ब्रेस्ट में दर्द और थकान की समस्या हो कारण हो सकती हैं ये 5 समस्याएं, महिलाएं ऐसे दर्द के प्रति रहें सचेत

Updated at: Aug 13, 2020
ब्रेस्ट में दर्द और थकान की समस्या हो कारण हो सकती हैं ये 5 समस्याएं, महिलाएं ऐसे दर्द के प्रति रहें सचेत

ब्रेस्ट (स्तनों) में दर्द की समस्या होने पर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। कई बार दर्द का कारण सामान्य होता है तो कई बार कोई खतरनाक बीमारी का संकेत।

Anurag Anubhav
महिला स्‍वास्थ्‍यWritten by: Anurag AnubhavPublished at: Aug 13, 2020

महिलाओं को ब्रेस्ट से संबंधी जितनी समस्याएं होती हैं, उनमें सबसे ज्यादा ब्रेस्ट में दर्द के मामले देखे जाते हैं। स्तनों में दर्द एक ऐसी समस्या है, जिससे अक्सर महिलाओं का सामना होता है। खासकर पीरियड्स और प्रेग्नेंसी के दिनों में ब्रेस्ट टिशूज एक्स्ट्रा सेंसिटिव हो जाते हैं। अगर आपको ब्रेस्ट में दर्द के साथ-साथ थकान की समस्या हो, या ऐसा लगे कि ब्रेस्ट को छूने या दबाने से आपको दर्द महसूस हो रहा है, तो आपको सचेत हो जाना चाहिए। कई महिलाएं इन समस्याओं को ब्रेस्ट कैंसर मान लेती हैं। मगर ब्रेस्ट में दर्द की समस्या कई अन्य कारणों से भी हो सकती है। हम आपको बता रहे हैं 5 ऐसे ही कारण, जो आपके ब्रेस्ट में दर्द की वजह बन सकते हैं।

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मैस्टाइटिस (Mastitis)

मैस्टाइटिस एक तरह का इंफेक्शन है, जो ब्रेस्ट की टिशूज को प्रभावित करता है। इस इंफेक्शन के कारण ब्रेस्ट में सूजन (इंफ्लेमेशन) की समस्या हो जाती है और ब्रेस्ट लाल दिखाई देने लगता है। आमतौर पर ये समस्या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को ज्यादा होती है। स्तनपान कराने के दौरान शिशु के मुंह में मौजूद बैक्टीरिया कई बार मां के स्तनों में निप्पल के द्वारा पहुंच जाते हैं। यही बैक्टीरिया मैस्टाइटिस का कारण बनते हैं। चूंकि मैस्टाइटिस एक बैक्टीरियल इंफेक्शन है, इसलिए इसके कारण सिर्फ स्तनों में दर्द नहीं, बल्कि अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं, जैसे- बुखार, थकान, निप्पल से पस या अन्य तरह के तरल पदार्थ का डिस्चार्ज, ठंड लगना, ब्रेस्ट में गर्माहट महसूस होना आदि। इन समस्याओं के होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए क्योंकि कई बार नजरअंदाज करने पर ये इंफेक्शन फोड़ा बन जाता है।

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सिस्ट या गांठ (Cyst)

स्तनों में गांठ की समस्या को आमतौर पर स्तन कैंसर (ब्रेस्ट कैंसर) का शुरुआती संकेत माना जाता है। लेकिन कई बार ये सामान्य गांठ होती है, न कि कैंसरकारी ट्यूमर। स्तनों को दबाने पर अगर आपको कुछ गांठ जैसा महसूस हो, तो घबराएं नहीं। कई बार ब्रेस्ट टिशूज में छोटी-मोटी गांठ बन जाती है, जिसमें लिक्विड भरा होता है। ये समस्या महिलाओं को एक ही समय पर एक ब्रेस्ट में भी हो सकती है और दोनों ब्रेस्ट में भी हो सकती है। स्तनों में गांठ के साथ-साथ अगर आपको गांठ वाली जगह पर दर्द, निप्पल से किसी भी तरह का डिस्चार्ज महसूस हो या फिर ऐसा लगे कि गांठ धीरे-धीरे अपनी जगह बदल रही है और मूव हो रही है, तो आपको बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इन समस्याओं में डॉक्टर अल्ट्रासाउंड के द्वारा गांठ के कारण का पता लगाते हैं और उसी अनुसार इलाज शुरू करते हैं।

फाइब्रोमा (Fibroma)

स्तनों में गांठ कई कारणों से हो सकते हैं। ऐसा ही एक कारण है फाइब्रोमा। ये है तो एक तरह का ट्यूमर ही, लेकिन ये कैंसरकारी नहीं होता है। इसका अर्थ है कि इस समस्या में आपके स्तनों में दर्द और गांठ की समस्या तो होती है, लेकिन कैंसर का खतरा नहीं होता है। आमतौर पर ये समस्या 30 साल से कम उम्र की महिलाओं और लड़कियों में ज्यादा देखने को मिलती है। फाइब्रोमा होने पर पर आपको ऐसा महसूस होता है जैसे आपके ब्रेस्ट के अंदर कंचे (गोलियां) हैं, जो एक जगह से दूसरी जगह मूव भी कर सकती हैं। इस समस्या के कई संभावित कारण हैं, जिनमें से एक है 20 साल से कम उम्र में ही गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन करने लगना। इस तरह के दर्द को भी आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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पीरियड्स

कई महिलाओं को हर माह आने वाले पीरियड्स के दौरान भी ब्रेस्ट में दर्द की समस्या होती है। आमतौर पर इस समस्या का कारण हार्मोन्स में उतार-चढ़ाव होता है। इसमें आपको पीरियड्स के दिनों में ब्रेस्ट में दर्द के साथ-साथ भारीपन महसूस होता है। कई बार ये दर्द कांख (Armpit) के हिस्से में महसूस होता है। कम उम्र की लड़कियों में अक्सर ये दर्द देखा जाता है। अगर किसी महिला को ये समस्या होती है, तो उसे डॉक्टर से संपर्क करके सलाह ले लेनी चाहिए। वैसे मेनोपॉज के साथ ये दर्द अपने आप समाप्त हो जाता है।

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आपका खानपान भी हो सकता है स्तनों में दर्द का कारण

आपको जानकर हैरानी होगी कि कई बार गलत खानपान के कारण भी आपको स्तनों में दर्द की समस्या हो सकती है। ज्यादा सोडियम वाले आहार, ज्यादा कैफीन और हाई फैट वाले आहार खाने से आपको दर्द झेलना पड़ सकता है। इसलिए अगर आपको स्तनों में दर्द हो और दूसरा कोई विशेष कारण न समझ आए, तो आपको अपने खानपान पर एक नजर डालनी चाहिए। खाने में ज्यादा से ज्यादा नैचुरल चीजें और फाइबर युक्त खाने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम होता है। अपने खाने में चाय, कॉफी, कैफीन वाली ड्रिंक्स, प्रॉसेस्ड फूड्स, नमक वाले पैकेटबंद आहार आदि का सेवन कम कर दें।

कुल मिलाकर अगर आपको अपने ब्रेस्ट में 1-2 दिन से ज्यादा समय तक दर्द की समस्या महसूस हो, तो आपको डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर आपकी जांच करके आपको बताएंगे कि दर्द का क्या कारण है। संभव है अगर स्तनों में गांठ हो, तो आपको अल्ट्रासाउंड कराने की हिदायत दी जाए।

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