जमीन पर सोकर आप भी पा सकते हैं पीठ और कमर दर्द से छुटकारा, जानें 3 लाभ और जरूरी सावधानियां

Updated at: Nov 02, 2019
जमीन पर सोकर आप भी पा सकते हैं पीठ और कमर दर्द से छुटकारा, जानें 3 लाभ और जरूरी सावधानियां

बहुत ज्यादा मुलायम बिस्तर पर सोने से आपके शरीर को सही सपोर्ट नहीं मिलता है, जिसके कारण कई नसों पर अनावश्यक दबाव बढ़ता है और शरीर का पोश्चर बिगड़ता है। ऐसे में अगर आप जमीन पर सोते हैं, तो आपको इन समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। जानें इसके फायदे और

Anurag Anubhav
विविधWritten by: Anurag AnubhavPublished at: Nov 02, 2019

अगर आप अक्सर पीठ, कमर और कंधों के दर्द से परेशान रहते हैं, तो इसका कारण आपका बिस्तर हो सकता है। मुलायम और स्पंजी बिस्तर पर सोने से कई बार शरीर का पोश्चर बिगड़ जाता है, जिसके कारण शरीर के अंगों में दर्द शुरू हो जाता है। सोने की आदर्श स्थिति ऐसी मानी जाती है कि आपका बिस्तर सख्त और सीधा होना चाहिए। लंबे समय तक मुलायम बिस्तर पर सोने से आपको कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं और रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुंच सकता है।

पीठ और कमर दर्द को दूर करने के लिए और बॉडी का पोश्चर सही करने के लिए जमीन पर सोना आपके लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। हालांकि सर्दियों में जमीन ठंडी होती है, इसलिए अगर आप चाहें, तो बिना मोटा गद्दा बिछाए बेड पर भी सो सकते हैं। प्लास्टिक के पट्टों वाले फोल्डिंग बेड पर सोना भी आपके स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छा नहीं माना जा सकता है क्योंकि ये पट्टे बेहद लचीले होते हैं, जिससे आपके शरीर को सही पोश्चर नहीं मिल पाता है। जमीन पर सोना आपके लिए कई मायनों में फायेदमंद हो सकता है। यहां हम आपको बता रहे हैं 5 फायदे।

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बॉडी का पोश्चर रहेगा सही

सख्त सतह पर सोना आपके लिए इसलिए फायदेमंद होता है क्योंकि इससे आपका बॉडी पोश्चर सही रहता है। हमारे शरीर का प्रत्येक अंग महत्वपूर्ण है और नाजुक है। ऐसे में जब आप आड़ा-टेढ़ा सोते हैं, तो कुछ खास अंगों पर शरीर का वजन बढ़ जाता है, जिससे ये अंग दब जाते हैं। रीढ़ की हड्डी वैसे तो काफी मजबूत होती है, मगर लंबे समय तक गलत पोश्चर में लेटने के कारण इसका आकार बदल सकता है और आपको कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं।

पीठ और कमर दर्द से छुटकारा

पीठ और कमर में दर्द का कारण भी अक्सर गलत बॉडी पोश्चर होता है। नर्म-मुलायम बिस्तर आपके शरीर को आराम तो पहुंचाते हैं, मगर इन पर सोने के दौरान आपके शरीर को सही सपोर्ट नहीं मिलता है। आपके शरीर के सभी महत्वपूर्ण अंग आपके सीने से लेकर पेट के छोर तक मौजूद होते हैं, जिसके कारण शरीर के इस हिस्से का भार सबसे ज्यादा होता है। ऐसे में जब आप मुलायम बिस्तर पर सोते हैं, तब बिस्तर पर आपके शरीर का ऊपरी और निचला हिस्सा ऊपर रह जाता है, जबकि बीच का हिस्सा धंस जाता है। इसी पोजीशन में देर तक रहने से नसें और मांसपेशियों में तनाव उत्पन्न होता है और ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है। इसलिए दर्द होने लगता है। जबकि जमीन पर सोने के दौरान शरीर को सही सपोर्ट मिलता है इसलिए ऐसी समस्याएं नहीं होती हैं।

सायटिका के दर्द से राहत

सायटिका एक प्रकार का दर्द होता है, जो सायटिका नसों में दबाव के कारण होता है। ये नस आपके कमर और हिप्स से होते हुए आपके पैरों में की तरफ जाती है। जमीन पर सोने से आपको सायटिका के दर्द से छुटकारा मिल सकता है। आमतौर पर सायटिका के मरीजों के लिए मुलायम बिस्तर पर सोना नुकसानदायक माना जाता है क्योंकि ये दर्द को बढ़ा सकता है।

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जमीन पर सोने से पहले जरूरी सावधानियां

  • जमीन पर सोने से पहले उस पर कोई चादर, चटाई या दरी आदि जरूर बिछाएं।
  • सर्दियों में आपको जमीन पर बिना मोटा मैट्रेस बिछाए नहीं सोना चाहिए, वर्ना आपको ठंड लग सकती है।
  • यह जरूर तय कर लें कि आप जिस कमरे में सो रहे हैं वहां रेंगने और उठने वाला कोई जीव-जंतु न प्रवेश कर पाए।
  • गंदी, धूल भरी जगह पर कभी भी जमीन में न सोएं।
  • छोटे बच्चों, बूढ़े लोगों को जमीन पर न सुलाएं, क्योंकि उनमें मूवमेंट ज्यादा होता है, जिससे वो बिस्तर से बाहर जा सकते हैं।

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