Subscribe to Onlymyhealth Newsletter
  • I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.

स्तनपान कराने वाली मांएं ध्यान रखें ये 5 बातें, आपका नवजात शिशु रहेगा सेहतमंद और स्वस्थ

नवजात की देखभाल By शीतल बिष्ट , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 22, 2019
स्तनपान कराने वाली मांएं ध्यान रखें ये 5 बातें, आपका नवजात शिशु रहेगा सेहतमंद और स्वस्थ

नवजात बच्‍चे के लिए मां का दूध उसका पहला आहार होता है, उसी से शिशु को सभी पोषक तत्‍व मिलते हैं। ऐसे में बेहद जरूरी है कि स्‍तनपान कराने वाली मां अपने आहार और खानपान का विशेष ध्‍यान रखे। जिससे जच्‍चा-बच्‍चा दोनों स्‍वस्&

बच्‍चे के जन्‍म के बाद उसका पहला आहार मां का दूध होता है। मां के दूध में वह सभी पोषक तत्‍व मौजूद होते हैं, जो बच्‍चे के संपूर्ण विकास में सहायक होते हैं। जन्‍म के छ: माह तक बच्‍चा पूरी तरह मां के दूध पर निर्भर रहता है। इसलिए मां का दूध उसके लिए बहुत जरूरी होता है, ऐसे में स्‍तनपान कराने वाली मां को भी अपने आहार और खानपान का विशेष रूप से ध्‍यान रखना चाहिए। स्‍तनपान कराने वाली मां को उस दौरान पौष्टिक आहार और खानपान में सावधानियां बरतने की आवश्‍यकता होती है। क्‍योंकि स्‍तनपान के दौरान महिला के खानपान का सीधा असर दूध पर पड़ता है। यदि आपका खानपान सही होगा, तो दूध की मात्रा और गुणवत्‍ता में असर पड़ेगा और यदि आपका खानपान गलत होता है तो उससे बच्‍चे की स्‍वास्‍थ्‍य पर भी प्रभाव पड़ता है। 

प्रोटीन युक्‍त आहार 

स्‍तनपान कराने वाली महिलाओं को सामान्‍य से अधिक मात्रा में कैलरी की जरूरत होती है। इसलिए उन्‍हें संतुलित आहार लेना चाहिए। जिसमें कि सभी प्रकार के विटामिन, मिनरल, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट्स जैसे सभी पोषक तत्‍व शामिल हों। स्‍तनपान कराने वाली महिलाओं को करीब 70-80 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। इससे मां के साथ बच्‍चे के विकास में मदद मिलती है। र्प्‍याप्‍त मात्रा में बच्‍चे के लिए मां का दूध मांसपेशियों, कोशिकाओं और वजन को बढ़ाने के लिए जरूरी है। 

डीएचए स्‍तर 

दूध पिलाने वाली महिलाओं को अपने आहार में मांस, अंडा व मछली को शामिल करना चाहिए। मछली को डीएचए का अच्‍छा स्‍त्रोत माना जाता है। मछली में आवश्‍यक अमीनो एसिड की भरपूर मात्रा के कारण यह प्रोटीन का भी अच्‍छा स्‍त्रोत है। स्‍तनावाप कराने वाली महिलाओं के लिए डीएचए आवश्‍यक है। यदि ऐसे में आप कोई हेल्‍थ ड्रिंक या टॉनिक लेती हैं, तो सुनिश्चित कर लें कि उसमें डीएचए जरूर हो।  अध्‍ययनों के अनुसार ज्‍यादातर महिलाओं के दूध में डीएचए लेवल बहुत कम होता है। मां के दूध में डीएचए का सीधा संबंध मां की खुराक से जुड़ा होता है। मां के दूध में मौजूद डीएचए लेवल बच्‍चे के शरीरिक व मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के साथ साइकोमोटर विकास के लिए जरूरी है। 

आयरन, कैल्‍सियम और विटामिन डी 

कई महिलाओं में स्‍तनपान कराने में दिक्‍कतें आती हैं, ऐसे में दूध की मात्रा में वृद्धि के लिए आयरन बहुत जरूरी है। क्‍योंकि आयरन की कमी से हाने वाला एनिमिया रोग मां के दूध पर बुरा प्रभाव डालता है। इसलिए स्‍तनपान कराने वाली महिला को उच्‍च मात्रा में आयरन लेना चाहिए। जैसे महिला को अपने खानपान में दालें, हरी सब्जियां, मांस व अंडा शामिल करना चाहिए। इसके अलावा महिला को कैल्सियम और विटामिन डी भी भरपूर मात्रा में लेना चाहिए।  

इसे भी पढें: नवजात शिशु की सही देखभाल के लिए ये हैं 4 बेस्ट 'बेबी केयर टिप्स', रखें ध्यान

दूध उत्‍पादन के लिए गैलेक्टोगोगस 

स्‍तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए गैलेक्टोगोगस से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन दूध उत्‍पादन में वृद्धि के लिए फायदेमंद है। ऐसे में महिलाओं को मेथी का पानी या उससे बनें लड्डू, सौंप, बादाम का हलवा, जीरा, सफेद तिल के लड्डू, अजवाइन, ड्राईफ्रूट्स से तैयार मसाले का सेवन करना चाहिए। यह महिलाओं में दूध उत्‍पादन के साथ आयरन, कैल्शियम जैसे पोषक तत्‍वों की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही जच्‍चा-बच्‍चा दोनों के लिए लाभदायक होते हैं। इन चीजों का सेवन महिला को सीमित मात्रा में करना चाहिए, क्‍योंकि इनमें फैट व कैलरी ज्‍यादा मात्रा में होती है।   

 

स्‍तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए जरूरी बातें

  • स्‍तनपान कराने वाली महिलाओं को अधिक भूख लगना स्‍वाभाविक होता है। यदि आपको भूख कम भी लगे, तो भी दिन में तीन बार जरूर खाना खाएं।
  • ज्‍यादा शुगर और फैट वाले खाने से परहेज करें। यानि कम मात्रा में ही लें, तो बेहतर होगा। 
  • स्‍तनपान कराने वाली महिलाएं जंक फूड्स जैसे चिप्‍स, कोल्‍ड ड्रिंक्‍स या पिज्‍जा बर्गर के सेवन से बचें। 
  • यदि आप स्‍तनपान करवाती हैं, तो आप किसी भी नशीले पदार्थों का सेवन न करें। 
  • व्‍यायाम को अपनी दिनचर्या का अहम हिस्‍सा बनाएं। 

इसे भी पढें:वजात बच्चों में अपच, उल्टी और पेट दर्द की समस्या से ऐसे पाएं छुटकारा, जानें 5 जरूरी टिप्स

Read More Article On New Born Care In Hindi 

Written by
शीतल बिष्ट
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागMay 22, 2019

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK