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हेल्थ केयर यह भी जरूरी है

एक्सरसाइज और फिटनेस By अन्‍य , सखी / Jul 09, 2010
हेल्थ केयर  यह भी जरूरी है

दिन शुरू हुआ नहीं कि आप अपने कामों में उलझी नहीं। यदि आप अपने को व्यस्तता के जंगल में घिरा पा रही हैं तो आपको आवश्यकता है इनसे बाहर आने की। करना कुछ खास नहीं है, निम्न टिप्स को अपनाइए : 

दिन शुरू हुआ नहीं कि आप अपने कामों में उलझी नहीं। यदि आप अपने को व्यस्तता के जंगल में घिरा पा रही हैं तो आपको आवश्यकता है इनसे बाहर आने की। करना कुछ खास नहीं है, निम्न टिप्स को अपनाइए : 

  1. दिन शुरू करने से पहले पांच मिनट निकालिए और दिन भर के कामों की सूची बना लीजिए। 
  2. प्राथमिकता का क्रम निश्चित कीजिए। जो जरूरी काम हैं उन्हें पहले करने की योजना बनाइए। यह कतई जरूरी नहीं कि सारे काम आप समाप्त करें ही, अपने साम‌र्थ्य के अनुसार उन्हें  क्रम में रखें। 
  3. दूसरे लोगों की सहायता लेने में हिचकिचाइए मत। चाहे ऑफिस हो या घर, आप अपने सहयोगियों व घर के सदस्यों से यथासंभव सहायता लीजिए। आपका काम आसान होगा और तनाव भी कम होगा। 

गर्भधारण करना हो तो 

पिछले दिनों वैज्ञानिकों ने एक सर्वे के बाद रोचक जानकारी दी। उनके शोध के अनुसार जो स्ति्रयां गर्भधारण करने में अक्षम हैं वे जी भर कर आइसक्रीम और दुग्ध उत्पाद खाएं। इससे गर्भधारण करने की संभावना दोगुनी हो जाएगी। लेकिन यह ध्यान दें कि इस्तेमाल होने वाले डेयरी उत्पाद कम वसा वाले न हों। शोध के मुताबिक स्ति्रयों के गर्भधारण करने से पहले अधिक वसायुक्त दुग्ध पदार्थ और आइसक्रीम खाने से शरीर में ऊर्जा का संचार अधिक होता है, साथ ही गर्भधारण में आने वाली परेशानियां भी कम हो जाती हैं। रिपोर्ट में साफ कहा गया कि कम वसा वाले दुग्ध उत्पादों का इस्तेमाल नकारात्मक प्रभाव डालता है। अमेरिकी शोधकर्ताओं ने अपने शोध में पाया कि यदि स्ति्रयां कम वसा वाले दुग्ध उत्पाद लेती हैं उनमें गर्भधारण करने की क्षमता 85 प्रतिशत तक कम हो जाती है।

 

बच्चों पर यूवी रेडिएशन का दुष्प्रभाव   

 

आम तौर पर कोई भी सामान्य बचा पूरे साल में किसी वयस्क के मुकाबले तीन गुना अधिक यूवी (अल्ट्रा वॉयलेट) किरणों को ग्रहण करता है। एक व्यक्ति जीवन भर में जितना यूवी किरणों के प्रभाव को ग्रहण करता है, उसका 80 प्रतिशत वह 18 साल तक झेल लेता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट ने दुनिया भर में हर साल होने वाली दृष्टिहीनता में 1 करोड़ 60 लाख मोतियाबिंद के कारण होते हैं (इनमें से 20 प्रतिशत के लिए पराबैगनी किरणें जिम्मेदार होती हैं)। तेज रोशनी दृष्टि को खराब करती है। ऐसे में बचे की आंखों को सुरक्षा देने का प्रयास करें। इसके लिए फोटोक्रोमैटिक लेंस के चश्मे से आंखों को सुरक्षा देना बेहतर विकल्प है। 

 

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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