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स्वस्थ रहना है, तो कीजिए काम के बीच थोड़ी मस्ती भी

एक्सरसाइज और फिटनेस
By अन्‍य , दैनिक जागरण / Oct 05, 2010
स्वस्थ रहना है, तो कीजिए काम के बीच थोड़ी मस्ती भी

रोजमर्रा के काम की भागदौड़, तनाव और बदलती जीवनशैली के बीच स्वस्थ रहना कठिन होता जा रहा है। यह बात अब कंपनियां भी समझ रही हैं।

कंपनियां बदल रहीं कामकाज का तरीका


रोजमर्रा के काम की भागदौड़, तनाव और बदलती जीवनशैली के बीच स्वस्थ रहना कठिन होता जा रहा है। यह बात अब कंपनियां भी समझ रही हैं। ऐसे में वे अपने कर्मचारियों को स्वस्थ जीवन देने के लिए आगे आ रही हैं।


एडा की एक निजी टेलीकॉम कंपनी में वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन) संदीप सिंह ने बताया कि उनकी कंपनी सप्ताह में एक दिन अपने कर्मचारियों के लिए ध्यान-योग की कक्षाएं आयोजित करती है, जिसमें कर्मचारियों को तनाव प्रबंधन (स्ट्रेस मैनेजमेंट) के गुर सिखाए जा सकें।


संदीप ने कहा, 'अब तक लोगों का मानना था कि सिर्फ संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम से ही स्वस्थ रहा जा सकता है, लेकिन तनाव से निपटना आज सबसे ज्यादा जरूरी है।'


संदीप के मुताबिक तनाव प्रबंधन की  पहल के बाद कर्मचारियों के काम के स्तर में लगभग 15 फीसदी तक सुधार दर्ज किया गया।


परंपरागत मानकों को बदलते हुए कई कंपनियां ऐसी भी हैं, जहां कर्मचारियों को तनाव से बचने के लिए कार्यस्थल पर ही विभिन्न खेलों और मनोरंजन की सुविधाएं जा रहीं हैं।


गुड़गांव स्थित कॉलसेंटर एस्कॉन सेंटर के चीफ ऑपरेशनल मैनेजर सुबोध मिश्र के मुताबिक, 'हमारे देश में काम के बीच 'ब्रेक' अब तक मस्ती माने जाते थे, लेकिन अब विदेशों की तर्ज पर हमारे देश की कंपनियों में भी काम के बीच मनोरंजन को जगह मिलने लगी है। 'ए शॉर्ट ब्रेक' कर्मचारियों के दिमाग को तरोताजा रखते हैं।'


उन्होंने कहा, 'कई कंपनियां म्यूजिक रूम, प्ले रूम और चैटिंग रूम बना रहीं हैं, जहां कर्मचारी बीच-बीच में जाकर बैठ रहे हैं। काम के बीच की ए चुहलबाजी माहौल को और अंतत: दिल को हल्का रखते हैं। लगातार काम के बीच दिमाग को डायवर्ट करना जरूरी है। इस डायवर्शन के बाद कर्मचारी दोगुनी क्षमता से काम कर सकते हैं।'


क्या कहता है अंतरराष्ट्रीय शोध : ओहियो विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने भी पिछले माह किए अपने एक शोध में कहा था कि काम के बीच न्यूनतम पांच मिनट का भी मनोरंजन दिमागी क्षमता पर सकारात्मक असर डालता है।


शोधकर्ताओं के मुताबिक, 'अगर आप लगातार दो घंटे भी एक तरह का काम कर रहे हैं, तो इससे दिमाग की कोशिकाएं कुंद सी पड़ने लगती हैं, इन्हें दोबारा सक्रिय करने के लिए बीच-बीच में कम से कम पांच मिनट का ब्रेक लेना जरूरी है।'

 

Written by
अन्‍य
Source: दैनिक जागरणOct 05, 2010

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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