• shareIcon

मैदे से बने आहार सेहत के लिए क्यों होते हैं खतरनाक, ये हैं 5 कारण

स्वस्थ आहार By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 26, 2018
मैदे से बने आहार सेहत के लिए क्यों होते हैं खतरनाक, ये हैं 5 कारण

आप अक्सर सोचते हैं कि आटा भी गेंहूं को पीसकर बनता है और मैदा भी गेंहूं को पीसकर बनता है, तो आटा फायदेमंद क्यों है और मैदा नुकसानदायक क्यों हैं?

दिन की शुरुआत ब्रेड से हो या रात को दोस्तों की पार्टी में पिज्जा और बर्गर, ज्यादातर समय हमारे खाने में मैदा शामिल होता है। मोमोज, ब्रेड, बिस्किट, पपड़ी, पिज्जा, बर्गर, कुलचे, भटूरे, नान आदि न जाने कितने आहार हैं, जो मैदे से बनते हैं। ये सभी फूड्स आप हर रोज स्वाद लेकर खाते हैं। अक्सर आप ये बात सुनते भी हैं कि मैदा सेहत के लिए हानिकारक होता है मगर फिर भी आपका दिल नहीं मानता है क्योंकि आपको इसके नुकसानों के बारे में पता नहीं है। आइए हम आपको बताते हैं कि क्यों मैदे से बने आहार आपकी सेहत के लिए खतरनाक होते हैं।

आटा फायदेमंद तो गेंहूं नुकसानदायक क्यों?

आप अक्सर सोचते हैं कि आटा भी गेंहूं को पीसकर बनता है और मैदा भी गेंहूं को पीसकर बनता है, तो आटा फायदेमंद क्यों है और मैदा नुकसानदायक क्यों हैं?
दरअसल मैदा और आटा, दोनों बनते तो गेंहूं से ही हैं, मगर इन्हें बनाने के तरीके में अंतर होता है। आटा बनाते समय गेंहूं की ऊपरी गोल्डन पर्त को निकाला नहीं जाता है। ये गोल्डन पर्त डाइट्री फाइबर का सबसे अच्छा स्रोत है। इसके अलावा आटे को थोड़ा दरदरा पीसा जाता है, जिससे गेंहूं में मौजूद पोषक तत्व ज्यादा मात्रा में नष्ट नहीं होते हैं। जबकि मैदा बनाने से पहले गेंहूं की ऊपरी गोल्डन पर्त हटा ली जाती है। इसके बाद गेहूं के सफेद भाग को अच्छी तरह, खूब महीन पीस लिया जाता है, जिससे न तो मैदे में कोई पोषक तत्व बचते हैं और न ही डाइट्री फाइबर होता है।

इसे भी पढ़ें:- अपनाएं डाइट के ये 5 नियम, पेट की हर समस्या से मिलेगा छुटकारा

केमिकल ब्लीच से आती है मैदे में सफेदी

मैदा जितना सफेद और साफ होता है, वैसा पिसे हुए गेंहूं का रंग नहीं होता। ज्यादा सफेदी और चमक लाने के लिए गेंहूं को पीसने के बाद हानिकारक केमिकल्स से ब्लीच किया जाता है, जिसके बाद मैदा तैयार होता है। कैल्शियम परऑक्साइड, क्लोरीन, क्लोरीन डाई ऑक्साइड आदि ऐसे ही ब्लीचिंग एजेंट हैं, जिनका इस्तेमाल मैदे को ब्लीच करने में किया जाता है। इन केमिकल्स का आपकी सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

आंतों में चिपक जाता है मैदा

मैदा बहुत चिकना और महीन होता है, साथ ही इसमें डाइट्री फाइबर बिल्कुल नहीं होता है इसलिए इसे पचाना आसान नहीं होता। सही से पाचन न हो पाने के कारण इसका कुछ हिस्सा आंतों में ही चिपक जाता है और कई तरह की बीमारियों का कारण बन सकता है। इसके सेवन से अक्सर कब्ज की समस्या हो जाती है।

इसे भी पढ़ें:- ये 7 आहार हैं आपकी हड्डियों के दुश्मन, नष्ट करते हैं शरीर में मौजूद कैल्शियम

कोलेस्ट्रॉल और मोटापा बढ़ाता है मैदा

मैदा में स्‍टार्च की मात्रा बहुत अधिक होती है। इसलिए इसे खाने से मोटापा बढ़ता है। बहुत ज्‍यादा मैदा खाने से शरीर का वजन बढ़ना शुरु हो जाता है। यही नहीं इससे कोलेस्‍ट्रॉल और ब्‍लड में ट्राइग्‍लीसराइड स्‍तर भी बढ़ता है। इसलिए अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो यदि अपने आहार में से मैदे को हमेशा के लिये हटा दें। दे में भारी मात्रा में ग्‍लूटन पाया जाता है जो खाने को लचीला बना कर उसको मुलायम टेक्‍सचर देता है, फूड एलर्जी का कारण बनता है।

मैदे से डायबिटीज का खतरा

मैदा खाने से शुगर लेवल तुरंत ही बढ़ जाता है, क्‍योंकि इसमें बहुत ज्‍यादा हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्‍स होता है। तो अगर आप बहुत ज्‍यादा मैदे का सेवन करते हैं, तो पैंक्रियास की फिक्र करना शुरु कर दें।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Healthy Diet in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK