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लंबे समय से सिरदर्द (माइग्रेन) है, तो अपने खान-पान में रखें इन 5 बातों का ख्याल

अन्य़ बीमारियां By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jun 11, 2019
लंबे समय से सिरदर्द (माइग्रेन) है, तो अपने खान-पान में रखें इन 5 बातों का ख्याल

सिरदर्द अक्सर तनाव या चिंता के कारण होते हैं। मगर लंबे समय तक सिरदर्द का कारण माइग्रेन हो सकता है। आपका खानपान भी माइग्रेन के दर्द को बढ़ा सकता है। जानें माइग्रेन का दर्द होने पर क्या खाना चाहिए और क्या नहीं।

लंबे समय तक होने वाला सिरदर्द माइग्रेन भी हो सकता है। माइग्रेन में आमतौर पर व्यक्ति के आधे सिर में दर्द होता है, इसलिए इसे अधकपारी भी कहते हैं। इस तरह के सिरदर्द की समस्या महिलाओं को ज्यादा होती है। ज्यादा स्ट्रेस (तनाव), चिंता, ठीक से सो न पाना, मौसम में बदलाव या आपकी डाइट के कारण आपको तनाव हो सकता है। रिसर्च बताती है कि गलत खान-पान के कारण सिरदर्द की समस्या बढ़ सकती है और माइग्रेन का रूप ले सकती है।

माइग्रेन (अधकपारी) साधारण सिरदर्द से अलग होता है। ये एक तरह की मानसिक अवस्था है, जो तेज खुश्बू, तेज रोशनी, तेज आवाज आदि से प्रभावित हो सकती है। मौसम का भी माइग्रेन के मरीजों पर असर पड़ता है। आइए आपको बताते हैं कि माइग्रेन के दौरान आपको अपने खान-पान में किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।

ताजा खाना ही खाएं

चिकित्सक बताते हैं कि अक्सर बासी खाना खाना भी माइग्रेन को बढ़ावा दे सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप हमेशा ताजा बना हुआ खाना ही खाएं। इसके अलावा अपने खाने में कच्चे साबुत फल, ताजी हरी-रंगीन सब्जियां, व्हाइट मीट आदि शामिल करें। माइग्रेन होने पर चीज़ चॉकलेट, मीठी चीजें और प्रॉसेस्ड चीजों का सेवन कम करना चाहिए।

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खूब पानी पिएं

माइग्रेन होने पर तुरंत आपको एक ग्लास ठंडा पानी पीना चाहिए। इससे दर्द में तुरंत राहत मिलती है। इसके अलावा भी चिकित्सक कहते हैं कि माइग्रेन के मरीजों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए और अपने खान-पान में पानी वाले आहारों को शामिल करना चाहिए। रोजाना कम से कम 8 ग्लास (2.5 से 3 लीटर) पानी जरूर पिएं। गर्मियों में आपको इससे भी ज्यादा पानी पीने की कोशिश करनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी पानी की ज्यादा जरूरत होती है।

ओमेगा-3 फैटी एसिड वाले आहार खाएं

ओमेगा-3 फैटी एसिड वाले आहारों के सेवन से कोशिकाओं की सूजन कम होती है। माइग्रेन का कारण भी मस्तिष्क कोशिकाओं में सूजन होता है। इसलिए अगर आप ओमेगा-3 फैटी एसिड वाले आहार खाते हैं, तो आपको माइग्रेन के दर्द से राहत मिल सकती है। ओमेगा-3 फैटी एसिड वाले आहारों में ऑलिव ऑयल, अलसी के बीज, अखरोट, सैलमन मछली आदि हैं।

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मोनोसोडियम ग्लूटामेट(MSG) या अजीना मोटो वाले आहार न खाएं

बाजार में मिलने वाले ढेर सारे पैकेटबंद नमक वाले आहारों में अजीना मोटो यानी मोनोसोडियम ग्लूटामेट का प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा चाउमीन, मंचूरियन, मोमोज और दूसरे चाइनीज फूड्स में भी एमएसजी का प्रयोग किया जाता है। रिसर्च बताती है कि एमएसजी वाले आहार आपका सिरदर्द बढ़ा सकते हैं। इसलिए इन्हें न खाएं। अगर आपको माइग्रेन नहीं भी है, फिर भी खाने में MSG का प्रयोग सेहत के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है।

हेल्दी चीजें भी बढ़ा सकती हैं दर्द

ऐसे कई आहार हैं, जिन्हें सामान्य लोगों के लिए हेल्दी समझा जाता है। मगर माइग्रेन के मरीजों के लिए ये आहार नुकसानदायक हो सकते हैं और उनका सिरदर्द बढ़ा सकते हैं। जैसे- खट्टे फल, मूंगफली, बीन्स और दूध से बने प्रोडक्ट्स। इसलिए अगर किसी विशेष आहार को खाने के बाद आपको अक्सर सिरदर्द महसूस होता है, तो उस आहार को खाने से बचें।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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