शुरू कर देती है कि कहीं हम प्रेगनेंट तो नहीं हो गए। लेकिन जरूरी नहीं कि जब आप गर्भावस्था में प्रवेश करें तभी आपके पीरियड्स टल सकते हैं। प्रेगनेंसी के अलावा भी कई और कारण होते हैं जिसकी वजह से आपके पीरियड्स अक्सर टल सकते हैं। 

समय पर पीरियड्स का न आना एक बहुत बड़ी समस्या भी हो सकती है, जिसे लेकर अक्सर महिलाएं चिंतित रहती है और अपने पीरियड्स के समय काफी सतर्क हो जाती है। कई महिलाएं तो पीरियड्स मिस होने पर तुरंत प्रेगनेंसी किट लेकर आती है और जांच करने के बाद ही संतुष्ट हो पाती हैं। लेकिन आपको ये जानना भी जरूरी है कि प्रेगनेंसी के अलावा भी आपके पीरियड्स मिस हो सकते हैं और जिसके कई कारण होते हैं। हम आपको इस लेख के जरिए बताएंगे कि प्रेगनेंसी के अलावा किन कारणों से आपके पीरियड्स मिस होते हैं। 

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पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम (Polycystic ovary syndrome)

जिन महिलाओं में पीसीओएस की स्थिति होती है उनमें अतिरिक्त रोम होते हैं, जिससे प्रक्रिया सामान्य से अधिक समय लेती है। क्योंकि कोई जारी अंडा का मतलब कोई अवधि नहीं है। कुछ दूसरे पीसीओएस लक्षणों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर में वृद्धि और वजन बढ़ना भी शामिल होते हैं। इसी कारण से आपके पीरियड्स आने में भी देरी हो सकती है। 

तनाव (Stress)

तनाव एक ऐसा कारण है जो आपके शरीर की कई चीजों को बिगाड़ सकता है और कई प्रक्रियाओं में बाधा डाल सकता है। तनाव के कारण आपके पीरियड्स पर सीधा असर पड़ता है। तनाव आपके हार्मोन के साथ कहर पैदा कर सकता है, जो बदले में दो मासिक धर्म के बीच कीअवधि को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है। हार्मोन में बदलाव मस्तिष्क के उस हिस्से को भी प्रभावित कर सकता है जो पीरियड्स को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार होते है।

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लोअर बॉडी वेट (Lower body weight) 

बढ़ते और घटते वजन के कारण महिलाओं को पीरियड्स के मिस होने का अनुभव हो सकता है। अगर महिला का वजन उसके सामान्य से कम होता है तो वो ओव्यूलेशन की तारीखों में बदलाव भी कर सकता है। ऐसे में अगर आप वापस से उसी वजन में आते हैं तो ये आपकी तारीखों को भी सामान्य कर सकता है और आपके पीरियड्स समय पर आ सकते हैं।

पेरीमेनोपॉज (Perimenopause)

महिलाओं में वैसे तो इस स्थिति का अनुभव करने का औसत 51 है, लेकिन कई महिलाओं में ये स्थिति उनकी 40 की उम्र में ही हो जाती है। अगर आपकी उम्र 45 साल से कम है और आपके पीरियड्स पूरी तरह से रुक जाते हैं, तो आप जल्दी मेनोपॉज की स्थिति से गुजर सकती हैं।

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डायबिटीज और थायराइड (Diabetes or thyroid)

पीरियड्स मिस होने का एक बहुत बड़ा कारण महिलाओं में डायबिटीज और थायराइड का शिकार होना भी है। अगर कोई महिला डायबिटीज या फिर थायराइड का शिकार होती हैं तो इससे उनके मासिक धर्म पर सीधा असर पड़ता है और उनकी तारीखों में काफी बदलाव हो सकता है। आपको बता दें कि थायराइड आपके पीरियड्स को हल्का, भारी या फिर अनियमित बना सकता है। इसके साथ ही थायराइड आपके पीरियड्स को कई महीनों तक रोक सकता है, इस स्थिति को एमेनोरिया कहते हैं।

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