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हर दिन जरूरी है एक्सरसाइज मंजिरी फडनिस

एक्सरसाइज और फिटनेस By अन्‍य , सखी / Jul 12, 2010
हर दिन जरूरी है एक्सरसाइज  मंजिरी फडनिस

मासूम हंसी और बेहतरीन अभिनय से मंजिरी फडनिस ने बॉलीवुड में अपनी सफलता का परचम लहरा दिया है। सुंदरता के साथ-साथ आज फिटनेस भी जरूरी है, यह उन्होंने मायानगरी में आकर जाना और इस ओर कब से और कैसे ध्यान देना शुरू किया यह उन्होंने बताया सखी को। 

मासूम हंसी और बेहतरीन अभिनय से मंजिरी फडनिस ने बॉलीवुड में अपनी सफलता का परचम लहरा दिया है। सुंदरता के साथ-साथ आज फिटनेस भी जरूरी है, यह उन्होंने मायानगरी में आकर जाना और इस ओर कब से और कैसे ध्यान देना शुरू किया यह उन्होंने बताया सखी को।

 

तब दिया ध्यान 

 

अपने अभिनय का शौक पूरा करने के लिए मैंने बॉलीवुड में कदम तो रखा पर यहां आने के बाद पता चला कि दूर के ढ़ोल सुहावने लगने का क्या मतलब है। यहां जमने के लिए कई बार संुदरता से अधिक  अहमियत रखती है फिटनेस। सुंदर चेहरे का तब तक कोई मतलब नहीं जब तक आपकी बॉडी टोंड नहीं नजर आती। शुरुआती दौर में मैंने फिटनेस के प्रति ध्यान ही नहीं दिया था। खानपान का मैं ध्यान नहीं रखा करती थी। इस मुद्दे पर मेरे गुरु बने शामक दावर। उन्होंने ही मुझे बॉलीवुड में फिटनेस की अहमियत बताई। मैंने उन्हीं के डांस क्लासेस में फिटनेस के पाठ भी पढ़े।

 

जाना फिटनेस की अहमियत 

 

पहले मैं काफी चटपटी चीजें खाया करती थी। बटाटा भाजी बेहद पसंद करती थी। एक बार मेरी मुलाकात अनिल कपूर से हुई। उन्होंने बातों-बातों में मुझे कहा-नो पेन नो गेन। इस बात को गांठ बांधकर रखना कि अभिनय के क्षेत्र में आने वाले कलाकारों की सबसे बड़ी पूंजी उनकी फिटनेस ही होती है। इसी वजह से दर्शक सिनेमाघरों में उनकी फिल्में देखने जाते हैं। फिटनेस के प्रति उनके इस दृष्टिकोण ने मुझे प्रभावित किया। वाकई उनकी फिटनेस काबिलेतारीफ है। अनिल कपूर ने मेरी आंखें खोल दीं। बात फिल्म 'जाने तू या जाने न' की है। यह फिल्म शुरू होने से पहले आमिर ़खान ने पंचगनी (महाबलेश्वर के निकट का एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन) में हमारे लिए वर्कशॉप रखा था, ताकि शूटिंग शुरू हो जाने के बाद रीटेक्स में ही देर न हो जाए। पंचगनी में ही उन दिनों आमिर अपनी फिल्म 'तारे जमीं पर' के लिए शूटिंग करते थे। इस आउटडोर में चूंकि जिम नहीं था, इसलिए मैं स्किपिंग, रनिंग व जॉगिंग जैसी शारीरिक गतिविधियों से ़खुद को चुस्त रखती थी। अब मैं अपनी फिटनेस को गंभीरता से लेने लगी हूं। मैंने कार्बोहाइड्रेट लेना छोड़ दिया है। जिम के ट्रेनर के बताए डाइट चार्ट को मैंने अपना लिया है। चावल खाना ही छोड़ दिया। ह़फ्ते में एकाध बार चावल खाने की
इच्छा हुई तो ब्राउन राइस खाती हूं। अब मसालेदार सब्जियां, ऑयली फूड मेरी डाइट में शामिल नहीं है।

 

मेरी पसंद 

 

लिपस्टिक- मैक की सोफेस्टो-738  
लिपग्लॉस- मैक की ए-47 
मस्कारा- लोरिअल वॉल्यूमाइज्ड 
पऱफ्यूम- एस्टी लॉडर 
फाउंडेशन-  मैक का नैचरल शेड या मैरीके के नैचरल शेड 
एक्सरसाइज अब आदत बन गई

 

