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हेपेटाइटिस टयूबरक्यूलोसिस के लक्षण

ट्यूबरकुलोसिस By अनुराधा गोयल , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 23, 2012
हेपेटाइटिस टयूबरक्यूलोसिस के लक्षण

आइए जानें हेपेटाइटिस ट्यूबरकुलोसिस के लक्षण क्या हैं।

हेपेटाइटिक ट्यूबरकुलोसिस यानी यकृत टीबी। यह तो आप जानते ही हैं तपेदिक के प्रकार कई हैं और इनकी अवस्थाएं भी कई प्रकार की हैं। इन्हीं में से टी.बी का एक प्रकार है हेपेटाइटिक ट्यूबरकुलोसिस। हेपेटाइटिस एड्स, कैंसर या फिर डायबिटीज की ही तरह की एक बीमारी है। हेपेटाइटिस आमतौर पर अधिक एल्कोहल का सेवन करने वाले या फिर नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले लोगों को होता है। क्या आप जानते हैं अधिक शराब का सेवन करने वाले यकृत रोग से पीडि़त लोगों को हेपेटाइटिक ट्यूबरकुलोसिस होने की आशंका सामान्य व्यक्ति के मुकाबले बढ़ जाती हैं। लेकिन सवाल से उठता है कि हेपेटाइटिक ट्यूबरकुलोसिस है क्या। हेपेटाइटिक ट्यूबरकुलोसिस में किस तरह की समस्याएं होती हैं। हेपेटाइटिक ट्यूबरकुलोसिस के लक्षण क्या हैं। किसी भी बीमारी को पहचानने के लिए उसके लक्षणों को जानना बेहद जरूरी होता है। तो आइए जानें हेपेटाइटिस ट्यूबरकुलोसिस के लक्षण क्या हैं।

  • यह तो सभी जानते हैं शराब के सेवन से यकृत यानी हेपेटाइटिस रोग हो जाता है और यकृत से पीडि़त लोगों को हेपेटाइटिस ट्यूबरकुलोसिस हो सकता है।
  • टी.बी शरीर को भीतर से भारी नुकसान पहुंचाती है जिससे शरीर में जगह-जगह घाव हो जाते हैं।
  • यह तो आप जानते ही हैं कि टी.बी.एक संक्रामक रोग है और हवा में मौजूद छोटे-छोटे टी.बी.के जीवाणु आपके शरीर में सांस के जरिए प्रवेश कर जाते हैं।
  • तपेदिक के लक्षणों को जल्दी से पहचान पाना बहुत मुश्किल होता है। वैसे तो ये आमतौर पर फेफड़ों को प्रभावित करता है लेकिन कुछ मरीज ऐसे भी होते हैं जिनमें हेपेटाइटिस टी.बी के लक्षण  खासतौर पर लीवर को प्रभावित करता है।
  • हालांकि हेपेटाइटिस टी.बी.के लक्षण फुफ्फुसीय टी.बी,सांस की समस्या और कफ इत्यादि से काफी अलग होते हैं।




हेपेटाइटिस टयूबरक्यूलोसिस के लक्षण

  • पेट में गांठे पड़ना- हेपेटाइटिक टयूबरक्यूलोसिस में पेट में गांठे पड़ जाती हैं यानी पेट संबंधी समस्याएं होने लगती हैं।
  • लीवर डैमेज होना- हेपेटाइटिक टयूबरक्यूलोसिस रोग के दौरान रोगी का लीवर डैमेज होने लगता है और उसको कई लीवर संबंधी समस्याएं हो जाती हैं।
  • वजन कम होना- हेपेटाइटिक टयूबरक्यूलोसिस के मरीजों का लगातार वजन कम होता रहता है। इतना ही नहीं कई बार अचानक पेट में दर्द भी उठने लगता है।
  • पेट संबंधी समस्याएं होना- हेपेटाइटिस टयूबरक्यूलोसिस में कई तरह की पेट संबंधी समस्याएं होने लगती हैं जैसे दस्त लगना, रह रहकर पेट में दर्द होना और पेट संबंधी कई और समस्‍याएं होना।
  • मितली होना- हेपेटाइटिस टी.बी.के दौरान मितली जैसी समस्या होने लगती हैं। इसके साथ ही रोगी को कुछ भी खाने-पीने का मन नहीं करता।
  • आंखों और त्वचा का रंग पीला होना- हेपेटाइटिस टी.बी.के दौरान आपको लीवर संबंधी समस्या होती है तो आपकी त्वचा का रंग पीला पड़ने लगता है। आपकी आंखों में पीलापन दिखाई पड़ेगा, इसके साथ ही आपके यूरिन का कलर भी पीला ही होगा।
  • एनीमिया होना और बुखार की शिकायत- तपेदिक में हेपेटाइटिस होना बहुत गंभीर अवस्था हो सकती हैं। ऐसे में आपको एनीमिया तक हो सकता है और लंबे समय तक होने वाला बुखार हो सकता है यानी आपका बुखार उतरेगा ही नहीं और आप काफी कमजोर और थकावट महसूस करेंगे।
  • लीवर की कार्यप्रणाली में बदलाव - तपेदिक में हेपेटाइटिस के कारण आपके रक्त में बदलाव के कारण लीवर की कार्यप्रणाली में भी बदलाव आ सकता है।
Written by
अनुराधा गोयल
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागMar 23, 2012

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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