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कब्ज और अपच का कारण है पित्त दोष, आयुर्वेद के अनुसार इन 5 तरीकों से करें संतुलित

आयुर्वेद By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 03, 2019
 कब्ज और अपच का कारण है पित्त दोष, आयुर्वेद के अनुसार इन 5 तरीकों से करें संतुलित

कब्ज के कारण व्यक्ति का पेट अच्छी तरह साफ नहीं होता है। अपच और गैस की समस्या भी पेट से जुड़ी हैं। आयुर्वेद में ऐसा माना जाता है कि पित्त दोष के कारण पेट की समस्याएं होती हैं। स्वस्थ रहने के लिए हमारे शरीर में वात, पित्त और कफ का संतुलन जरूरी है। प

कब्ज के कारण व्यक्ति का पेट अच्छी तरह साफ नहीं होता है। अपच और गैस की समस्या भी पेट से जुड़ी हैं। आयुर्वेद में ऐसा माना जाता है कि पित्त दोष के कारण पेट की समस्याएं होती हैं। स्वस्थ रहने के लिए हमारे शरीर में वात, पित्त और कफ का संतुलन जरूरी है। पित्त हमारे शरीर में अग्नि का प्रतिनिधित्व करता है। शरीर में पित्त का असंतुलन होने पर पाचक अग्नि कम हो जाती है, जिससे आपका भोजन ठीक से पचता नहीं है। यही कारण है कि पित्त दोष होने पर व्यक्ति को पेट की समस्याएं घेर लेती हैं। अगर आप भी लंबे समय से कब्ज, एसिडिटी, अपच या पेट की किसी अन्य समस्या से परेशान हैं, तो इन 5 तरीकों से अपने शरीर में पित्त दोष का संतुलित कर सकते हैं।

पानी ज्यादा पिएं

पानी की कमी से शरीर की कई क्रियाएं बाधित होती हैं। कब्ज, एसिडिटी के रोगियों को सुबह उठते ही सबसे पहले एक ग्लास गुनगुना पानी पीना चाहिए। इससे शौच के समय आपका पेट ज्यादा अच्छी तरह साफ होता है और शौच में बहुत ज्यादा ताकत नहीं लगानी पड़ती है।

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खट्टे आहार न खाएं

खट्टे आहारों में एसिडिक एसिड होता है। अगर आप खट्टी चीजों का सेवन ज्यादा करते हैं, तो भी आपको पेट की समस्याएं हो सकती हैं और इससे पित्त का संतुलन बिगड़ता है। इसलिए अगर आप पेट के रोगों जैसे- कब्ज, गैस, बदहजमी आदि से परेशान हैं, तो खट्टी चीजें न खाएं। जैसे- अचार, खट्टे फल, खट्टे जूस, आम आदि।

ज्यादा नमक न खाएं

कुछ लोगों को ऐसे पैकेटबंद आहार बहुत पसंद होते हैं, जिनमें नमक की मात्रा ज्यादा होती है जैसे- चिप्स, पापड़, नूडल्स, अचार आदि। ज्यादा नमक खाने से भी आपके शरीर में पित्त दोष उत्पन्न हो सकता है। इसलिए नमक वाली चीजें कम खाएं। अपने रोजाना के खाने में भी नमक की मात्रा कम करें।

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रेशे वाली चीजें खाएं

कब्ज की समस्या इसलिए होती है, कि आपका पेट ठीक से साफ नहीं होता है। इसलिए कब्ज के रोगियों को फाइबर वाले आहारों का सेवन करना चाहिए। फाइबर वाले आहार खाने से आपकी आंतों में जमा गंदगी बाहर निकल जाती है और मल त्याग के समय आपको ज्यादा जोर नहीं लगाना पड़ता है। रेशेदार आहारों में मोटे अनाज जैसे- मक्का, जौ, चना, गेंहू, आदि हैं। इसके अलावा ताजे फल, सब्जियों आदि में भी फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। अगर आपको कब्ज की शिकायत है तो आपको मैदे से बने आहार बिल्कुल नहीं खाने चाहिए।

मसालेदार भोजन न करें

कुछ लोगों को मिर्च-मसालेदार भोजन करने में बड़ा आनंद आता है। मसाले थोड़ी मात्रा में हमारे शरीर के लिए फायदेमंद हैं। मगर अगर आप बहुत ज्यादा मिर्च-मसाले का प्रयोग करते हैं, तो आपको कब्ज और पेट की समस्याएं परेशान कर सकती हैं। इसलिए बाजार में मिलने वाले जंक फूड्स, फास्ट फूड्स आदि का सेवन बिल्कुल न करें। इसके बजाय घर में बनाया ताजा भोजन खाएं।

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