बारिश में समोसे खाने का कर रहा है मन, जरा रुकिए...

Updated at: Aug 31, 2016
बारिश में समोसे खाने का कर रहा है मन, जरा रुकिए...

जैसे ही बारिश होती है और बरसात की भीनी-भीनी खुशबू आती है, तो लोग खुद को समौसे, पकौड़ों और गोल-गप्पे खाने से रोक ही नहीं पाते। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मानसून के ये स्नैक्स सेहत पर भारी पड़ सकते हैं।

Rahul Sharma
स्वस्थ आहारWritten by: Rahul SharmaPublished at: Jun 26, 2015

अकसर भारतीय घरों में जब फिर रहने और मोटापा कंट्रोल करने की बात होती है, तो फ्रेंच फ्राइज़, बर्गर, पिज्जा को रसोई निकाला दे दिया जाता है। लेकिन जैसे ही बारिश होती है और बरसात की भीनी-भीनी खुशबू आती है, तो लोग खुद को समौसे, पकौड़ों और गोल-गप्पे खाने से रोक ही नहीं पाते। बल्कि उल्टा बारिश के बाते ही घर में पकौड़े बनाने के लिये कढ़ाई गैर पर लगा दी जाती है। लेकिन फ्रेंच फ्राइज़, बर्गर, पिज्जा छोड़ कर आपने जो सेहत कमाई थी, इन मानसून को खाकर आप वो बरबाद ही कर रहे होते हैं। चलिये आज जानते हैं मानसून के 5 स्‍नैक्‍स जो सेहत के लिये नुकसानदायक होते हैं।

street food in hindi

                                                                                                                   बचे तेल के बार-बार इस्‍तेमाल के नुकसान

पकौड़े

बरसात के मौसम में अगर चाय के साथ पकौड़े मिल जाएं तो हम भारतीय लोगों का दिन बन जाता है। इस मौसम में लगभग हर घर में शाम के समय नाश्‍ते में आपको पकौड़े देखने को मिल जायेगें। हालांकि पूरा परिवार इसके स्‍वाद के चटकारे लगा रहा होता है, लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि इससे शरीर में खराब कोलेस्‍ट्रॉल बहुत बढ़ता है और मोटापा बढ़ने के साथ अच्‍छे कोलेस्‍ट्रॉल में कमी आने लगती है।  

 


समोसा

चाहे जन्‍मदिन की पार्टी हो, ऑफिस में शाम की चाय-नाश्‍ता या घर में कोई कार्यक्रम, आपको लगभग सभी की प्‍लेट में एक या दो समोसे देखने को मिल ही जायेगें। लेकिन आपको बता दें कि तेल में डीप फ्राई किये हुए समोसे का एक टुकड़ा लगभग 25 ग्राम फैट से भरा होता है, जोकि आपको काफी नुकसान पहुंचाता है। कई अध्ययन बताते हैं कि समोसा किसी भी दूसरे स्नैक्स के मुकाबले ज्यादा फैट बढ़ाता है। साथ ही इसको खाने से कोलेस्ट्रॉल भी काफी बढ़ता है।


भुजिया

आलू भुजिया का कम कीमत में आने वाला पैकेट सभी आयु के भारतीयों के पसंदीदा टाइम पास में से एक होता है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि भुजिया की पैकेजिंग के दौरान इसे खराब होने से बचाने के लिये इस्तेमाल की संरक्षक की मात्रा, आपके कोलेस्ट्रॉल के स्तर को काफी बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा, यह शरीर में रक्तचाप और शुगर के स्तर को बढ़ाकर आपकी सेहत के लिये हानिकार साबित हो सकता है।

                                                                                                                          

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पानी-पूरी

पानी-पूरी हमेशा से हम भारतीयों की कमजोरी रही है, खासतौर पर लड़कियों की। लेकिन इस कमजोरी का आपके स्‍वास्‍थ्‍य को भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। डीप फ्राई की हुई ये पूरियां आपके लिए पूरी तरह से अस्‍वस्‍थ हैं। साथ ही इसकी चटनी और पानी आपको पेट के लिये हानिकारक होता है।


छोले-भठूरे

छोले भठूरे के नाम से ही हम सभी के मुंह में पानी आ जाता है। लेकिन आपको बता दें कि, यह स्वादिष्ट खाना बरसात में भले ही आपका दिन बना दे, लेकिन ये संतृप्त वसा और कैलोरी से भरपूर होता है। 2 भठूरे और एक कटोरी छोले में लगभग 1200 कैलोरी और 50 ग्राम फैट होता है। और इसको खाने के तुरंत बाद कई बार आपको अम्लता और जलन का अनुभव भी होता है।


फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के द्वारा वेस्ट और सेंट्रल दिल्ली की 100 चाट की दुकानों से लिये गए सैंपल में हानिकारक कॉलीफॉर्म बैक्टीरिया की मात्रा बहुत ज्यादा पाई गई। समोसे, गोलगप्पे, मोमोज, बर्गर आदि में कॉलीफॉम बैक्टीरिया की संख्या 2400 तक पाई गई, जबकि सामान्य तौर पर ये संख्या महज 50 या इससे कम होनी चाहिए थी। खाद्य पदार्थों में रोग फैलाने वाले जो बेक्टीरिया पाए गए, उनमें बेसिलियस सीरस, क्लॉस्ट्रीडियम पेरीफ्रिन्जेन्स, स्टेफीलोकॉकर ऑरस और सल्मॉनेला स्पेसीज शामिल थे।


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