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सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों के संपर्क में आने से हो सकता है सनबर्न

त्‍वचा की देखभाल
By ओन्लीमाईहैल्थ लेखक , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 16, 2013
सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों के संपर्क में आने से हो सकता है सनबर्न

सनबर्न से बचने के लिए सन एक्सपोजर से बचे, धूप में बाहर कम देर के लिये रहें और बाहर जाने से पहले कम से कम 30 एसपीएफ सनस्क्रीन का उपयोग करें। इसके अलावा अन्‍य तरीकों के बारे में इस लेख में जानें।

Quick Bites
  • हल्के रंग वाले मैलेनिन की कमी के कारण ज्यादा होते हैं सनबर्न का शिकार।
  • सुबह 10 बजे से लेकर शाम के 4 बजे तक के समय में धूप में जाने से बचें।
  • धूप में जाने से पहले 30 एसपीएफ वाले सनस्क्रीन लोशन लगाकर ही जायें।
  • ऊंचाई पर रहने वाले लोगों को होता है सनबर्न होने का होता है अधिक खतरा।

 

 

 

 

सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों के प्रति ज्‍यादा संपर्क में आने से त्‍वचा को नुकसान हो सकता है और यही सनबर्न का कारण बनता है। सनबर्न होने पर त्वचा लाल रंग की हो जाती है और हल्का दर्द महसूस होने के साथ यह छूने पर गर्म मालूम होती है। सनबर्न होने पर त्वचा कुछ वक्त के बाद पीलिंग के ज़रिये उतरती है जो कि एक सामान्य हीलिंग प्रॉसेस है।

सनबर्नसूरज की किरणों के अधिक संपर्क में आने पर त्वचा का नष्ट हो जाना ही सनबर्न कहलाता है। इसमें त्वचा लाल रंग की हो जाती है और हल्का दर्द महसूस होने के साथ यह छूने पर गर्म मालूम होती है। सन डैमेज्ड त्वचा के कुदरती रूप से ठीक (पील्ड) हो जाने के बाद त्वचा में अस्थायी बदलाव देखने में आता है, जो नुकसान की गंभीरता के अनुसार कुछ दिनों में सामान्य भी हो जाती है।


सनबर्न के लक्षण

  • सनबर्न के लक्षणों को सन एक्सपोजर के कुछ घंटों बाद ही देखा जा सकता है।
  • लेकिन डैमेज की गंभीरता की जानकारी 24 घंटों बाद ही हो पाती है।
  • इन्फ्लेम्ड या लाल रंग की त्वचा
  • सनबर्न का शिकार हुई त्वचा छूने पर गर्म मालूम पड़ती है
  • हल्का या ज़्यादा दर्द होना
  • सूजन
  • छाले-छोटे से लेकर पानी भरे हुए छाले
  • कपकपी वाला बुखार, मतली और थकावट महसूस करना


सनबर्न के कारण

  • सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों के प्रति एक्सपोजर से सनबर्न होता है। शरीर का नेचुरल मैकेनिज्म मैलेनिन निर्माण के ज़रिये खुद को सन डैमेज से बचाता है। मैलेनिन एक रंजक (पिगमेंट) है जो हमारी त्वचा के रंग के लिये जिम्मेदार है।
  • त्वचा के लिये टैनिंग (रंग का गाढ़ा होना) त्वचा को बचाने का कुदरती उपाय है जिसमें मैलेनिन ज़्यादा मात्रा में बनता है। त्वचा के नीचे सनबर्न होने से दर्द होता है। गोरे रंग के लोगों में मैलेनिन कम होता है इसलिये सनबर्न के जोखिम भी उनके साथ ज़्यादा होते हैं।
  • गोरी-त्वचा या हल्के रंग वाले लोग मैलेनिन की कमी के कारण सनबर्न का शिकार आसानी से बनते हैं।
  • ऊंची जगहों पर रहने वाले लोग जहां सूरज की किरणें अधिक कठोर होती हैं उनके लिये मैदानों में रहने वाले लोगों की अपेक्षा सनबर्न के खतरे अधिक होते हैं।


सनबर्न का उपचार

  • सनबर्न हुये हिस्से पर ठंड़ी चीज रखकर दबायें। ठंडे शॉवर्स भी इसके लिए मददगार होते हैं।
  • प्रभावित हिस्से पर आराम देने वाले लोशन जैसे एलोवेरा जेल लगाने से आराम मिलता है।
  • दवायें जैसे कि एस्पिरिन और आईबूप्रोफेन दर्द से छुटकारा दिला सकती हैं।
  • सन एक्सपोजर से बचें, सुबह 10 बजे से लेकर शाम के 4 बजे तक सूरज की किरणें काफी कठोर होती हैं।
  • कम देर के लिये धूप में बाहर रहें और 'सुरक्षित' समय में बाहर निकलना ज़्यादा बेहतर है।
  • सुरक्षा देने वाले कपड़े और गीयर्स - ऐसे कपड़े पहनें जो आपको ज़्यादातर ढक लें और चौड़ी किनारी वाला हैट तथा यूवी किरणों को रोकने वाला सनग्लॉस इस्तेमाल करें।
  • बाहर जाने से पहले कम से कम 30 एसपीएफ वाले सनस्क्रीन का उपयोग करें और दोबारा लगाने से पहले प्रोडक्ट के लेबल पर दिये इंस्ट्रक्शन्स को फॉलो करें।

 

 

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Written by
ओन्लीमाईहैल्थ लेखक
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागAug 16, 2013

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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