क्यों ज्यादा सुनने में आते हैं बाथरूम में हार्ट अटैक के मामले? जानें इसके 3 बड़े कारण

Updated at: Nov 18, 2020
क्यों ज्यादा सुनने में आते हैं बाथरूम में हार्ट अटैक के मामले? जानें इसके 3 बड़े कारण

अचानक हार्ट अटैक के बहुत सारे मामले कई बार बाथरूम में सुनने को मिलते हैं, जानें बाथरूम में हार्ट अटैक के लिए कौन सी गलतियां हैं जिम्मेदार।

 

सम्‍पादकीय विभाग
हृदय स्‍वास्‍थ्‍यWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Aug 13, 2019

खराब जीवनशैली और खान-पान की गलत आदतों के कारण व्यक्ति तमाम बीमारियों का शिकार हो जाता है, जिनमें से कुछ बीमारियां हमारे स्वास्थ्य के लिए घातक साबित होती हैं। इनमें से एक बीमारी है हार्ट अटैक, जिसने न केवल अधिक उम्र वाले लोगों को अपनी चपेट में लिया है बल्कि 30 साल की उम्र वाले लोग भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। हार्ट अटैक मौजूदा दौर की सबसे गंभीर बीमारियों में से एक है। हार्ट अटैक के कारण कोई भी व्यक्ति चंद पलों में अपनी जान गंवा सकता है। अधिकतर मामलों में लोगों को बाथरूम में दिल का दौरा पड़ने की बात सामने आती है और इसी कारण उनकी जान बचाना मुश्किल हो जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाथरूम में दिल का दौरा पड़ने के पीछे क्या वजह हो सकती है अगर नहीं तो हम आपको इसके पीछे के तीन कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं। इन संकेतों को ध्यान में रखकर आप अगली दफा खुद को बचा सकते हैं।

बाथरूम में हार्ट अटैक आने के तीन कारण

नहाते वक्त ब्लड प्रेशर का बढ़ना या घटना

अक्सर नहाते वक्त हमारे शरीर का रक्तचाप यानी की ब्लड प्रेशर प्रभावित हो सकता है। दरअसल इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं

  • अचानक गर्म पानी या ठंडा पानी के नीचे जाना। 
  • बॉडी को साफ करने में ज्यादा प्रेशर लगाना।
  • दोनों पैरों के सहारे ज्यादा देर तक बैठे रहना।
  • जल्दी बाजी मे नहाना।
  • बाथटब में ज्यादा बैठे रहना।

आपको बता दें कि इन चीजों से हमारा हार्ट रेट प्रभावित होता है,  जो रक्त प्रवाह को प्रभावित करते हुए हमारी धमनियों पर दबाव बढ़ा देता है। जिससे हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट जैसी स्थिति होने की संभावना बढ़ जाती है।

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टॉयलेट का प्रेशर साबित होता है खतरनाक

टॉयलेट सीट पर बैठने या फिर आम भारतीय घरों में प्रयोग किए जाने वाले टॉयलेट के इस्तेमाल के दौरान लोगों को अधिक प्रेशर लगाना या फिर ज्यादा देर तक बैठना पड़ता है, जिससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है। इससे न केवल दिल की धमनियों पर प्रभाव पड़ता है बल्कि रक्त का प्रवाह भी बाधित होता है, जिसके कारण अक्सर लोगों को बाथरूम में हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट होता है।

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सिर पर ठंडे पानी से भी होता है हार्ट अटैक

विशेषज्ञों के मुताबिक,  नहाते वक्त अक्सर सबसे पहले लोगों को अपने तलवों पर पानी डालना चाहिए उसके बाद ही सिर और बाकी हिस्सों को धीरे - धीरे गिला करना चाहिए। जब सीधे सिर पर ठंड़ा पानी पड़ता है तो रक्तचाप प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होता है। जो न केवल दिल के दौरा का कारण बन सकता है बल्कि हमारे लिए घातक भी साबित हो सकता है।

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