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फ्लू वैक्सीन से जुड़े ये पांच झूठ, जिसे लोग अक्‍सर मानते हैं सच

अन्य़ बीमारियां By जितेंद्र गुप्ता , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 20, 2019
फ्लू वैक्सीन से जुड़े ये पांच झूठ, जिसे लोग अक्‍सर मानते हैं सच

इन्फ्लुएंजा (फ्लू) एक संक्रामक श्वसन बीमारी है, जो कि इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होती है। फ्लू छोटी से गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है। यह संक्रमण व्यक्ति से व्यक्ति में आसानी से फैलती है। 

इन्फ्लुएंजा (फ्लू) एक संक्रामक श्वसन बीमारी है, जो कि इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होती है। फ्लू छोटी से गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है। यह संक्रमण व्यक्ति से व्यक्ति में आसानी से फैलती है। संक्रमण आमतौर पर लगभग एक सप्ताह तक रहता है और इससे अचानक तेज बुखार, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, खांसी और गले में खराश जैसी समस्याएं होती हैं।

फ्लू बच्चों, गर्भवती महिलाओं, वृद्धों और कभी कभार स्वस्थ व्यक्तियों को भी होता है इसलिए इसका टीका लगाना बेहद जरूरी है लेकिन समाज में इससे जुड़े कई मिथक है, जिनमें से पांच मिथकों के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं, जोकि इसप्रकार हैं, 

 

मिथक 1-   इंफ्लुएंजा (फ्लू) गंभीर नहीं, इसलिए वैक्सीन की जरूरत नहीं। 

तथ्य - फ्लू के कारण हर साल साढ़े छह लाख लोगों की मौत हो जाती है। यह केवल सांस लेने संबंधी मौतों को दर्शाता है इसलिए इसका प्रभाव और ज्यादा हो सकता है। फ्लू से स्वस्थ लोग भी प्रभावित हो सकते हैं लेकिन खासतौर पर वे लोग इसकी चपेट में आते हैं, जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। अधिकतर लोग कुछ सप्ताह के भीतर ठीक हो जाते हैं लेकिन कुछ में साइनस, कान का संक्रमण, निमोनिया, दिल व मस्तिष्क में सूजन और जलन हो सकती है।  

मिथक 2- फ्लू वैक्सीन से हो सकता है फ्लू।

तथ्य - फ्लू वैक्सीन वाले इंजेक्शन में एक निष्क्रिय वायरस होता है, जिससे आपको इन्फ्लूएंजा या फ्लू नहीं हो सकता। अगर आपको दर्द महसूस हो रहा है या हल्का बुखार लग रहा है तो वैक्सीन से इम्यून सिस्टम पर होनी वाली यह  सामान्य प्रक्रिया है और यह बमुश्किल एक या दो दिन रहता है। 

मिथक 3- फ्लू वैक्सीन से हो सकते हैं गंभीर साइड इफेक्ट।  

तथ्य - फ्लू वैक्सीन बिल्कुल सुरक्षित साबित हो चुकी है। बहुत ही दुर्लभ मामलों में इसके साइड इफेक्ट सामने आते हैं। लाखों में एक को गिलैन-बारे सिंड्रोम (जीबीएस) हो सकता है, जिससे मांसपेशियों में कमजोरी और लकवा हो सकता है। 

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मिथक -4 वैक्सीन लगवाई थी लेकिन फ्लू अभी भी है, इसने काम नहीं किया।

तथ्य - हर वक्त हवा में कई फ्लू वायरस फैले रहते हैं, इसलिए वैक्सीन के बाद लोगों को फ्लू हो जाता है क्योंकि वैक्सीन किसी एक विशिष्ट फ्लू के लिए लगाया जाता है। हालांकि वैक्सीन लगाए जाने के बाद फ्लू से सुरक्षा की संभावना बढ़ जाती है। कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों के लिए संक्रमण को रोकना बेहद जरूरी है। 

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मिथक 5- गर्भावस्था के दौरान फ्लू वैक्सीन नहीं लगाना चाहिए

तथ्य - गर्भवती महिलाओं को फ्लू वैक्सीन अत्यंत लगाना चाहिए क्योंकि उनका इम्यून सिस्टम सामान्य के मुकाबले कमजोर होता है। निष्क्रिय फ्लू वैक्सीन गर्भावस्था के किसी भी चरण पर सुरक्षित है।

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