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स्वाइन फ्लू का जीवनचक्र

संक्रामक बीमारियां By अनुराधा गोयल , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 16, 2009
स्वाइन फ्लू का जीवनचक्र

Lifecycle of swine flu virus-   स्वाइन फ्लू का खतरा जान को कम ही होता है लेकिन एक खास स्टेज में पहुंचकर या फिर सही समय पर इलाज न कराने से खतरनाक भी साबित हो सकता है। स्वाइन फ्लू वायरस एच1एन1 से फैलता है। स्वा

हर किसी चीज की एक स्टेज होती है फिर वह जीवन चक्र हो या फिर किसी काम की स्थिति। शुरूआती दौर में हर स्थिति गंभीर और कई बार असहज भी होती है। ठीक ऐसा ही किसी बीमारी में होता है। स्वाइन फ्लू के जीवन चक्र के बारे में बात करें तो आमातौर पर स्वाइन फ्लू का खतरा जान को कम ही होता है लेकिन एक खास स्टेज में पहुंचकर या फिर सही समय पर इलाज न कराने से खतरनाक भी साबित हो सकता है।  स्वाइन फ्लू वायरस एच1एन1 से फैलता है। स्वाइन फ्लू की भी अन्य बीमारियों की तरह कई स्टेज होती हैं आइए जानते हैं स्वाइन फ्लू के जीवन चक्र के बारे में।
-    स्वा‍इन फ्लू इंसान से इंसान में संक्रमित होता है। यदि कोई स्वाइन फ्लू ग्रसित व्यक्ति खांसते या छींकते समय नाक को हाथ से ढक लेता है और उसके बाद उस हाथ को जहां कहीं भी लगाता है वहीं ये वायरस फैल जाता है और फिर वहां से किसी अन्य व्यक्ति के हाथों पर लगकर शरीर में प्रवेश हो जाता है।
-    स्वाइन फ्लू सबसे पहले सुअरों से आया था। मनुष्यों में यह 20 सदी में पाया गया।
-    स्वाइन फ्लू विषाणु जो कि इंसान में स्वाइन फ्लू फैलाते हैं, वे  सूअर से सूअर में भी फैल सकते हैं लेकिन सूअर से इंसान में ये विषाणु फैलना मुश्किल होता है।
-    स्वाइन फ्लू वायरस को तीन श्रेणियों इंफ्लूएंजा ए, इंफ्लूएंजा बी और इंफ्लूएंजा सी में बांटा गया है। इंफ्लूएंजा ए यह बहुत ही आम है। आमतौर पर ये इंसानों में पाया जाता है लेकिन ये वायरस बहुत ज्यादा खतरनाक नहीं होते।
-    इंफ्लूएंजा बी को सुअरों में नहीं देखा गया है। वही इंफ्लूएंजा सी बहुत खतरनाक है। ये इंसानों और सूअरों दोनों में अलग-अलग रूपों में आधरित है। इंफ्लूएंजा सी के मानव और सुअरों में फैलने के जीन आधारित अलग अलग भेद हैं। लेकिन ये जीन संक्रमण फैलाने में बहुत प्रभावी होते है। यह विषाणु मानव और सुअरों दोनों को ही प्रभावित करता है।
-    स्वाइन फ्लू एक से दूसरे व्यक्ति तक बड़ी तेजी के साथ फैलता है। बहती नाक के कारण और संक्रमित व्यक्ति के छींकने से यह वायरस दूसरे व्यक्ति में प्रवेश कर जाता है। अगर नाक पर रुमाल या हाथ रखे बिना संक्रमित व्यक्ति छींकता है तो एक मीटर के दायरे में किसी भी अन्य व्यक्ति में यह वायरस सांसों के जरिये प्रवेश कर जाता है।
-    आमतौर पर कोई भी बीमारी जानवर से इंसान में नहीं फैलती लेकिन स्वा्इन फ्लू ऐसी महामारी है जो जानवर से इंसान में भसी फैलती है। दरअसल सूअर के कारण फैलने वाली ये बीमारी उन लोगों को अधिक प्रभावित करती है जो लोग सूअर पालन के व्यवसाय में हैं और लंबे समय तक सूअरों के संपर्क में रहते हैं, उन्हें स्वाइन फ्लू होने का जोखिम अधिक रहता है।
-    गौरतलब है कि इस वायरस के तीन विभिन्न स्वरूपों इंफ्लूएंजा ए, इंफ्लूएंजा बी और इंफ्लूएंजा सी के भी पांच अलग-अलग जीनोटाइप है। ये जीनोटाइप अपने स्वभाव से इंसानों में संक्रमण फैलाते हैं।

स्वाइन फ्लू से बचने के लिए थोड़ी सी सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। खासतौर पर तब जब आपके क्षेञ में स्वाइन फ्लू महामारी फैली हो।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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