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अस्थमा अटैक से बचाने में मदद करते हैं ये 5 तेल, जानें कैसे मिलता है इनका फायदा

अन्य़ बीमारियां By जितेंद्र गुप्ता , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jun 18, 2019
अस्थमा अटैक से बचाने में मदद करते हैं ये 5 तेल, जानें कैसे मिलता है इनका फायदा

अस्थमा की पहचान खांसी, गले में खराश और सांस की समस्या के कारण सोने में दिक्कत आदि जैसे लक्षणों से की जा सकती है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें आपका सांस लेने वाला वायुमार्ग संकरी और सूज जाता है और नाक में अधिक बलगम का उत्पादन होता है। 

क्या आपको सांस लेने में दिक्कत या सीने में कठोरपन जैसा महसूस हो रहा है? अगर हां, तो आप अस्थमा से पीड़ित हैं। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें आपका सांस लेने वाला वायुमार्ग संकरी और सूज जाता है और नाक में अधिक बलगम का उत्पादन होता है। अस्थमा के कारण आपको सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। इसके लक्षण प्रत्येक व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति में इसकी गंभीरता अलग-अलग होती है।

अस्थमा की पहचान खांसी, गले में खराश और सांस की समस्या के कारण सोने में दिक्कत आदि जैसे लक्षणों से की जा सकती है। हालांकि इसका स्पष्ट कारण अभी साफ नहीं है लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि पर्यावरण और जेनेटिक कारक का संयोजन इसमें अहम भूमिका अदा करता है। कुछ जोखिम कारक आपमें अस्थमा की स्थिति को विकसित करने की संभावना को बढ़ा सकते हैं, जैसे एलर्जी की स्थिति, धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के संपर्क में आने, मोटापा चढ़ना, रासायनिक या विनिर्माण उद्योग में काम करना आदि। अस्थमा के लक्षणों से राहत दिलाने के चिकित्सा और गैर-चिकित्सय तरीके  उपलब्ध हैं और हम आपको ऐसे कुछ जरूरी तेलों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो अस्थमा अटैक को रोकने में मदद कर सकते हैं। 

नीलगिरी का तेल

नीलगिरी का तेल एक ऐसा महत्वपर्ण तेल है, जो सांस लेने वाले मार्ग को खोलने और सांस संबंधी बाधाओं में सुधार करने में मदद कर सकता है।

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पुदीना का तेल

यूरोपियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, एल-मेंथॉल नाम के सक्रिय तत्व की मौजूदगी के कारण पुदीने का तेल सूजन व जलन से लड़ने में मदद कर सकता है और सांस संबंधी अस्थमा के लक्षणों से राहत प्रदान कर सकता है।

अजवायन का तेल

अपने एंटीसेप्टिक गुणों के कारण अजवायन का तेल आपके फेफड़ों को साफ कर सकता है और सांस संबंधी गतिविधियों में सुधार करता है।

अदरक का तेल

अदरक का तेल सांस संबंधी वायुमार्ग में आ रही बाधाओं को दूर कर सकता है और सूजन के खिलाफ लड़ने में मदद करता है, जिससे सांस लेना आसान हो जाता है।

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लैवेंडर का तेल

लैवेंडर का तेल एलर्जी से होने वाले संक्रमण को दूर करने में मदद करता है और बलगाम के उत्पादन को कम करता है, जिससे आपको सांस लेते वक्त किसी प्रकार की बाधा नहीं पहुंचती।

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अस्थमा अटैक को बढ़ाने वाले कारक

  • पराग।
  • धूल के कण।
  • ठंडी हवा।
  • धुआं।
  • शारीरिक गतिविधि।
  • तनाव।
  • गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स रोग।

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