सिर्फ गलत फूड्स ही नहीं, इन 5 कारणों से भी बढ़ता है बैड कोलेस्ट्रॉल, हार्ट की बीमारी से बचना है तो रहें सावधान

Updated at: May 13, 2020
सिर्फ गलत फूड्स ही नहीं, इन 5 कारणों से भी बढ़ता है बैड कोलेस्ट्रॉल, हार्ट की बीमारी से बचना है तो रहें सावधान

कोलेस्ट्रॉल सिर्फ गलत खानपान से नहीं, बल्कि अन्य कारणों से भी बढ़ता है। जानें ऐसे 5 कारण, जिन्हें कंट्रोल करके आप कई बीमारियों से बच सकते हैं।

Anurag Anubhav
हृदय स्‍वास्‍थ्‍यWritten by: Anurag AnubhavPublished at: May 13, 2020

कोलेस्ट्रॉल बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो कई जानलेवा बीमारियों का खतरा भी बहुत अधिक बढ़ जाता है। इन बीमारियों में दिल की बीमारियां जैसे- हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट, हार्ट फेल्योर और दूसरी कार्डियोवस्कुलर बीमारियां जैसे स्ट्रोक आदि शामिल हैं। शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने से धमनियों (आर्टरीज) में प्लाक जमा हो जाता है, जो कि खून के प्रवाह को रोकता है और समस्याएं पैदा होनी शुरू हो जाती हैं। आमतौर पर लोगों को यही लगता है कि कोलेस्ट्रॉल सिर्फ गलत आहारों को खाने-पीने से बढ़ता है। मगर आपको बता दें कि खाने के अलावा भी ऐसे कई कारण हैं, जो कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के जिम्मेदार हो सकते हैं। इसलिए दिल की बीमारी से बचना है, तो आपको सिर्फ खाने-पीने पर ही नहीं, बल्कि इन कारणों पर भी कंट्रोल करना चाहिए।

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मोटापे से बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल

तेल, घी, बटर और दूसरी फैटी चीजें तो कोलेस्ट्रॉल बढ़ाती ही हैं, लेकिन मोटापे के कारण भी शरीर में बहुत ज्यादा कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। अगर किसी व्यक्ति का वजन लगातार बढ़ रहा है, तो उसके शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा घटने लगती है। शरीर में दोनो कोलेस्ट्रॉल इस तरह से काम करते हैं कि गुड कोलेस्ट्रॉल बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकता है। ऐसे में अगर शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल कम हो जाएगा, तो बैड कोलेस्ट्रॉल प्राकृतिक रूप से बढ़ने लगेगा। इसलिए अगर आपका वजन बढ़ रहा है, तो इसे कंट्रोल करें।

बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, टाइप-2 डायबिटीज और यहां तक कि कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा भी बहुत अधिक बढ़ जाता है।

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एक्सरसाइज न करना

अगर आप बहुत अधिक गतिहीन जीवन जीते हैं या दिनभर बैठे रहते हैं, तो भी आपका कोलेस्ट्ऱॉल बढ़ने लगता है। जो लोग बिल्कुल भी एक्सरसाइज नहीं करते हैं, उन्हें शारीरिक समस्याएं तो होती ही हैं। इसके अलावा शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने और वजन बढ़ने के कारण बहुत सारी बीमारियों का भी खतरा रहता है। WHO के अनुसार हर व्यक्ति को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट एक्सरसाइज जरूर करना चाहिए। इससे शरीर भी स्वस्थ रहता है और आप फिट भी रहते हैं।

तनाव भी बढ़ाता है कोलेस्ट्रॉल

तनाव का भी आपके शरीर के कोलेस्ट्रॉल पर सीधा असर पड़ता है। आप जितना अधिक तनाव लेते हैं, आपके शरीर में उतना अधिक कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। थोड़ा बहुत तनाव और मानसिक चिंता सभी करते हैं, लेकिन अगर आप कई दिन, हफ्ते या महीने लगातार तनाव में हैं, तो ये स्थिति आपको बेहद गंभीर समस्या की तरफ ले जा सकती है। तनाव के कारण कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और सबसे ज्यादा खतरा ब्रेन स्ट्रोक का होता है। इसलिए अगर आप तनाव में हैं, तो इसके कारणों का पता लगाएं और तनाव को कम करें। एक्सरसाइज, योगासन और ध्यान भी तनाव कम करने के बेहद प्रभावी और आसान उपाय हैं।

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धूम्रपान करने और शराब पीने से

सिगरेट पीने की लत सिर्फ फेफड़ों को खराब करने और कैंसर पैदा करने के लिहाज से नहीं, बल्कि शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाने के लिहाज से भी बहुत नुकसानदायक है। इसी तरह शराब पीने की लत का भी कोलेस्ट्रॉल पर बुरा असर पड़ता है। सबसे ज्यादा खराब नशा सिगरेट का होता है, जो आपको सैकड़ों तरह की जानलेवा बीमारियों का शिकार बना सकता है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार महिलाओं को एक दिन में 1 पेग और पुरुषों को एक दिन में अधिकतम 2 पेग से ज्यादा शराब नहीं पीना चाहिए। हालांकि कुछ शोधकर्ता इतनी मात्रा में शराब को भी नुकसानदायक बताते हैं।

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पारिवारक इतिहास

कोलेस्ट्रॉल एक अनुवांशिक समस्या है। इसलिए अगर आपके परिवार में पहले किसी को कोलेस्ट्रॉल की समस्या रही है, तो आपको इसके होने की बहुत अधिक संभावना होती है। हालांकि सही समय पर जानकारी हो, तो कुछ तरीकों से इसे रोका जा सकता है। कोलेस्ट्रॉल की समस्या के साथ-साथ हार्ट अटैक की समस्या भी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में ट्रांसफर होती रहती है। इसलिए की बार आपकी गलती न होने पर भी आपके माता-पिता या खून के दूसरे रिश्तों के कारण आपका कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगता है।

अगर आपके परिवार में ऐसा कोई इतिहास है, तो 20 साल की उम्र तक कार्डियोलॉजिस्ट से मिलकर इसके बारे में जानकारी दें और उनके जांच करने तथा कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के उपाय पूछें, ताकि आप समय रहते जानलेवा बीमारियों से बच सकें।

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