Healthy Heart: दिल की सेहत के लिए जरूरी हैं ये 5 न्यूट्रिएंट्स, रोज की डाइट में करें इन्हें शामिल

Updated at: Sep 09, 2020
Healthy Heart: दिल की सेहत के लिए जरूरी हैं ये 5 न्यूट्रिएंट्स, रोज की डाइट में करें इन्हें शामिल

दिल की सेहत के लिए जरूरी है कि आप अपने खाने में उन चीजों को भी शामिल करें, जिनमें ये न्यूट्रिएंट्स हों।

Pallavi Kumari
हृदय स्‍वास्‍थ्‍यWritten by: Pallavi KumariPublished at: Sep 09, 2020

स्वस्थ भोजन शरीर में हृदय रोगों के विकास के जोखिम को कम कर सकता है। इसलिए दिल को स्वस्थ रखने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर फल और सब्जियों को सही मात्रा में सेवन करना बेहद जरूरी है। साथ ही कम फैट वाले खाद्य पदार्थ का संतुलन भी दिल को स्वस्थ रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दरअसल आपकी दिल की सेहत कोलेस्ट्रॉल के संतुलन पर निर्भर करती है। जिसमें उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (एचडीएल) और कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (एलडीएल) खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं। इन दोनों में संतुलन को बनाए रखने के लिए शरीर को कुछ जरूरी न्यूट्रिएंट्स की भी जरूरत होती है। तो, आज हम आपको ऐसे कुछ न्यूट्रिएंट्स के बारे में बताएंगे, जो आपके कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखेगा और ये आपके हार्ट हेल्थ (Foods For Healthy Heart) के लिए भी फायदेमंद हैं।

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1. विटामिन K

यह ब्लड वेसल्स के कैल्सीफिकेशन को रोकता है और प्रोटीन को सक्रिय करता है। विटामिन K शलजम, कोलार्ड्स, सरसों के हरे पत्ते, अजमोद, ब्रुसेल्स, स्प्राउट्स, ब्रोकोली, फूलगोभी, गोभी, मछली के जिगर, मांस, अंडे, कीवी, एवोकैडो, ब्लैकबेरी और अनार में पाया जाता है। इसे खाना शरीर में कोलेस्ट्रॉल के संतुलन को बेहतर बनाए रखता है।

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2. कैल्शियम और जिंक

यह ऑक्सीडेटिव तनाव से निपटने की हृदय की क्षमता को प्रभावित करता है। जिंक युक्त भोजन मांस, शंख, फलियां, बीज, नट, डेयरी, अंडे, साबुत अनाज में पाए जाते हैं। यह हृदय की विद्युत गतिविधि और पम्पिंग फंक्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं कैल्शियम के कण हृदय की मांसपेशियों की कोशिकाओं में प्रवेश करने के लिए जाने जाते हैं और विद्युत संकेतों में योगदान करते हैं जो हृदय के कार्यों का समन्वय करते हैं। कैल्शियम युक्त भोजन जैसे पनीर, दही, दूध, सोयाबीन, टोफू, नट्स, दूध की ब्रेड और मछली का सेवन करना चाहिए।

3. क्वेरसेटिन

क्वेरसेटिन फल और सब्जियों में मौजूद फ्लेवोनॉयड या पौधे को रंग देने का काम करते हैं। हृदय रोगों पर इसका एंटीऑक्सिडेंट प्रभाव होता है। यह रक्त वाहिका कोशिका स्वास्थ्य और रक्त प्रवाह को सही से चलाने वाली धमनियों में सुधार करता है। क्वेरसेटिन लाल और सफेद प्याज, चेरी, लाल सेब, लाल अंगूर, ब्रोकोली और काली चाय में पाया जाता है।

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4.एन-एसिथाइलसिस्टीन

यह हृदय में ऊतकों को ऑक्सीडेटिव क्षति को कम करता है। यह नाइट्रिक ऑक्साइड उत्पादन भी बढ़ाता है जो नसों को रक्त प्रवाह को पतला और बेहतर बनाने में मदद करता है। एन-एसिटाइलसिस्टीन चिकन, टर्की, दही, पनीर, अंडे, फलियां और सूरजमुखी के बीज में पाए जाते हैं।

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5.मोनो अनसेचुरेडेट फैट

मोनो अनसेचुरेडेट फैटएमयूएफए के रूप में भी जाना जाता है, वे दिल के लिए स्वस्थ हैं। मोनोअनसैचुरेटेड वसा एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करने और एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। वे हमारी कोशिकाओं के विकास और रखरखाव में मदद करते हैं। खाना पकाने के तेल में, जैतून का तेल, कैनोला तेल, मूंगफली का तेल, कुसुम तेल और तिल का तेल मोनोअनसैचुरेटेड फैट के अच्छे स्रोत हैं। अन्य स्रोतों में बादाम, मूंगफली, अखरोट और एवोकाडो जैसे नट्स शामिल हैं। ये नट्स स्वस्थ तेलों के अलावा अन्य पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं जो दिल के लिए बहुत फायदेमंद हैं।

इन सबके अलवा एमिनो एसिड धमनियों के सख्त होने से जुड़ा हुआ है, जो कोरोनरी धमनी रोगों का मुख्य कारण है। शोध से पता चला है कि विटामिन-बी होमोसिस्टीन और फोलिक एसिड के स्तर को कम करता है और धमनियों की दीवारों का मोटा होने से बचाता है। क्लिनिकल न्यूट्रीशन की पत्रिका में एक मेटा-विश्लेषण से पता चला है इसे कम करना स्ट्रोक के जोखिम को 12% कम करता है। इसलिए साग, पालक, पुदीना, चने और सोया जैसे फोलिक एसिड के अच्छे स्रोत को खाने में जरूर शामिल करें।

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