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पहली बार बनी हैं मां तो बच्चे की परवरिश में न करें कोई गलती, जरूर ध्यान रखें ये 5 बातें

नवजात की देखभाल By शीतल बिष्‍ट , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 29, 2019
पहली बार बनी हैं मां तो बच्चे की परवरिश में न करें कोई गलती, जरूर ध्यान रखें ये 5 बातें

नवजात बच्‍चे की विशेष रूप से देखभाल करना बहुत जरूरी है। ऐसे में यदि आप पहली बार मां बनने जा रही हैं, तो आपकाे अपने बच्‍चे से जुड़ी इन जरूरी बातों को जानना बेहद जरूरी है। जिससे आप बच्‍चा स्‍वस्‍थ रहेगा।      

मां बनने का अहसास बहुत ही अनोखा होता है। हर महिला के लिए यह एक खास अहसास होता है। गर्भावस्‍था के नौ महीने में महिला को कई अच्‍छे अहसास होते हैं और वह अपने बच्‍चे को लेकर बहुत कुछ इस दौरान सोचती है। बच्‍चे के जन्‍म के बाद महिला की जिम्‍मेदारियां और अधिक बढ़ जाती हैं क्‍योंकि तब वह किसी पत्‍नी और बहु होने के साथ एक मां भी होती है। ऐसे में हर जिम्‍मेदारी को सही ढंग से निभाने के साथ अपने बच्‍चे की सही देखभाल और उसकी जरूरतों का ध्‍यान रखना भी बहुत जरूरी होता है। क्‍योंकि नवजात बच्‍चा बहुत ही नाजुक होता है और उसका इन्‍युन सिस्‍टम कमजोर होने की वजह से वह बीमारियों की चपेट में जल्‍दी आ जाता है। यदि आप पहली बार मां बनने जा रही हैं, तो आपको इन सब चीजों की ज्‍यादा जानकारी नहीं होती। आइए हम आपको बताते हैं कि आपको कि आपको अपने नवजात बच्‍चे की किस प्रकार देखभाल करनी चाहिए और किन जरूरी चीजों को ध्‍यान में रखना चाहिए।  

साफ सफाई 

सबसे जरूरी बात जो हर मां को अपने नवजात बच्‍चे की देखभाल के लिए ध्‍यान में रखनी चाहिए। नवजात बच्‍चे का इम्‍युनिटी सिस्‍टम कमजोर होने के कारण उसे बीमारियों का ज्‍यादा खतरा होता है। इसलिए बच्‍चे के आस-पास हमेशा साफ सफाई होनी चाहिए। यदि आप या घर का कोई भी व्‍यक्ति बच्‍चे को गोद में लेता है, तो अपने हाथों को अच्‍छे से धोकर ही बच्‍चे को उठाएं। आप खुद व बच्‍चे से जुड़ी हर चीज को साफ रखें। इसके अलावा बच्‍चे को बीमार व्‍यक्ति से दूर रखें और कोशिश करें कि खुद व किसी को बच्‍चे को चूमने ना दें। बच्‍चे की देखभाल के लिए ज्‍यादा सुगंधित चीजों का इस्‍तेमाल न करें। यह बच्‍चे के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

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बच्‍चे का रोना 

बच्‍चे के रोने को ज्‍यादातर भूख या नींद से जोड़ा जाता है। जबकि जरूरी नहीं बच्‍चा हर बार भूख या नींद के कारण ही रो रहा हो। ऐसे में मां को सर्तक रहना चाहिए और सुनिश्‍चित करना चाहिए कि बच्‍चा क्‍यों रो रहा है। आप अपने बच्‍चे को थोड़े समय के बाद जरूर देखें कि उसने पेशाब तो नहीं की है क्‍योंकि कई बार बच्‍चा गीलेपन के कारण भी रोता है। एक जरूरी बात बच्‍चे को ज्‍यादा देर तक यदि डाइपर पहनाकर रखते हैं, तो इस वजह से भी बच्‍चा असहज महसूस करता है और रोने लगता है। यदि बच्‍चे में कुछ भी असामान्‍य लक्षण या बच्‍चा लगातार रोता रहे, तो डाक्‍टर से जांच करवाएं। क्‍योंकि इस तरह की लापरवाहियां बच्‍चे के लिए नुकसानदेह हो सकती हैं।

बच्‍चे की मसाज व टीकाकरण 

बच्‍चे के विकास और उसकी देखभाल के लिए आप रोजाना बेबी ऑयल से बच्‍चे की मालिश करें। इससे बच्‍चे की हड्डियां मजबूत होंगी। आप बच्‍चे की रोजाना दो बार मसाज कर सकते हैं लेकिन ध्‍यान रखें कि आप हल्‍के हाथों से बच्‍चे की मसाज करें। इसके साथ ही बच्‍चे को बीमारियों से दूर रखने के लिए समय-समय पर टीकाकरण करवाना बेहद जरूरी होता है। आप बच्‍चे का एक भी टीका न छोड़े, डाक्‍टर द्वारा बताए गये टीकों को समय-समय के अंतराल में जरूर लगवायें।

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जच्‍चा-बच्‍चा का खानपान

बच्‍चे के अच्‍छा स्‍वास्‍थ्‍य जच्‍चा-बच्‍चा दोनों के खान-पान पर निर्भर करता है। क्‍योंकि नवजात बच्‍चा पूरी तरह से मां के दूध पर निर्भर रहता है। ऐसे में मां का खान-पान संतुलित व पौष्टिक होना बहुत जरूरी है। इसलिए मां को अपने खाने का विशेष ध्‍यान रखना चाहिए जिससे बच्‍चे पर बुरा असर न पड़े। इसलिए स्‍तनपान कराने वाली मां को सूखे मेवे, दलिया जेसे पौष्टिक आहार को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। जिससे दूध उत्‍पादन में वृद्धि हो।    

सही पोश्‍चर 

बच्‍चे की देखभाल में इस बात को भी जरूर ध्‍यान में रखें कि आप हमेशा बच्‍चे को सही पोश्‍चर में रखें। जैसे कि आप जब बच्‍चे को गोद में उठा रहे हैं, तो उसकी गर्दन के नीचे हाथ जरूर रखें क्‍योंकि नवजात बच्‍चा बहुत ही नाजुक होता है और उस समय उसके गर्दन व पीठ पर सहारा देना बहुत जरूरी है। इसके अलावा आप बच्‍चे को दूध पिलाते समय उसे सही पोश्‍चर में रखें क्‍योंकि कई बार दूध पीते वक्‍त गलत स्थिति में रखने की वज‍ह से बच्‍चा तुरंत उल्‍टी कर देता है। 

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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