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डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद है मशरूम, ब्लड शुगर होता है कंट्रोल

स्वस्थ आहार By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jan 25, 2019
डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद है मशरूम, ब्लड शुगर होता है कंट्रोल

मशरूम को बहुत पौष्टिक माना जाता है और ये हर किसी के लिए फायदेमंद है क्योंकि इसमें ऐसे सभी जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जिनकी हमारे शरीर को जरूरत होती है। इनमें विटामिन बी, डी, पोटैशियम, कॉपर, आयरन और सेलेनियम की पर्याप्त होती है। हाल में हुए एक शोध म

मशरूम को बहुत पौष्टिक माना जाता है क्योंकि इसमें ऐसे सभी जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जिनकी हमारे शरीर को जरूरत होती है। इनमें विटामिन बी, डी, पोटैशियम, कॉपर, आयरन और सेलेनियम की पर्याप्त होती है। हाल में हुए एक शोध में पाया गया है कि मशरूम डायबिटीज के रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है क्योंकि ये ब्लड में शुगर की मात्रा को कम करता है। जी हां, अगर आप डायबिटीज रोगी हैं, तो रोजाना 100-150 ग्राम मशरूम खाना चाहिए। इसके अलावा भी मशरूम के ढेर सारे फायदे हैं, जिसके कारण इसे दुनियाभर में सुपरफूड के रूप में जाना जाता है।

डायबिटीज रोगियों के लिए क्यों फायदेमंद है मशरूम

डायबिटीज होने पर व्यक्ति के खून में शुगर की मात्रा (ब्लड शुगर) बढ़ने लगती है। मशरूम खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल होता है। ये शोध 'जर्नल ऑफ फंक्शनल फूड्स' नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। मशरूम में शुगर लगभग न के बराबर होती है इसलिए डायबिटीज के रोगी बेफिक्र होकर इसका सेवन कर सकते हैं। शोध के अनुसार अपनी डाइट में व्हाइट बटन मशरूम खाने से आंतों में माइक्रोबियल बदलाव आतें हैं, जिससे लिवर में ग्लूकोज का रेगुलेशन बेहतर होता है। हालांकि हर प्रकार के मशरूम स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं। डायबिटीज में वे सभी आहार फायदेमंद होते हैं जिनमें फाइबर ज्यादा होता है और शुगर और फैट कम होता है।

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ज्यादा फायदों के लिए कैसे खाना चाहिए मशरूम

हाल में हुई एक रिसर्च में पता चला है कि उबले हुए और डीप फ्राई किए गए मशरूम में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और अन्‍य जरूरी पोषक तत्‍व कम हो जाते हैं, जबकि वसा की मात्रा बढ़ जाती है। उबालने से बीटाग्‍लूकन के अंश बढ़ जाता है इससे संपूर्ण ग्‍लूकन में काफी सुधार हो जाता है। इसलिए मशरूम को उबालकर या तलकर नहीं, बल्कि ग्रिल या माइक्रोवेव करके ही खाएं। उबालने और तलने के बाद मशरूम के एंटीऑक्सीडेंट्स में कमी देखी गई है, जबकि ग्रिल्ड और माइक्रोवेव मशरूम में एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा बढ़ जाती है।

विटामिन डी का अच्छा स्रोत है मशरूम

मशरूम विटामिन डी का प्राकृतिक स्रोत है। विटामिन डी स्वस्थ दांतों और हड्डियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। विटामिन डी की कमी से मांसपेशियों में कमजोरी, क्रोनिक दर्द, स्ट्रोक, उच्च रक्तचाप, जन्म दोष आदि जैसे विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती है। विटामिन डी की कमी से ग्रस्‍त लोगों के लिए मशरूम एक स्‍वादिष्‍ट पूरक हो सकता है।

मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है मशरूम

मशरूम में विटामिन 'बी' होता है जो कि भोजन को ग्‍लूकोज़ में बदल कर ऊर्जा पैदा करता है। विटामिन बी-2 और बी-3 भी मैटाबॉलिज्‍म को दुरुस्त रखते हैं। इसलिए मशरूम खाने से मैटाबॉलिज्‍म बेहतर बना रहता है।  इसके अलावा, मशरूम में कोलाइन नाम का एक खास पोषक तत्व पाया जाता है जो मांसपेशियों की सक्रियता और याददाश्त बरकरार रखने में बेहद फायदेमंद रहता है।

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खून में बढ़ाता है हीमोग्लोबिन

मशरूम का सेवन रक्त में हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाये रखता है। इसके अलावा इसमें बहुमूल्य फोलिक एसिड प्रचुर मात्रा में होता है जो केवल मांसाहारी खाध पदार्थो में होता है। अत: लौह तत्व एवं फोलिक एसिड के कारण यह रक्त की कमी की शिकार अधिकांश शाकाहारी ग्रामीण महिलाओं एवं बच्चों के लिये ये सर्वोत्तम आहार है।

फॉलेट के लिए रोजाना खाएं मशरूम

मशरूम विटामिन बी-9 से भरपूर होता है, जिसे आमतौर पर फोलेट के रूप में जाना जाता है। विटामिन बी9 बोनमैरो में सफेद रक्त कोशिकाओं और लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने में मदद करता है। साथ ही फोलेट शरीर के स्वस्थ विकास के लिए भी बहुत जरूरी है। यहां तक कि गर्भवती महिलाओं के भ्रूण की समुचित विकास के लिए फोलेट का सेवन करने की सलाह दी जाती है।

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