• shareIcon

इन 5 फल-सब्जियों के छिलके खाएं और पाएं डिप्रेशन- दिल की बीमारियों से छुटकारा, जानें अन्य फायदे

स्वस्थ आहार By शीतल बिष्‍ट , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 05, 2019
इन 5 फल-सब्जियों के छिलके खाएं और पाएं डिप्रेशन- दिल की बीमारियों से छुटकारा, जानें अन्य फायदे

यह बात तो सभी जानते होंगे कि फल-सब्जियां स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद होती हैं, लेकिन इन बात से शायद ही आप अवगत हों कि फल-सब्जियों के साथ-साथ उनके छिलके भी आपके सेहत को दुरूस्‍त रखने में मदद कर सकते हैं। आप इन 5 सब्जियों-फलों के छि

यह बात तो सभी जानते होंगे कि फल-सब्जियां स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद होती हैं, लेकिन इन बात से शायद ही आप अवगत हों कि फल-सब्जियों के साथ-साथ उनके छिलके भी आपके सेहत को दुरूस्‍त रखने में मदद कर सकते हैं। जी हां कई अध्‍ययनों में पाया गया है, कि न केवल फल-सब्जियां, बल्कि उनके छिलके भी आपको कई बीमारियों से दूर रखने में मददगार हैं। आइए जानते हैं कि आपको किन-किन फल व सब्जियों के छिलकों का किस तरह सेवन करना चाहिए। 

कोलेस्‍ट्रॉल कंट्रोल रखे संतरे का छिलका

संतरे के छिलके का इस्‍तेमाल त्‍वचा संबंधी समस्‍याओं को दूर करने के लिए किया जाता है लेकिन यही संतरा या मौसमी का छिलका आपके कोलेस्‍ट्रॉल को कंट्रोल रखने में मदद कर सकती है। जी हां रॉयल सोसाइटी ऑफ मेडिसन के अनुसार, संतरे या मौसमी जैसे फल के छिल्‍के में सुपर-फ्लैवोलॉयड पाया जाता है, जो कि शरीर में बैड कोलेस्‍ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। इसके लिए आप संतरे या मौसमी के छिलके का जूस बनाकर सेवन कर सकते हैं या फिर आप चाहें, तो इसके छिलके को कद्दू कस करके सूप या सब्‍जी में मिलाकर सेवन कर सकते हैं। 

डिप्रेशन को दूर करे केले का छिलका

आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन केले का छिलका आपके तनाव को दूर करने में मदद कर सकता है। क्‍योंकि केले के छिलके में फील गुड हार्मोन 'सेरोटोनिन' पाया जाता है। सेरोटोनिन एक महत्वपूर्ण ब्रेन-केमिकल है, जो आपके मूड को बेहतर बनाता है और आपकी उदासी को दूर करने के साथ आपको डिप्रेशन या तनाव को दूर करने में मदद करता है। इसके साथ ही इसमें 'ल्‍यूटिन' नामक एंटीऑक्‍सीडेंट्स भी मौजूद होते हैं, जो कि आपकी आंखों को अल्‍ट्रावायलेट किरणो से बचाकर मोतियाबिंद के खतरे को कम करता है। इसके लिए आप केले के छिलके को 1 गिलास पानी में डालकर 10 मिनट के लिए उबालें और फिर ठंडा करने के बाद आप इस पानी को पिएं। 

इसे भी पढें: पाचन क्रिया को दुरूस्‍त और कोलेस्‍ट्रॉल लेवल कम करती है बाजरे की खिचड़ी, जाने बनाने का सही तरीका

पौष्टिक तत्‍वों से भरपूर आलू का छिलका

आमतौर पर आप में से अधिकतर लोगों ने आलू के छिलके का उपयोग डार्क सर्कल्‍स को दूर करने के लिए सुना होगा। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि आलू के छिलके में कितने पौष्टिक तत्‍व पाये जाते हैं, जो कि शरीर को कई बीमारियों से दूर रखने में मदद करता है। इसलिए यदि आप आलू का छिलका निकालकर सब्‍जी बनाते हैं, तो इस आदत को छोड़ दे और आलू की छिलके सहित सब्‍जी बनाएं। यदि आलू की सब्‍जी पसंद न हो, तो आप आलू के चिप्‍स बनाकर भी खा सकते हैं। इससे आपको आयरन, विटामिन सी, जिंक और पोटैशियम भरपूर मात्रा में मिलेगा। 

दिल को दुरूस्‍त रखे लहसुन का छिलका  

लहसुन का छिलके आप में से अधिकतर लोग, तो फेंकते ही होंगे। लेकिन 'द जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन' में छपे एक शोध में लहसुन के छिलके में ‘फिनायलप्रॉपेनॉयड’ नाम के एंटीऑक्सीडेंट्स पाये जाते हैं, जो कि ब्‍लड प्रेशर के साथ ही लो-डेन्सिटी लाइपोप्रोटीन यानी बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने के साथ आपको दिल संबंधी बीमारियों से दूर रखता है। इसके लिए आप रोजाना दो कली लहसुन की छिलके के साथ खाएं। इसके अलावा, लहसुन ब्‍लड प्रेशर कंट्रोल करने, डायबिटीज व कैंसर से बचाव में मददगार है।  

इसे भी पढें: बच्‍चों को फास्‍ट फूड की आदत से दूर रखने के लिए खिलाएं घर के बने ये 4 हेल्‍दी स्‍नैक्‍स

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है कद्दू का छिलका 

कद्दू का छिलका रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार है। कद्दू में मौजूद बीटा कैरोटीन फ्री-रैडिकल्स का खात्मा कर कैंसर से बचाव करने में मददगार है साथ ही इसमें मौजूद जिंक अल्ट्रावायलेट किरणों से स्किन सेल्‍स की रक्षा करने के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायता करता है। इसके लिए आप कद्दू का छिलका मुलायम हो तो सब्जी के साथ पकाएं और अगर सख्‍त हो, तो छीलकर धूप में सुखाएं। इसके बाद आप ओवन में भूनकर चिप्स के रूप में इसका सेवन कर सकते हैं। 

Read More Article On Healthy Diet In Hindi 

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK