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घर हो या स्कूल, बच्चे को सफल और समझदार बनाना चाहते हैं तो मां-बाप ध्यान रखें परवरिश के ये 5 नियम

Updated at: Dec 09, 2019
परवरिश के तरीके
Written by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Dec 09, 2019
घर हो या स्कूल, बच्चे को सफल और समझदार बनाना चाहते हैं तो मां-बाप ध्यान रखें परवरिश के ये 5 नियम

अगर आप अपने बच्चों को सफल बनाना चाहते हैं, और उनका मन पढ़ाई में लगाना चाहते हैं, तो अपनाएं ये 5 टिप्स

 

हर व्यक्ति चाहता है कि वो जीवन में सफल हो और अपनी सारी इच्छाएं पूरी करे। सभी माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे भी अपने जीवन में सफल हों और बड़े होकर वो एक अच्छे इंसान बनें। उन्हें एक अच्छी परवरिश देना और सफल बनाना एक बहुत ही मुश्किल काम है। अक्सर आप बच्चों को समझाने और उन्हें एक अच्छी शिक्षा देने में कई कोशिश करते हैं। आपको अपने बच्चों को हमेशा उनके भविष्य के लिए सहयोग करना चाहिए। कई बार आप अपने बच्चों को उनकी गलतियों को लेकर डांटते हैं और उन्हें सजा भी देते हैं। लेकिन यह आपके लिए कारगर साबित नहीं होता है और वो आपकी बातें मानना बंद कर देते हैं। अपने बच्चों को सफल बनाने में आपका बहुत अहम हिस्सा होता है, जिन बातों को आप फॉलो करते हैं वो भी उन्हीं से सीख लेते हैं। यहां हम आपको बताएंगे कि कैसे आप अपने बच्चों को जीवन में काबिल और सफल बना सकते हैं।

बच्चों के साथ कुछ देर खेलें

अपने बच्चों को खेलने के लिए प्रोत्साहन देना जरूरी है, लेकिन अगर आप खुद भी उनके साथ खेलेंगे तो आपके रिश्ते के बीच मजबूती आएगी। अपने बच्चों के साथ रोज कुछ देर खेलना उनके लिए अच्छा होगा, क्योंकि उन्हें और ज्यादा प्रोत्साहन मिलेगा। जब आपके बच्चे देखेंगे कि आप भी उनकी तरह खेलना पसंद करते हैं, तो उनमें खेलने की रुचि बढ़ेगी और वो आपको अपने आइडल की तरह मानेंगे। खेल-कूद से आपके बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से तंदुरुस्त रहते हैं, जो आपके बच्चों की पढ़ाई के लिए बहुत जरूरी है। 

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बच्चों पर दबाव न बनाएं

कई बार ऐसा होता है कि आप अपने बच्चों पर परीक्षा के अंकों के लिए दबाव बनाते हैं। लेकिन यह आपके बच्चों का आत्मविश्वास कमजोर कर देता है और आपके बच्चे आपसे डरने के कारण कोई बात आपसे कहने से डरने लगते हैं। ऐसा जरूरी नहीं, आपके बच्चों के अंक ही ये निश्चित करें कि वे आगे जाकर कितने काबिल होंगे। माता-पिता को किसी तरह का तनाव नहीं लेना चाहिए, केवल अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। अक्सर ऐसा होता है कि कई बच्चों को खेल-कूद में ज्यादा रुचि होती है, तो इसके लिए आपको अपने बच्चों से बातचीत करके उनका समर्थन करना चाहिए। 

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गैजेट्स का समय निश्चित करें   

आजकल बच्चे खेल-कूद के साथ-साथ लैपटॉप और मोबाइल चलाना भी पसंद करते हैं। अगर ये एक सीमा तक हो तो बच्चों के लिए अच्छा है, लेकिन मोबाइल की स्क्रीन आपके बच्चों के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। जब बच्चे चाहते हैं कि उनके माता-पिता उन्हें कुछ देर लैपटॉप चलाने दें, तो आपको एक समय निश्चित कर देना चाहिए। उसके बाद उन्हें स्क्रीन के सामने रहने के लिए मना करना चाहिए, क्योंकि ऐसा करना आपके बच्चों की आंखों के लिए हानिकारक है। देर रात तक स्क्रीन के सामने बैठे रहना उनकी हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकता है।

किसी तरह की हिंसा न करें  

जब बच्चे गलतियां करते हैं, तो कई बार आप गुस्से में आकर उन्हें डांटने और मारने लगते हैं। हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, यह आपके बच्चों में डर पैदा कर देता है और वो आपसे कुछ भी कहने में झिझकने लगते हैं। अगर आपके बच्चे कोई गलती करते हैं, तो आपको उन्हें प्यार से समझाना चाहिए और उनकी भी बातें समझने की कोशिश करनी चाहिए। किसी भी प्रकार की हिंसा आपके बच्चों के लिए हानिकारक हो सकती है, इसके कारण वो बीमार भी पड़ सकते हैं और उनकी सेहत भी बिगड़ सकती है।

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बच्चों की नींद पर ध्यान दें

दिनभर की भागदौड़ में आपके बच्चों की नींद पूरी होनी जरूरी है। अगर आपके बच्चे देर रात तक जागते हैं, तो आपको उन्हें जल्दी सुला देना चाहिए और उनकी नींद पर खास ध्यान देना चाहिए। बच्चों की पढ़ाई के लिए जरूरी है कि उनकी नींद पूरी हो, क्योंकि अगर ऐसा न होने से वो पढ़ाई के बीच सुस्त महसूस करेंगे। अगर आपके बच्चों को जल्दी नींद नहीं आती है, तो दिन में उन्हें बाहर खेलने के लिए भेजें इससे वे जल्दी थकान महसूस करेंगे और समय से सोने लगेंगे।

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