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कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ाते हैं ये 4 तरह के दूध! आज ही कहें बॉय-बॉय

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By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Feb 19, 2018
कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ाते हैं ये 4 तरह के दूध! आज ही कहें बॉय-बॉय

आपने भी ये बात जरूर सुनी होगी कि दूध पीना हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।

Quick Bites
  • दूध कोलेस्ट्रॉल लेवल को जरूरत से ज्यादा बढ़ा और घटा भी देते हैं।
  • गाय के दूध में प्रचुर मात्रा में पोटेशियम और ओमेगा-3 होता है।
  • बादाम का दूध भी कोलेस्ट्रॉल के लिहाज से बहुत अच्छा होता है। 

आपने भी ये बात जरूर सुनी होगी कि दूध पीना हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। हालांकि इस बात में कोई दोराय नहीं है कि दूध पीने से हमारे शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। इसके साथ ही दूध हड्डियों को भी मजबूती प्रदान करता है। आजकल बाजारों में कई तरह के दूध उपपलब्ध हैं। बढ़ते विज्ञापनों के इस दौर में भी कभी गाय के दूध को अधिक फायदेमंद बताया जाता है तो कभी भैंस या फिर सोया मिल्क को अच्छा बताया जाता हैै। दूध की गुणवत्ता सभी में अलग होती है। ऐसे में हमें अपने शरीर के हिसाब से दूध पीना चाहिए। क्योंकि कई बार दूध हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल को जरूरत से ज्यादा बढ़ा और घटा भी देते हैं।

क्या होता है कोलेस्ट्रॉल

कोलेस्ट्रॉल एक तरह का वसायुक्त तत्व है, जिसका उत्पादन लिवर करता है। यह कोशिकाओं की दीवारों, नर्वस सिस्टम के सुरक्षा कवच और हॉर्मोस के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। यह प्रोटीन के साथ मिलकर लिपोप्रोटीन बनाता है, जो फैट को खून में घुलने से रोकता है। हमारे शरीर में दो तरह के कोलेस्ट्रॉल होते हैं- पहला, एचडीएल (हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन, अच्छा कोलेस्ट्रॉल) और दूसरा एलडीएल (लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन, बुरा कोलेस्ट्रॉल)। एचडीएल यानी अच्छा कोलेस्ट्रॉल काफी हलका होता है और यह ब्लड वेसेल्स में जमे फैट को अपने साथ बहा ले जाता है। बुरा कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल ज्यादा चिपचिपा और गाढ़ा होता है।

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अगर इसकी मात्रा अधिक हो तो यह ब्लड वेसेल्स और आर्टरी की दीवारों पर जम जाता है, जिससे खून के बहाव में रुकावट आती है। इसके बढने से हार्ट अटैक, हाई ब्लडप्रेशर और ओबेसिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कोलेस्ट्रॉल की जांच के लिए लिपिड प्रोफाइल नामक ब्लड टेस्ट कराया जाता है। किसी स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में कुल कोलेस्ट्रॉल की मात्रा 200 मिग्रा./डीएल से कम, एचडीएल 60 मिग्रा./डीएल से अधिक और एलडीएल 100 मिग्रा./डीएल से कम होना चाहिए। शरीर में कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने या कम करने में दूध की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अगर सचेत तरीके से दूध का सेवन किया जाए तो कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित किया जा सकता है।

गाय का दूध और कोलेस्ट्रॉल

करीब 1 कप गाय के दूध में 146 कैलोरी, 5 ग्राम सेचूरेटेड फैट और 24 मिलिग्राम कोलेस्ट्रॉल होता है। यानि कि गाय का दूध प्रोटीन, न्यूट्रिशियन, विटामिन्स और मिनिरल्स का जबरदस्त स्त्रोत होता है। गाय के दूध में प्रचुर मात्रा में पोटेशियम और ओमेगा—3 भी होता है जो हमें हाई ब्लड प्रेशर के रिस्क से बचाता है। अगर कोलेस्ट्रॉल लेवल की बात करें तो गाय का दूध शरीर में एलडीएल (लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन, बुरा कोलेस्ट्रॉल) को बढ़ाता है। एलडीएल ज्यादा चिपचिपा और गाढ़ा होता है। अगर इसकी मात्रा अधिक हो तो यह ब्लड वेसेल्स और आर्टरी की दीवारों पर जम जाता है, जिससे खून के बहाव में रुकावट आती है। ऐसे में जिन लोगों को एलडीएल की समस्या है उन्हें गाय के दूध का सेवन नहीं करना चाहिए।

