Subscribe to Onlymyhealth Newsletter
  • I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.

शरीर की छवि

परवरिश के तरीके By सम्‍पादकीय विभाग , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 24, 2009
शरीर की छवि

अचानक  उतनी  तेजी  से किशोरावस्था में  जो  शारीरिक  बदलाव  आता  है  उससे  किशोर  वर्ग  के  लोग  अपने  शरीर  एवं  सुन्दरता  को  लेकर  जागरूक  हो  जाते  हैं । शरीर  में  आये  बदलाव  के  कारण  कुछ  लोग  खुश  होते  हैं , गर्व  का  अनुभव  करते  हैं  लेकिन  जिनका  शरीर  पूरी तरह  से  विकसित  नहीं  हो  पाता  वे  शर्म  करते  हैं  या  नाखुश  रहते  हैं । कुछ  लडकियां  अपने  बढे  हुए  स्तन  एवं  नितम्बों  को  लेकर  भी  शर्म  महसूस  करती  हैं ।

 

शरीर की  छवि यानि रूप महत्वपूर्ण क्यों है?

 

शरीर  की  छवि  यह  इंगित  करता  है  कि एक  व्यक्ति  अपने  शरीरिक  बनावट  को  लेकर  कैसा  महसूस  करता  है । जो  व्यक्ति  अपने  शरीर  की  बनावट  को  लेकर  सकारात्मक  विचार  रखता  है  और  खुश  एवं  संतुष्ट  रहता  है  वह  अपने  चेहरे  की  बनावट  को  लेकर  भी खुश  रहता  है  और  अपनी  क़ाबलियत  पर  गर्व  करता  है । अगर  उसमे  कोई छोटी  मोटी  खामी  हो  तो  भी वह  उनकी  चिंता  नहीं  करता  क्योंकि  वह  जानता  है  कि कोई  भी  यहाँ  सम्पूर्ण  रूप  से  यानि  कि सर्वगूंसम्पन्न   नहीं  है । किशोरावस्था के  दौरान  शरीर  की  छवि  का  बहुत  महत्व  है  क्योंकि  इससे  पता  चलता  है  कि आप  अपने  बारे  में  क्या  सोचते  हैं । जो  लड़के  या  लडकियां अपने  रूप  को  पसंद  नहीं  करते  उनका  आत्म विश्वास  घट  जाता  है  जिसका  उनपर  बहुत बूरा  प्रभाव  पड़ता  है ।

 

यौवन शारीरिक रूप  को कैसे प्रभावित करता है?

 

शरीर  का  रूप  आपके  अपने  रूप  का  बहुत  हीं  महत्वपूर्ण  हिस्सा  होता  है  क्योंकि किशोरावस्था के  दौरान  शरीर  में  इतने  बदलाव  आने  लगते  है  कि यह  लोगों  के  आकर्षण  काकेंद्र  बन  जाता है  । यौवन के  दौरान  होने  वाले  शारीरिक  परिवर्तन  के  कारण  किशोर  वर्ग  के  लोगों  में  उत्सुकता  तो  पैदा  होती  हीं  है , वे  कई  बातों  के  मामले  में  अनिश्चित  भी  रहते  है  और  उलझे  हुए  भी । यौवन  के  दौरान  शारीरिक  बदलाव  से  निपटने  में  बहुत  बुद्धिमानी बरतनी  पड़ती  है  क्योंकि  इसका  सामाजिक  रूप  से  बहुत गहरा  असर  पड़ता  है । परिपक्व होने  वाली  लड़कियों  के  भौतिक  यानि  कि शारीरिक  परिवर्तन  की  वजह  से  बहुत  हीं सामाजिक  और  भावनात्मक  असर  पड़ता  है । जो  लडकियां  उम्र  से  पहले  हीं  या  अपने साथियों  की तुलना  में  पहले  हीं  काफी  जवान  लगने  लगती  हैं  उन्हें  कई  तरह  की  समस्याएं झेलनी  पड़ती  हैं। उनकी  जवानी  देख  उनके  साथी  उन्हें  चिढ़ा  सकते  हैं  और  अपनी  बेटियों  को  उतनी  जल्दी  जवान  होते  देख उनके  माता पिता  उनपर  कुछ  बंदिशें&nb...

Written by
सम्‍पादकीय विभाग
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागDec 24, 2009

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Trending Topics
More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK