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कैंसर को रोकने और कीमोथेरेपी के दुष्‍प्रभावों को कम करने में मददगार हैं ये 5 फल

स्वस्थ आहार By शीतल बिष्‍ट , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 29, 2019
कैंसर को रोकने और कीमोथेरेपी के दुष्‍प्रभावों को कम करने में मददगार हैं ये 5 फल

किसी भी बीमारी में इंसान पर दवा तब काम करती है, यदि वह सकारात्‍मक रहे और उसका खानपान सही हो। ठीक ऐसे ही इस बात से शायद ही कोई व्‍यक्ति अंजान हो कि आपका आहार कैंसर के विकास के खतरे को प्रभावित कर सकता है। आइए आज हम आपको कैंसर के इलाज के दौर

किसी भी बीमारी में इंसान पर दवा तब काम करती है, यदि वह सकारात्‍मक रहे और उसका खानपान सही हो। ठीक ऐसे ही इस बात से शायद ही कोई व्‍यक्ति अंजान हो कि आपका आहार कैंसर के विकास के खतरे को प्रभावित कर सकता है। कैंसर से उबरने या ठीक होने के लिए दवाओं के साथ स्वस्थ खाद्य-पदार्थों का सेवन करना भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। फलों के साथ कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे हैं, जो स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मददगार होत हैं, जो ट्यूमर के विकास को धीमा कर सकते हैं और कैंसर के इलाज के कुछ दुष्प्रभावों को कम करने में मदद कर सकते हैं। आइए आज हम आपको कैंसर के इलाज के दौरान मददगार 5 सबसे अच्‍छे फलों के बारे में बता रहे हैं। 

कैंसर में क्‍यों फायदेमंद हैं फल? 

कैंसर के उपचार के दौरान कीमोथेरेपी और रेडिएशन जैसे कैंसर उपचार कई दुष्प्रभाव पैदा करते हैं, जिनसे निपटने और उपचार के दुष्‍प्रभावों में कमी के लिए आपका खानपान बहुत मायने रखता है। कीमोथेरेपी और रेडिएशन के सामान्य दुष्प्रभावों में थकान, खून की कमी, जी मिचलाना, उल्टी, भूख में बदलाव, दस्त, कब्‍ज, मुंह का सूखना, मुंह में छाले, तनाव आदि शामिल हैं। ऐसे में फलों के साथ पौष्टिक खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करने से कैंसर उपचार के दौरान आपके शरीर को विटामिन, खनिज, और एंटीऑक्सिडेंट की आपूर्ति करने में मदद मिलती है।

ब्लूबेरी

ब्लूबेरी एक पौष्टिक पावरहाउस है, जिसमें कि फाइबर, विटामिन सी और मैंगनीज भरपूर मात्रा में होता है और यह एंटीऑक्सिडेंट से भी समृद्ध है। ब्लूबेरी कैंसर के विकास से लड़ने और कीमो ब्रेन को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है, जिसका उपयोग कैंसर के इलाज के कारण याददाश्त और एकाग्रता में कमी के लिए किया जाता है।

केला 

कैंसर से उबरने के लिए केला एक बेहतरीन डाइटरी एडिशन हो सकता है। केला विटामिन बी 6, मैंगनीज और विटामिन सी के साथ कई महत्वपूर्ण पोषक तत्वों का एक अच्छा स्रोत है। इसके अलावा, केले में एक प्रकार का फाइबर होता है जिसे पेक्टिन कहा जाता है। अध्ययनों में पाया गया है कि पेक्टिन पेट के कैंसर की कोशिकाओं के विकास को कम करने और बचाव में मदद कर सकता है। 

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नाशपाती 

स्वाद से भरपूर नाशपाती न केवल डायबिटीज, बल्कि कैंसर से लड़ने में भी मदद कर सकती है। इसमें फाइबर, मैग्‍नीशियम, विटामिन सी, और विटामिन के भरपूर मात्रा मे होता है। सेब और नाशपाती जैसे फलों का अधिक सेवन फेफड़ों के कैंसर के विकास को कम करने से जुड़ा है। नाशपाती में एंथोसायनिन होता है, जो कैंसर के विकास और ट्यूमर के गठन को कम करने से में मददगार साबित हो सकती है। 

ग्रेपफ्रूट 

ग्रेपफ्रूट या चकोतरा एक पौष्टिक तत्‍वों से भरपूर फल है, जो एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन्‍स और मिनरल्‍स से भरा हुआ है। इसमें विटामिन सी, प्रोविटामिन ए और पोटेशियम के अलावा, लाइकोपीन जैसे लाभकारी यौगिकों होते हैं। लाइकोपीन एंटीकैंसर गुणों के साथ एक कैरोटीनॉयड है, जो कि कैंसर के उपचार में दुष्प्रभावों को कम कर सकता है। यह मस्तिष्क में ब्‍लड सर्कुलेशन को बढ़ाने में मदद करता है। 

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संतरा 

संतरे का सेवन भी कैंसर के उपचार के दौरान व उसके बाद करना फायदेमंद माना जाता है। संतरे में न केवल विटामिन सी की कमी को पूरा करता है, बल्कि आपकी दैनिक जरूरतों को पूरा कर सकता है और शरीर में अन्य सभी महत्वपूर्ण पोषक तत्वों जैसे कि थियामिन, फोलेट और पोटेशियम की आपूर्ति करता है। संतरे में मौजूद विटामिन सी प्रतिरक्षा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और कैंसर के उपचार के दौरान और बाद में आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, यह कैंसर सेल्‍स के विकास को कम करने और आयरन बढ़ाने में मदद करता है। 

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