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इन 10 कारणों से नहीं कम हो रही है आपके पेट की चर्बी, वजन घटाना है तो बदलें ये आदतें

वज़न प्रबंधन By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jan 02, 2019
 इन 10 कारणों से नहीं कम हो रही है आपके पेट की चर्बी, वजन घटाना है तो बदलें ये आदतें

कई बार आप वजन घटाने के लिए तरह-तरह की एक्सरसाइज, डाइटिंग और दवाएं आजमाते हैं, फिर भी आपका वजन कम नहीं होता है। खासकर पेट पर जमा चर्बी आसानी से नहीं नहीं खत्म होती है। प्रयास करने के बावजूद वजन न घटने के कई कारण हो सकते हैं। आइए आपको बताते हैं कि क

कई बार आप वजन घटाने के लिए तरह-तरह की एक्सरसाइज, डाइटिंग और दवाएं आजमाते हैं, फिर भी आपका वजन कम नहीं होता है। खासकर पेट पर जमा चर्बी आसानी से नहीं नहीं खत्म होती है। प्रयास करने के बावजूद वजन न घटने के कई कारण हो सकते हैं। आइए आपको बताते हैं कि किन कारणों से नहीं घट रहा है आपका वजन और किन आदतों को बदलकर आप कर सकते हैं पेट की चर्बी को कम।

ज्यादा कैलोरीज का सेवन

उम्र बढ़ने के साथ आदमी के शरीर के पोषक तत्वों की जरूरत भी अलग हो जाती है। लेकिन एक आम धारणा के मुताबिक लोग उम्र बढ़ने के बाद भी वही भोजन लेते रहते हैं जो भोजन बचपन और युवावस्था से लेते आ रहे हैं। उम्र बढ़ने के साथ भोजन में कैलोरीज की जरूरत भी भिन्न हो जाती है। ऐसे में शरीर में कैलोरीज बढ़ने और उसके खपत न होने पर वो शरीर के अंगों में चर्बी के रूप में जमा हो जाते हैं।

गलत पोश्चर में बैठना

पेट पर फैट की वजह सिर्फ ज्यादा खाना और व्यायाम ना करना ही नहीं होता। इसका एक कारण बैठने की गलत स्थिति भी होती है। लंबे समय तक बैठकर, कंधे झुकाकर बैठकर काम करने के कारण पेट की मांसपेशियां बाहर की ओर आने लगती हैं। गलत पोश्चर की वजह से पेट पर चर्बी इकट्ठा होती है।

थायरॉइड की समस्या

हाइपोथायरायडिज्म महिलाओं में वजन बढ़ने के लिए जिम्मेदार होता है। इसके आम लक्षणों में थकान, ठंडे असहिष्णुता, वजन बढ़ना, ड्राई  स्किन और कब्ज शामिल हैं। वजन बढ़ना शरीर में चयापचय दर की कमी के परिणामस्वरूप होता है।

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तनाव और नींद की कमी

सोते समय कॉर्टिसोल हॉर्मोन बनता है, जो बॉडी मसल्‍स बनाने में मदद करते हैं। पर्याप्‍त नींद नही लेने के कारण वजन नही बढ़ता है। स्‍ट्रेस के कारण भूख कम लगती है। इससे दिनचर्या खराब हो जाती है। इसका पाचनतंत्र पर भी असर पड़ता है। इस वजन स्‍वस्‍थ व्‍यक्ति भी दुबले हो जाते हैं।

सुबह का नाश्ता देर से करना या छोड़ देना

सुबह का नाश्‍ता समय पर न करने से हमारा मेटाबॉलिज्‍म स्‍लो हो जाता है क्‍योंकि रात के खाने और सुबह के नाश्‍ते के बीच लंबा गैप होता है। ऐसे में लंबे अंतराल के कारण शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। इससे फैट ठीक से बर्न नहीं हो पाता और वजन बढ़ने लगता है।

अनहेल्दी स्नैक्स खाना

कई बार लोग लंबे सफर के वक्‍त कुछ ना कुछ मुंह में डाले ही रहते हैं, चाहे वह समोसा हो, चिप्स हो या फिर बर्गर। इन सब अनहेल्‍दी स्‍नैक्‍स से पेट कम भरता है और कैलोरी ज्‍यादा बढ़ जाती है। इसलिये अगर आप लंबे सफर पर हों, तो अपने साथ पौष्‍टिक आहार रखें और साथ में पानी की बोतल भी रखें। सफर के दौरान आप फल, गाजर, खीरा या सलाद खा सकते हैं।

ज्यादा कॉफी पीना

कॉफी लाइफस्टाइल का एक अहम हिस्सा बन गई है। अब हम न सिर्फ जरूरत पर कॉफी पीते हैं, बल्कि उसे एक आदत बना लेते हैं। कई बार अगर लोंगो को एक साथ किसी जगह पर मिलना होता है, तो वह कॉफी शॉप पर मिलने का प्‍लान बनाते हैं। जहां पर वे कॉफी पीते हैं और उसके साथ कुछ स्‍नैक्‍स या ब्राउनीज भी खाते हैं। इसके अलावा, ऑफिस में बार बार कॉफी पीते हैं। ये आदत वजन बढ़ाती है। अगर आप पीना ही चाहते हैं तो ग्रीन टी पियें।

हर समय खाते रहना

बहुत से लोग खाना भी 4 टाइम खाएंगे और स्‍नैक्‍स भी। यदि आपको मिनट-मिनट पर स्‍नैक्‍स खाने की आदत है तो खाना थोड़ा कम खाइये क्‍योंकि इससे शरीर में कैलोरीज बढ़ जाती है। अतिरिक्त कैलोरी की वजह से वजन बढ़ने लगता है।

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ज्यादा कार्बोहाइड्रेट का सेवन

कार्बोहाईड्रेट ब्लड ग्लूकोज के स्तर को बढ़ाते हैं जिससे इंसुलिन की मात्रा बढ़ती है। ऐसे में शरीर में बढ़ जाता है जो भार वृद्धि कारण बनता है। कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि साधारण कार्बोहाईड्रेट जैसे शक्कर, फुक्टोज, सॉफ्ट ड्रिंक्स, बीयर, वाईन आदि वजन बढ़ाने में सहायक होते है क्योंकि शरीर इनको तेजी के साथ अवशोषित कर लेता है। कॉम्प्लेक्स कार्बोहाईड्रेट इतनी जल्दी अवशोषित नहीं किये जा सकते है जैसे पास्टा, ब्राउन राईज, ग्रेन्स वेजीटेबल्स, कच्चे फल आदि।

मेटाबॉलिज्म धीरे होना

उम्र बढ़ने के साथ ही शरीर में मेटाबोलिक रेट भी तेज़ी से कम होने लगती है। और इस तरह पहले की भाति कैलोरीज नहीं जलती है और शरीर में चर्बी के रूप में जमा होने लगती है।

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