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    होम्‍योपैथी से मलेरिया का प्रबंधन

    मलेरिया By सम्‍पादकीय विभाग , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 31, 2011
    होम्‍योपैथी से मलेरिया का प्रबंधन

    मलेरिया पूरे विश्व में हर साल करीब 1- 1.5 लाख लोगों की मौत का कारण बनता है। यह अधिकतर देशों में मुख्य स्वास्थ्य समस्या बना हुआ है।

    मलेरिया पूरे विश्व में हर साल करीब 1- 1.5 लाख लोगों की मौत का कारण बनता है। यह अधिकतर देशों में मुख्य स्वास्थ्य समस्या बना हुआ है। यह प्रसिद्ध है कि होमियोपैथी चिकित्सा से कई बीमारियों का इलाज हो सकता है। मलेरिया के लिए होमियोपैथी उपचार का उपयोग सदियों से किया जा रहा है।

     

    मलेरिया का होमियोपैथी उपचार

     

    होमियोपैथी इलाज का एक्यूट मलेरिया सही प्रतिक्रिया देता है। हालांकि दीर्घकालीक मलेरिया, अत्यधिक मलेरिया या खतरनाक कॉम्प्लीकेशन का होमियोपैथी चिकित्सा से इलाज बहुत मुश्किल हो जाता है।


    मलेरिया के इलाज के लिए शुरूआत में करीब 45 होमियोपैथी दवाईओं का उपयोग किया जाता था, लेकिन अब करीब 113 दवाईयां मलेरिया के इलाज में उपयोग में लाई जाती हैं। सामान्य तौर पर उपयोग में आने वाली दवाईयों में शामिल हैं – अर्सेनिकम अलबम, चिना, युपेटोरिएट्म पेर्फोलिएटम, नेट्रम म्यूरिअटिकम, नक्स वोमिका, पुल्साटिल्ला, रूस टोक्सीकोडेंड्रोन और सल्फ़र।

     

    हर व्यक्ति के लिए मलेरिया का उपचार वैयक्तिक है। अक्सर होमियोपैथी चिकित्सा नीचे लिखे गए लक्षणो को ध्यान में रखकर दी जाती है –

    • ठंड और बुखार के प्रकट होने का समय
    • शरीर का वह भाग, जहां से ठंड की शुरूआत हुई और बढी।
    • ठंड या बुखार की अवधि
    • ठंड, गर्म और पसीना आने के चरणों की क्रमानुसार वृद्धि
    • प्यास/ प्यास लगना/ प्यास की मात्रा/ अधिकतम परेशानी का समय
    • सिरदर्द का प्रकार और उसका स्थान
    • यह जानना कि लक्षणों के साथ साथ जी मतलाना/ उल्टी आना/ या दस्त जुडा हुआ है या नहीं।

    हाल ही में हुई होमियोपैथी संबन्धित शोधों में मलेरिया को रोकने और उपचार के लिए विकल्प के मूल्यांकन करने की कोशिश की गई है। ‘एर्टेमिसिन अल्कालोइड’ झाडी एर्टेमिसिआ एन्नुआ का एक अर्क है। अनेक विभिन्न एर्टेमिसिआ (कोम्पोसिटी) प्रजातियां जैसे कि एर्टेमिसिआ एब्रोटनुम (एब्रोटनुम), एक मारिटिमा (सिना), एक एब्सिनठिअम (एब्सिनठिअम) होमियोपैथी उपचार के बढिया सबूत हैं। चीनी लोग 2000 सालों से अधिक समय से ‘एर्टेमिसिआ एन्नुआ’ या ‘स्वीट एनी’ का उपयोग मलेरिया और अन्य बुखार के लिए एक गुणकारी चाय के तौर पर करते आए हैं। मलेरिया के उपचार के लिए क्लोरोक्यूइन उपचार की तुलना में होमियोपैथी चिकित्सा के असर पर हुई एक शोध के अनुसार क्लोरोक्यूइन की तुलना में होमियोपैथी चिकित्सा का असर है।

     

    होमियोपैथी से सावधानी

     

    होमियोपैथी चिकित्सा से एक्यूट मलेरिया के लक्षणों से पीडित एक रोगी का उपचार शायद असरदायक रूप से हो सकता है, लेकिन यदि आप मलेरिया के इलाज के लिए होमियोपैथी चिकित्सा का उपयोग करना चाहते हैं, तो कृपया अपने चिकित्सक को इस बात की जानकारी अवश्य दें। मलेरिया से बचाव और अति तीव्र मलेरिया का उपचार करने के लिए होमियोपैथी चिकित्सा पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए। मलेरिया का उपचार या बचाव के लिए होमियोपैथी चिकित्सा के असर पर वैज्ञानिक तथ्य कम हैं।

     

     

    Disclaimer

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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