हरी घास खाने वाली गाय का दूध

हरी घास खाने वाली गाय के दूध को अनपसच्योरिड दूध भी कहा जाता है। इसमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, न्यूट्रिशियन, विटामिन्स और मिनिरल्स होते हैं। लेकिन गर्भवती और बच्चों को इस दूध से और डेयरी दूध से परहेज करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि यह दूध पास्चराइजेशन की प्रक्रिया से नहीं जाते हैं जो संभावित रूप से हानिकारक बैक्टीरिया जैसे साल्मोनेला, लिस्टिरिया और ई कोलाई को मारता है। इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल लेवल तो खराब होता ही है साथ ही इम्यून सिस्टम भी कमजोर होता है। जिससे कई बीमारियों के होने का खतरा रहता है।

सोया मिल्क

सोया मिल्क के 1 कप दूध में 80 कैलोरी और सिर्फ 2 ग्राम फैट होता है। जिन लोगों को अपने बढ़ते कोलेस्ट्रॉल का डर सताता है उनके लिए सोया मिल्क सबसे अच्छा विकल्प है। यह कोलेस्ट्रॉल को सामान्य रखने के साथ ही इसमें सेचूरेटेड फेट ना मात्र होता है। सोया मिल्क में 7 ग्राम प्राटीन होता है, जो हद्य स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है।

बादाम मिल्क

बादाम का दूध भी कोलेस्ट्रॉल के लिहाज से बहुत अच्छा होता है। इसमें सेचूरेटेड फेट की मात्रा लगभग ना मात्र होती है। इस दूध को अक्सर दिल के मरीजों के लिए सुझाया जाता है। करीब 1 कप बादाम के दूध में 30 से 40 कैलोरी और लगभग 50 प्रतिशत प्रोटीन होता है। इस दूध की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह शरीर से इन्फ्लेमेशन यानि कि जलन और खराब इम्यून सिस्टम को सही करता है। मानसिक रूप से पीड़ित लोगों के लिए भी यह दूध उपयुक्त है।

भांग का दूध

यह दूध भांग के बीजों से तैयार किया जाता है। अगर आप चौबीस घंटे अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल को देखते रहते हैं तो आपके लिए भांग का दूध सबसे बेहतर विकल्प है। 1 कप भांग के दूध में 80 कैलोरी, आधा ग्राम सेचूरेटेड फैट और नो कोलेस्ट्रॉल होता है। इसमें भरपूर मात्रा में ओमेगा—3 भी होता है। हद्य स्वास्थ्य के लिए यह बहुत बेहतर विकल्प है।

कोकोनट मिल्क

कोकोनट मिल्क में कोलेस्ट्रॉल को ना मात्र होता है लेकिन सेचूरेटेड फैट काफी होता है। इसके 1 कप में करीब 45 कैलोरी होती है। डॉक्टर्स भी कहते हैं कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य के साथ ही दिल से जुड़ी बीमारियों के लिए भी यह दूध बहुत अच्छा है। हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल वाले लोगों को कोकोनट मिल्क का सेवन करना चाहिए।

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चावल का दूध

चिकित्सा विशेषज्ञ ऐसा मानते हैं कि चावल के दूध में सिर्फ कार्बोहाइड्रेट होता है। लेकिन इस तरह के दूध में भी वसा और प्रोटीन की मात्रा कम होती है। अक्सर यह भूरे चावल से बनता है। इस दूध में फाइबर की कमी होती है और यह बहुत पत्ला होता है।यह बहुत मीठा होने के साथ ही किसी भी तरह की एलर्जी से भी बचाता है।

बकरी का दूध

बकरी के दूध में सेचूरेटे और कोलेस्ट्रॉल दोनों ही हाई लेवल बढ़ाते हैं। जिन लोगों को बढ़ते कोलेस्ट्रॉल की समस्या होती है उन्हें इस दूध का सेवन नहीं करना चाहिए। यह दूध ब्लड स्ट्रोक और हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाता है।

ऊंटनी का दूध

ऊंटनी का दूध कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ता है। साथ ही इसमें सेचूरेटेड फैट की मात्रा भी अधिक होती है। करीब 1 कप दूध में 107 कैलोरी, 17 ग्राम कोलेस्ट्रॉल और 3 ग्राम सेचूरेटेड फैट होता है।

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Written by
Rashmi Upadhyay
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागFeb 19, 2018

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