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हेरोइन, कोकीन, मेथ और एलएसडी : 4 तरह की ड्रग्‍स और शरीर पर उनका प्रभाव

तन मन By Pooja Sinha , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 23, 2016
हेरोइन, कोकीन, मेथ और एलएसडी : 4 तरह की ड्रग्‍स और शरीर पर उनका प्रभाव

हो सकता है, ड्रग्‍स लेने के बाद आपको कुछ देर परम आनंद आता हो। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि इन सभी के हानिकारक दीर्घकालिक प्रभाव हो सकते हैं।

हो सकता है कि कुछ ड्रग्‍स को लेने के बाद कुछ देर के लिए आप अपनी चिंताओं और परेशानियों को भूल जाते हो। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि इन सभी के हानिकारक दीर्घकालिक प्रभाव हो सकते हैं। और तो और अगर इसकी ओवरडोज ली जाये तो यह गंभीर जटिलताओं और यहां तक कि मौत का कारण भी हो सकती है। शरीर और मन पर इन ड्रग्‍स के प्रभाव को समझने के लिए हमने कई डॉक्‍टरों से संपर्क किया।

डॉक्‍टर का कहना है कि "अधिकांश दवाओं का दुरुपयोग मनोरंजन या गैरकानूनी उद्देश्यों के लिए हो रहा हैं लेकिन वास्तव में इसका उपयोग शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं जैसे एनेस्थेसिया और दर्दनिवारक के रूप में किया जाता है। इसलिए, इस तरह की पदार्थों का दुरुपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक और जीवन के लिए खतरनाक है।" यहां ऐसी ही चार ड्रग्‍स के आम प्रकार और उससे शरीर पर होने वाले प्रभाव के बारे में जानकारी दी गई है।

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हेरोइन

यह ड्रग्‍स अफीम के पौधे की अफीम से प्राप्‍त होती है। इस अफीम को पहले परिष्‍कृत किया जाता है फिर आगे केमिकल हेरोइन बनने के लिए संशोधित।


शरीर की प्रतिक्रिया और प्रभाव

जब हेरोइन शरीर में निगली जाती है (मौखिक रूप से, इंजेक्शन या धूम्रपान के माध्यम से), तो यह अफीम में बदलकर मस्तिष्क पर असर डालता है। तब प्रभावित नर्वस सेल्‍स डोपामाइन रिलीज करता है, एक न्‍यूरोट्रांसमीटर खुशी की भावनाओं की मध्‍यस्‍थता के लिए जिम्‍मेदार है। खुशी के इस सनसनी क्या एक उपयोगकर्ता आदी हो करने का कारण बनता है। इस दवा के लगातार उपयोग ढह नसों और रक्त वाहिकाओं और हृदय वाल्व के संक्रमण का कारण बनता है। लंबी अवधि तक हेरोइन दुरुपयोग के तपेदिक और गठिया जैसे रोग भी हो सकते हैं।

 

कोकीन

मेडिकली, इस तरह की को‍कीन का इस्‍तेमाल टोपिकल एनेस्थेटिक के रूप में किया जाता है। यह आमतौर पर नाक के माध्‍यम से सूंघने या मसूड़ों पर रगड़कर लिया जाता है। कुछ मामलों में तेजी से प्रतिक्रिया पाने के लिए इसका इस्‍तेमाल नशे या पानी में घोलकर इंजेक्‍शन के रूप में भी किया जाता है।


शरीर की प्रतिक्रिया और प्रभाव

को‍कीन के सेवन से तेजी से मस्तिष्‍क में डोपामाइन का स्‍तर बढ़ जाता है। और यह मस्तिष्‍क में निरंतर होने वाले सामान्‍य रिलीज को रोकता है और संवेदी संचार से आपको खुशी की चरम सीमा का अनुभव पहुंचा देता है। इस ड्रग को लेते ही इंसान के दिमाग की संरचना बदलने लगती है। सिरदर्द, उबकाई, हाथ-पैरों चेहरे की मांसपेशियों में खिचाव, बेचैनीख्‍ चिड़चिड़ापन, रक्तचाप, तापमान में बढ़ोतरी, श्वास की दर का बढ़ना, कोकीन लेने के 30 मिनट के अन्दर ही अपना प्रभाव शुरू कर देती है। ज्यादा मात्रा में लेने से, ऐठन, झटके लगना तथा बेहोशी व कभी-कभी तो मृत्यु भी हो जाती है। इसके अलावा इंजेक्‍शन विनिमय के दौरान संक्रामक रोग और एचआईवी से ग्रस्‍त होने की संभावना बढ़ जाती है।   

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एलएसडी

यह ड्रग्‍स गोलियां या जिलेटिन के रूप में आते है और अरगट कवक है कि जो राई जैसे अनाज पर बढ़ता है। इसका कोई औषधीय उपयोग नहीं है। एलएसडी लेने वाले वास्तविकता से दूर दु: स्वप्न का एक विचित्र राज्य बनाते है।

शरीर की प्रतिक्रिया और प्रभाव

एक बार इसे लेने के बाद, एलएसडी चेतना में बाधा उत्‍पन्‍न करता है और यह मस्तिष्क में सेरोटोनिन रिसेप्टर्स को उत्तेजित करता है, जिससे मस्तिष्क की गतिविधियों में वृद्धि और अति कल्पना की आने लगती है। मस्तिष्‍क को गंभीर रूप से प्रभावित करता है और व्‍यक्ति की फैसले की भावना पर असर पड़ता है और शारीरिक उत्तेजना और पर्यावरण को समझने की क्षमता खो देता है। यह अवस्‍था उपयोगकर्ता को भय के कारण और आतंक हमलों और सदमे की स्थिति में डाल देती हैं।

 

क्रिस्टल मेथ

यह ड्रग्‍स से बहुत अधिक नशा होता है और एक शक्तिशाली केंद्रीय तंत्रिका उत्तेजक है। क्रिस्टल मेथ अवैध रूप से निर्मित होती है। मेथाम्फेटामीन क्रिस्टलीय का रूप है।


शरीर की प्रतिक्रिया और प्रभाव 

ड्रग्‍स मस्तिष्‍क से रक्‍त प्रवाह के माध्‍यम से डोपामाइन की रिहाई को उत्‍तेजित करता है, जो कोकीन से तीन गुणा ज्‍यादा और प्राकृतिक रूप से छ‍ह गुना ज्‍यादा उत्‍पादित होती है। इसके अल्‍पकालिक दुष्‍प्रभाव में अत्‍यधिक वजन घटना, सोने में तकलीफ, मतली, और चिड़चिड़ापन शामिल है। कुछ मामलों में इसका इस्‍तेमाल मौत का कारण भी हो सकता है। लंबे समय के प्रभावों में रक्‍त वाहिकाओं को क्षतिग्रस्‍त होना, स्‍ट्रोक, हृदय पतन या मौत और लीवर और किडनी और फेफड़ों का नुकसान शामिल है। नशे से मस्तिष्‍क क्षति, स्‍मृति हानि और मूड में बहुत ज्‍यादा बदलाव आदि शामिल है।


इसलिए स्‍वस्‍थ जीवन को विकल्‍प बनाओ और ड्रग्‍स के प्रभोलन को छोड़ने जैसे ठोस लक्ष्‍य को पाने लिए परहेज जैसा पहला कदम उठाये।

Image Source : Getty

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