• shareIcon

सुबह-शाम स्मार्टफोन पर चिपके रहने से हो सकती हैं ये 3 समस्याएं, बरतें सावधानी

लेटेस्ट By जितेंद्र गुप्ता , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 14, 2019
 सुबह-शाम स्मार्टफोन पर चिपके रहने से हो सकती हैं ये 3 समस्याएं, बरतें सावधानी

सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक हम सभी अपने अपने स्मार्टफोन पर चिपके रहते हैं और अपना पल-पल उसी के साथ व्यस्त रहते हैं। एक अध्ययन में स्मार्टफोन के उपयोग और मस्तिष्क के कैंसर के बीच संबंध का खुलासा हुआ है।

 

तकनीक के इस दौर में स्मार्टफोन का उपयोग लगभग हम सभी के लिए दूसरा स्वभाव जैसा बन गया है। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक हम सभी अपने अपने स्मार्टफोन पर चिपके रहते हैं और अपना पल-पल उसी के साथ व्यस्त रहते हैं। हालांकि स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा भी है क्योंकि तकनीक के इस दौर में कोई भी खुद को पीछे नहीं रखना चाहता है लेकिन इसकी उपयोगिता को लेकर हुए एक शोध से पता चला है कि आपके स्मार्टफोन का नकारात्मक प्रभाव आपके जीवन पर भी हो सकता है।

पहले भी स्वास्थ्य विशेषज्ञ जाहिर कर चुके हैं कि स्मार्टफोन आपके स्वास्थ्य के साथ-साथ कई आपके सामाजिक व्यवहार को भी प्रभावित कर रहा है। हम आपको स्मार्टफोन और आपके सेहत के बीच संबंध के बारे में बताने जा रहे हैं कि कैसे पूरा दिन स्मार्टफोन पर बिताने से आपके स्वास्थ्य को क्या-क्या हानि हो सकती है।

स्वास्थ्य को खतरा

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ हेल्थ साइंसेज के अक्टूबर 2014 संस्करण में प्रकाशित एक व्यापक अध्ययन से सामने आया कि आपका स्मार्टफोन आपके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। अध्ययन में स्मार्टफोन के उपयोग और मस्तिष्क के कैंसर के बीच संबंध का खुलासा किया। हालांकि अध्ययन के शोधकर्ताओं ने इस विषय पर और अधिक शोध की आवश्यकता को दोहराया। अध्ययन के मुताबिक स्मार्टफोन का अधिक उपयोग पेसमेकर और सुनने की मशीन लगाने वाले लोगों के साथ-साथ विमान इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में भी बाधा पैदा करता है। वहीं बात करें परिवहन की तो शोध में खुलासा हुआ कि अधिकतर सड़क हादसों में चालक स्मार्टफोन पर किसी बात से विचलित होकर अपना ध्यान खो बैठका हो और हादसे का शिकार होता है।

इसे भी पढ़ेंः  अगर आप भी दिन में पीते हैं 6 कप से ज्यादा कॉफी, तो हो सकती है ये गंभीर बीमारी

आंखों की खराब होती रोशनी

साइंटीफिक रिपोर्ट में जुलाई 2018 में  प्रकाशित एक अध्ययन से सामने आया था कि आपके स्मार्टफोन से निकलने वाली नीली रोशनी आपको अंधा कर सकती है। अध्ययन के अनुसार, नीली रोशनी के संपर्क में एक कण आता है, जिसे रेटिना कहा जाता है। इससे आंखों के भीतर फोटोरिसेप्टर कोशिकाओं में जहरीले रासायनिक अणु उत्पन्न होते हैं। यह एक जहर है। अगर आपके  रेटिनल पर नीली रोशनी पड़ती है तो रेटिनल फोटोरिसेप्टर कोशिकाओं को खत्म करना शुरू कर देता है क्योंकि झिल्ली पर मौजूद संकेतन अणु समाप्त होना शुरू हो जाते हैं। अध्ययन में शामिल शोधकर्ताओं ने कहा कि फोटोरिसेप्टर कोशिकाएं आंख में पुनर्जीवित नहीं होती हैं।

इसे भी पढ़ेंः  फिटनेस के लिए प्रोटीन शेक पर निर्भर रहना हो सकता है जानलेवा: अध्ययन

समाज से कटने जैसा बर्ताव

स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ आपका स्मार्टफोन अपने परिवार के साथ बिताने योग्य महत्वपूर्ण समय भी आपसे छीन रहा है। जर्नल ऑफ एक्सपेरिमेंटल सोशल साइकोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि वे लोग जो परिवार और दोस्तों के साथ रात का भोजन करते हुए अपने डिवाइस का प्रयोग करते हैं वे ऐसा नहीं करने वालों की तुलना में अधिक खुश रहते हैं। शोधकर्ताओं ने एक और अध्ययन में पाया कि अपने स्मार्टफोन में घुसे रहने वाले लोग समाज के अन्य लोगों के साथ बातचीत में भी विशेष रूचि नहीं रखते हैं।

Read More Articles On Health News in Hindi

 

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK