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सेकण्डरी बोन कैंसर के लक्षण

कैंसर By अनुराधा गोयल , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 02, 2012
सेकण्डरी बोन कैंसर के लक्षण

आइए जानें सेकण्डरी बोन कैंसर के लक्षण क्या है।

secondary bone cancer ke lakshan

सेकण्डरी बोन कैंसर बहुत ही साधारण प्रकार का बोन कैंसर है। सेकेण्डरी बोन कैंसर को बोन कैंसर के प्रकार में दूसरे प्रकार यानी माध्यमिक बोन कैंसर के रूप में जाना जाता है। हालांकि कैंसर के लक्षणों को पहचानना मुश्किल होता है लेकिन सेकेंडरी बोन कैंसर के लक्षणों को आप आसानी से पहचान सकते हैं। लेकिन सवाल ये उठता है कि सेकण्डरी बोन कैंसर के लक्षण क्या है, क्या बोन कैंसर के लक्षणों से ये अलग होते हैं। यदि नहीं तो सेकेंडरी बोन कैंसर की पहचान कैसे की जाएं। सेकण्डरी बोन कैंसर के बारे में अधिक जानने के लिए सेकेंडरी बोन कैंसर के लक्षणों को जानना जरूरी है। आइए जानें सेकण्डरी बोन कैंसर के लक्षण क्या है।

 

[इसे भी पढ़ें: हड्डियों में दर्द हो सकता है बोन कैंसर]

 

ये तो आप जानते ही हैं, कि किसी भी बीमारी को पहचानने के लिए उसके लक्षणों का पता होना जरूरी है। लेकिन कई बार ऐसी गंभीर बीमारियां होती हैं जिसके लक्षणों को पहचानना मुश्किल होता है। बोन कैंसर के साथ भी कुछ ऐसा ही है। बोन कैंसर के प्राथमिक और सेकेंडरी लक्षणों को पहचानना बहुत मुश्किल है लेकिन यदि आप कुछ सूक्ष्म लक्षणों पर गौर करेंगे तो आसानी से सेकेंडरी बोन कैंसर के लक्षणों को पहचान सकते हैं। यदि आप शुरूआत में ही सेकेंडरी बोन कैंसर के लक्षणों को पहचान लेते हैं तो आपके लिए यह आसान हो जाएगा कि आप इसका समय पर उपचार करवाकर कैंसर की बीमारी को बढ़ने से रोक पाएं।

 

 

[इसे भी पढ़ें : बोन कैंसर कैसे फैलता है]

सेकण्डरी बोन कैंसर के लक्षण

  • प्रभावित जगह पर दर्द होना और रह-रहकर दर्द बढ़ना- बोन कैंसर में दर्द होना आम बात है लेकिन सेकेंडरी बोन कैंसर में दर्द के कारण तंत्रि‍का कोशिकाओं पर बहुत दबाव पड़ता है। जब कैंसर कोशिकाएं शरीर के अन्य भागों में बढ़ती हैं तो तंत्रि‍का कोशिकाओं पर बहुत अधिक दबाव पड़ता  है, जिससे दर्द बढ़ जाता है। शरीर के कुछ हिस्सों जैसे – पैर, रीढ़ की हड्डी, पसलियां, पेल्विक और उसके आसपास के हिस्सों में दर्द सबसे अधिक होता है।
  • पैरों में कमजोरी होना- सेकेंडरी बोन कैंसर में सबसे अधिक पैरों पर असर पड़ता है। यदि आपके पैरों में दो सप्ताह से अधिक समय से दर्द की शिकायत हो रही हैगे तो आपको तुरंत चिकित्सा से परामर्श लेना चाहिए। जिससे आप बोन कैंसर को बढ़ने से रोक पाएं।
  • रक्त में कैल्शियम की वृद्घि‍ होना- जब आप मितली या उल्टी इत्यादि को बिना किसी कारण से महसूस करें तो आपके रक्त में कैल्शियम की वृद्घि‍ हो सकती है। ऐसी स्थितियों में आपको कब्ज की शिकायत भी हो सकती है।
  • एनीमिया- यदि आप एनीमिया के शिकार हैं तो इस बात की संभावना बढ़ जाती है कि आप सेकेंडरी बोन कैंसर से ग्रसित हो सकते हैं। ऐसा इसीलिए क्योंकि आपके शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण की प्रक्रिया बहुत धीमी हो जाती है। बोन मैरो सेल्स की कमी और प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर होने से बोन कैंसर आसानी से आप पर आक्रमण कर सकता है।
  • बिना कारण से थकान होना- कैंसर से ग्रसित मरीजों में इस तरह के लक्षण भी देखे गए हैं जब वे बिना कारणों से थकान महसूस करने लगते हैं। यहां तक की आप ठीक तरीके से खाना खा रहे हैं, आपको भूख की कमी की शिकायत भी नहीं है फिर भी आप थकान महसूस कर रहे हैं और जोर-जोर से सांस ले रहे हैं तो आपको हड्डियों में कमजोरी हो सकती है।
  • रीढ़ की हड्डी में कमजोरी- यदि आपको असामान्य रूप से हड्डियों में दर्द की शिकायत होती है तो आप सेकेंडरी बोन कैंसर से पीडि़त हो सकते हैं। ठीक तरह से नींद लेने और आराम करने के बार भी आपको लंबे समय तक रीढ़ की हड्डी में दर्द रहता है तो आपको डॉक्टर से बोन कैंसर की जांच करवानी चाहिए।
Written by
अनुराधा गोयल
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागApr 02, 2012

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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