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इन 5 हेल्थ प्रॉब्लम्स से हो सकती हैं आंखों की ये बीमारियां

आंखों के विकार By Priyanka Dhamija , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 26, 2017
इन 5 हेल्थ प्रॉब्लम्स से हो सकती हैं आंखों की ये बीमारियां

ग्लॉकोम (आंख की रोशनी कम होने की  बीमारी), कैटरैक्ट (मोतियाबिंद) आदि आंखों की कुछ ऐसी परेशानियां हैं, जिन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए। आपको बता दें कि कुछ ऐसी वजहें होती हैं, जिनके चलते आंखों की बीमारियां लग सकती हैं। ये हैं वो 5 वजहें।<

आंखें हमारे शरीर का वो हिस्सा हैं, जो सेंट्रल नर्वस सिस्टम से कनेक्टिड है। हमारी बॉडी को अगर कुछ होता है, तो उसका नेगेटिव असर आंखों पर भी पड़ सकता है। जब आप शीशे में खुद को देखते हैं, और आपको आंखों में कुछ अजीब दिखता है, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें, क्योंकि कई बार हम समझ नहीं पाते कि क्या हुआ है और परेशानी को यूं ही छोड़ देते हैं। जबकि यह सीरियस भी हो सकता है। ग्लॉकोम (आंख की रोशनी कम होने की  बीमारी), कैटरैक्ट (मोतियाबिंद) आदि आंखों की कुछ ऐसी परेशानियां हैं, जिन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए। आपको बता दें कि कुछ ऐसी वजहें होती हैं, जिनके चलते आंखों की बीमारियां लग सकती हैं। ये हैं वो 5 वजहें।

इस काम से आंखों को बुढ़ापे तक चश्‍मे की जरूरत नहीं पड़ेगी!

1- हाई कोलेस्ट्रॉल

हाई कोलेस्ट्रॉल का असर आपकी आंखों की रोशनी पर हो सकता है। इसमें आपको कभी ठीक से दिखाई देगा और कभी नहीं। यानी आंखों की आर्टरीज़ में ठीक से ब्लड सर्कुलेशन न होने के चलते, आपको आंखों की यह दिक्कत हो सकती है। इसमें ब्राइट लाइट में भी आप ठीक से नहीं देख पाते हैं। आंखों में दर्द भी होता है और पीले रंग का कोलेस्ट्रॉल आप आंखों के ऊपर या कॉर्नर्स में जमा हुआ भी देख सकते हैं।

2- थाइरॉइड

आपकी गर्दन में थाइरॉइड ग्लैंड्स होते हैं, जो तितली की शेप में बने होते हैं। इसमें से थायरॉइड हार्मोन निकलता है जो हमारे मेटाबॉलिज्म को बैलेंस करता है। थायरॉइड हार्मोन के कम या ज्यादा निकलने से अनेक प्रकार की शारीरिक परेशानियां होने लगती हैं। इसमें आंखों से जुड़ी दिक्कत भी हो सकती है, जैसे आंखों की मांसपेशियों में सूजन। इस वजह से जिन लोगों को थाइरॉइड होता है, उनकी आंखें बाहर निकली हुई होती हैं। थाइरॉइड के मरीज़ों को डबल विज़न यानी एक चीज़ दो भी दिख सकती हैं। कई लोगों को आंखों में ऐसी दिक्कत होती है कि उनकी आंखें पूरी तरह से बंद नहीं हो पातीं।

3- डायबिटीज़

जिन लोगों को डायबिटीज़ होने का रिस्क या फिर डायबिटीज़ हो, उन्हें अपनी आंखें रेगुलर टेस्ट करवानी चाहिए। डायबिटीज़ के कारण मोतियाबिंद होने के चांस भी काफी ज़्यादा बड़ जाते हैं। सिर्फ यही नहीं, कई लोगों की आंखों की रोशनी भी कम होने लगती है।

4- स्ट्रोक

अगर आपकी आंखों की रोशनी एकदम चली जाती है, तो ऐसा हो सकता है कि आपको दौरा आने वाला हो, या फिर यह भी कि आपको आ चुका हो और पता भी ना लगा हो। वैसे तो स्ट्रोक के चलते अक्सर एक आंख की रोशनी ही जाती है, लेकिन कई केसिस में दोनों आंखों की रोशनी भी चली जाती है। स्ट्रोक से आपकी आंखें ऐसी प्रभावित होती हैं कि एक चीज़ दो भी दिखने लग जाती हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि स्ट्रोक से आपकी आंखों की नर्व्स डैमेज हो जाती हैं। हाई ब्लड प्रेशर के कारण एक आंख में भी स्ट्रोक आ सकता है और दिखना बंद हो सकता है।


5-रेटिनल माइग्रेन

यह वैसा नहीं है जैसा सिर में होता है। इसमें आपको ब्लैक स्पॉट्स दिखाई देते हैं। ऐसा कुछ मिनटों के लिए होता है। इसमें आपको आंखों में दर्द हो भी सकता है और नहीं भी। कई बार आपको ऐसा भी लग सकता है कि आंखों के सामने लाइट फ्लैश हो रही है और कुछ भी ठीक से दिखता नहीं है। इसमें आपको सिरदर्द इन लक्षणों के आने से पहले या बाद में भी हो सकता है।

 

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