मैं अपने जिम एक्सरसाइज के मामले में काफी नियमित हूं। जुहू-वर्सोवा लिंक रोड स्थित एक जिम की मैं सदस्य हूं। हर दिन डेढ़ घंटा कसरत करना मेरी आदत में शुमार है। मेरे दो ट्रेनर हैं-मोनिषा और संजय। संजय मुझसे स्पिनिंग एक्टिविटीज करवाते हैं। तेज संगीत सुनते-सुनते एक घंटा अलग-अलग कसरत करते समय कैसे बीत जाता है, पता नहीं चलता। मोनिषा मुझसे वेट ट्रेनिंग करवाती है, जिसमें कार्डियोवैस्कुलर से लेकर पुश-अप्स, ट्रेड मिल चलाना आदि व्यायाम शामिल हैं।

 

मेरा फिटनेस मंत्र 

 

अब मुझे इस बात पर विश्वास हो चुका है कि यदि एक्सरसाइज को किसी सजा या बोझ की तरह आप स्वीकार करेंगी तो फिर उसका पूरा लाभ आपको नहीं मिलेगा। फिटनेस के लिए मेहनत कर रहे हैं, तो हर एक्सरसाइज को एंजॉय करना सीखें और दिल से करें। उसका फल जल्द और बेहतर मिलेगा। यदि आप जिम किसी कारणवश नहीं जा सकें, शहर के बाहर हों तो फिर आप किसी अन्य तरीके से बॉडी वॉर्म-अप करें। जैसे मैं करती हूं। मैं जब जिम नहीं जा पाती तो दिन भर में सीढि़यां चढ़ती-उतरती हूं। किसी बिल्ंिडग के 5-6 मंजिल आप दिन भर में 2 बार चढ़ें-उतरें तो यह पर्याप्त एक्सरसाइज होती है। मेरा फिटनेस मंत्र यह है कि हर दिन एक्सरसाइज करें, न कर सकें तो बॉडी वॉर्मअप जरूर करें। साथ ही अपने खानपान पर संयम रखें।

 

लेती हूं लिक्विड डाइट 

 

लिक्विड डाइट में मैंने सूप, फलों का जूस, नारियल पानी, जौ का पानी और पर्याप्त पानी पीना शुरू कर दिया है। कार्बोहाइड्रेट लेना बंद कर दिया और प्रोटीनयुक्त चीजों का सेवन अधिक कर दिया है। नाश्ते में कॉर्नफ्लेक्स, अंडे की सफेदी, सेब और पपीता जैसे ऊर्जा देने वाले फल खाने की आदत डाल ली है। इस बात का विशेष ध्यान रखती हूं कि रात आठ बजे के बाद सैलेड के अलावा कुछ भी न खाऊं। दोपहर के खाने में हरी सब्जियां, दही और दाल लेती हूं। शाम को भूख लगने पर कुछ हलका-फुलका जैसे सैंडविच, मारी बिस्किट खाती हूं।

 

वर्कआउट पर देती हूं ध्यान 

 

डाइट के साथ-साथ वर्कआउट पर भी उतना ही ध्यान देती हूं। स्किपिंग और कार्डियो वैस्कुलर सभी एक्सरसाइज थोड़ा-थोड़ा करती हूं। इसी कारण मेरे रूप में बदलाव आया और बॉडी टोंड नजर आने लगी है। लेकिन मैंने आज तक कभी भी क्रैश डाइटिंग नहीं की। मैंने कॉलेज के दिनों में हेल्थ एंड न्यूट्रीशन का एक कोर्स किया था, जिसका मुझे बाद में इस तरह लाभ हुआ। मेरा कद 5'4''  है और पहले वजन 53 किलो था, अब 48 पर आ गया है।

 

कोमल त्वचा व रेशमी बाल 

 

मेरी त्वचा प्राकृतिक रूप से अच्छी है, जिसका श्रेय मेरी दादी को जाता है। मैं हर दो महीने में एक बार त्वचा की सफाई करवाती हूं। शूटिंग के दौरान ही चेहरे पर मेकअप करवाती हूं। वरना मैं मेकअप से दूर ही रहती हूं। वैसे पानी पीने से त्वचा की भीतरी तौर पर सफाई हो जाती है। बालों की देखभाल के लिए हफ्ते में एक बार तेल मालिश कराती हूं। हफ्ते में 2-3 बार शैंपू करती हूं। बालों को किसी भी केमिकल ट्रीटमेंट से बचाती हूं। बालों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए घर पर तैयार किया गया तेल नियमित इस्तेमाल करती हूं। यह कैस्टर ऑयल, ऑलिव ऑयल, कोकोनट ऑयल, माका, भृंगराज तेल और इनके साथ विटमिन ई ऑयल के मिश्रण से तैयार किया गया है। इसे सिर की त्वचा व बालों पर लगाकर मसाज करने से मेरे बाल स्वस्थ और घने बन गए हैं।    

 

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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