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स्‍मार्टफोन के ज्‍यादा इस्‍तेमाल से 4 साल की बच्‍ची के आंखों की करानी पड़ी सर्जरी, जानें क्‍या है पूरा मामला

लेटेस्ट By Atul Modi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 11, 2019
स्‍मार्टफोन के ज्‍यादा इस्‍तेमाल से 4 साल की बच्‍ची के आंखों की करानी पड़ी सर्जरी, जानें क्‍या है पूरा मामला

हाल ही में थाईलैंड में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसके बारे में सुनकर आप चौंक जाएंगे। यहां एक पिता ने अपनी 4 साल की बेटी की आंखों की सर्जरी कराई है, जिसकी वजह अत्‍यधिक फोन का इस्‍तेमाल करना बताया जा रहा

आजकल के माता-पिता में एक बात बहुत आम होती जा रही है, वह ये कि, जब भी उनका बच्‍चा शरारत करता है या रो रहा होता है या फिर किसी चीज के लिए जिद कर रहा होता है तो उसे शांत कराने के लिए पैरेंट्स अपना स्‍मार्टफोन थमा देते हैं, जिससे कि वह कोई ऐसा काम न करे जिससे उनके काम में बाधा आए। रेस्‍तरां, मॉल, कार या घर में भी आप ऐसे दृष्‍य देख सकते हैं, जब माता-पिता के साथ मौजूद उनका बच्‍चा स्‍मार्टफोन या टैबलेट में व्‍यस्‍त होता है, जिससे कि वह चुपचाप बैठे और अपने माता-पिता को परेशान न करे। 

 

लेकिन, हाल ही में थाईलैंड में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसके बारे में सुनकर आप चौंक जाएंगे। यहां एक पिता ने अपनी 4 साल की बेटी की आंखों की सर्जरी कराई है, जिसकी वजह अत्‍यधिक फोन का इस्‍तेमाल करना बताया जा रहा है। थाईलैंड के समाचारों में ये खबर काफी वायरल हो रही है। 

चिकित्‍सकों ने क्‍या बताया? 

जिस अस्‍पताल में लड़की की आंखों की सर्जरी हुई वहां के डॉक्टरों ने बताया कि डैचर की बेटी को दृष्टि हानि (vision loss) थी। वह अपनी दोनों आंखों से एक साथ नहीं देख पाती थी, इस वजह से उसकी आंखें प्रभावी ढंग से काम नहीं करती थी। नतीजतन, उसे न सिर्फ विजन लॉस था बल्कि भैंगापन भी था। 

लड़की के पिता ने लिखा ये फेसबुक पोस्‍ट 

डैचर अपने फेसबुक पोस्‍ट में, बताते हैं कि उन्‍होंने अपनी बेटी को शांत रखने के लिए 2 साल की उम्र से ही स्‍मार्टफोन से खेलने के लिए देना शुरू कर दिया था। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि अत्‍यधिक स्‍मार्टफोन के उपयोग के कारण ही उनकी बेटी की आंखों पर बुरा प्रभाव पड़ना शुरू हो गया था। आंखों की समस्‍याओं के चलते उसे चश्‍मा पहनना पड़ता था। लेकिन उसकी आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कम होती गई और चार साल की उम्र में उसकी सर्जरी करानी पड़ी क्योंकि उसकी दृष्टि खराब हो गई थी।

बाद में पता चला कि ज्‍यादा देर तक उपकरणों के साथ खेलने की वजह से उसे ये समस्‍या हुई है। आंखों की सर्जरी के बाद लड़की अपनी दोनों आंखों से देख पाई। इसके साथ ही डॉक्‍टरों ने सलाह दी थी कि वह बेटी को किसी भी उपकरण से दूर रखें और यहां तक कि टीवी का उपयोग भी न करने दें। क्‍योंकि, इन उपकरणों से निकलने वाला प्रकाश दृष्टि हानि का मुख्य कारण है जिससे उसे सर्जरी करवानी पड़ती है।

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निष्‍कर्ष 

अगर हम भारत की बात करें तो यहां स्‍मार्टफोन का चलन हद से ज्‍यादा बढ़ गया है। छोटे-छोटे बच्‍चे स्‍मार्टफोन में व्‍यस्‍त दिखाई देते हैं। जिन बच्‍चों को चलना नहीं आता वह भी स्‍मार्ट फोन चला रहे हैं। ऐसे में आने वाले समय में थाईलैंड जैसी घटनाएं अगर आपको भारत में सुनाई दे तो इसके लिए आश्‍चर्य होने की जरूरत नहीं होगी। इसलिए जरूरी है कि आप अपने बच्‍चों के साथ-साथ खुद भी स्‍मार्टफोन का कम से कम इस्‍तेमाल करें। इससे न सिर्फ आंखों बल्कि कई अन्‍य शारीरिक समस्‍याओं से बचा जा सकता है।

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