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ये 5 गलतियां खराब कर देंगी आपका लिवर, शराब न पीने वालों को भी होता है ये लिवर रोग

अन्य़ बीमारियां By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 21, 2019
ये 5 गलतियां खराब कर देंगी आपका लिवर, शराब न पीने वालों को भी होता है ये लिवर रोग

शराब न पीने के बावजूद आपकी कुछ गलतियां आपके लिवर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। लिवर खराब हो जाने पर व्यक्ति का जिंदा रहना असंभव है। जानें आखिर क्यों 30-35 साल के युवा लोग बड़ी संख्या में हो रहे हैं लिवर रोगों के शिकार।

लिवर खराब हो जाए, तो व्यक्ति की जीवित रहना मुश्किल है। आमतौर पर लोग मानते हैं कि लिवर की खराबी का कारण शराब की लत होती है। मगर आपको जानकर हैरानी होगी कि जो लोग शराब नहीं पीते हैं, उनका लिवर भी खराब हो सकता है। दरअसल नॉन एल्कोहलिक फैटी डिजीज (NAFLD) एक ऐसी ही बीमारी है, जो शराब न पीने वालों को होती है। इस बीमारी का अगर ठीक समय से इलाज न किया जाए, तो व्यक्ति का लिवर पूरी तरह खराब हो सकता है। नॉन एल्कोहलिक फैटी डिजीज बहुत धीरे-धीरे बढ़ने वाली बीमारी है, इसलिए शुरुआती कुछ सालों में मरीज को कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं, जिसके कारण इलाज में कई बार देरी हो जाती है। लंबे समय तक इलाज न करवाने के कारण फैटी लिवर, लिवर सिरोसिस में बदल सकता है।

30 साल से बड़ी उम्र के लोग हो रहे शिकार

चिकित्सकों के मुताबिक लोग बड़ी संख्या में नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर बीमारी का शिकार हो रहे हैं। आमतौर पर नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर बीमारी की शुरुआत के बाद लिवर को पूरी तरह खराब होने में लगभग 20 साल लग जाते हैं। चूंकि ये रोग अनुवांशिक रूप से भी फैलता है इसलिए कई बार 30-35 साल के लड़के-लड़कियां भी इस बीमारी के शिकार हो जाते हैं। इस बीमारी के साथ समस्या यह है कि ज्यादातर मामलों में इसके बाहरी लक्षण तब दिखना शुरू होते हैं, जब लिवर 60-70% तक खराब हो चुका होता है। इसके बाद भी अगर मरीज इलाज में लापरवाही बरतें, तो फिर इलाज मुश्किल हो जाता है और लिवर ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प बचता है। इसलिए हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि मरीजों को फैटी लिवर के सामान्य लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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लिवर को खराब करती हैं आपकी ये 5 गलतियां

  • जंक फूड्स, फास्ट फूड्स खाने और तेल, घी, मक्खन में बने फूड्स बहुत ज्यादा खाने वालों में अक्सर फैटी लिवर की समस्या देखी जाती है। इन सभी फूड्स में कार्बोहाइड्रेट और फैट बहुत ज्यादा होता है, जिसके कारण ये लिवर के आसपास चर्बी की एक मोटी पर्त बना लेते हैं।
  • बहुत ज्यादा मीठे पेय पदार्थों, सोडा ड्रिंक, कोल्ड ड्रिंक, पैकेटबंद जूस, सिंथेटिक जूस और अन्य मीठे पेय पदार्थों को ज्यादा पीने के कारण भी फैटी लिवर की समस्या हो सकती है।
  • खानपान की गड़बड़ी जैसे- देर रात में खाना खाना, खाने के बाद तुरंत लेट जाना या सो जाना, रात में बहुत ज्यादा खाना खाने आदि के कारण फैटी लिवर हो सकता है। इसलिए डॉक्टर सोने से 2 घंटे पहले रात का खाना खाने की सलाह देते हैं और यह भी बताते हैं कि खाना खाने के बाद कम से कम 15-30 मिनट पैदल टहलें।
  • मोटे लोगों और ऐसे लोग जो एक्सरसाइज बिल्कुल नहीं करते हैं, उन्हें भी फैटी लिवर हो सकता है। दरअसल एक्सरसाइज न करने के कारण शरीर में फैट बहुत ज्यादा जमा हो जाता है, जिसके कारण लिवर प्रभावित होता है।
  • लिवर की छोटी-मोटी समस्याओं को लंबे समय तक नजरअंदाज करने के कारण भी कई बार फैटी लिवर की समस्या हो जाती है।

लिवर को खराब होने से बचाने के लिए अपनाएं ये आदतें

  • अगर आप लिवर की बीमारियों से बचना चाहते हैं, तो आपको अपना वजन कंट्रोल में रखना चाहिए। इसलिए अगर आप मोटे हैं, तो आज से ही अपना वजन घटाना शुरू कर दें, ताकि आप लिवर की बीमारियों से बच सकें।
  • हाई कैलोरी, सैचुरेटेड फैट वाले आहार जैसे जंक फूड्स और फास्ट फूड्स का सेवन बहुत कम करें। कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन बहुत कम मात्रा में करें। इन फूड्स की आदत न बनाएं।
  • सप्ताह में 5 दिन 30-30 मिनट एक्सरसाइज जरूर करें। ये आपके पूरे शरीर की सेहत के लिए जरूरी है।
  • अगर आपको अचानक भूख लगना कम हो जाए, पेट में दर्द रहने लगे या खाने-पीने का मन न करे, तो डॉक्टर से संपर्क करें। ये लिवर की बीमारी के संकेत हो सकते हैं।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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