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विश्व आस्टियोपोरोसिस दिवस

अन्य़ बीमारियां By जया शुक्‍ला , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jan 16, 2013
विश्व आस्टियोपोरोसिस दिवस

आस्टियोपोरोसिस को साइलेंट किलर भी कहते हैं, इसका पता तबतक नहीं लगता जबतक पूरी तरह से हड्डियां प्रभावित नहीं हो जातीं।

Osteoporosisआस्टियोपोरोसिस को साइलेंट किलर माना जाता है क्योंकि इस बीमारी का पता तबतक नहीं लगता जबतक कि यह हड्डियों को पूरी तरह से प्रभावित नहीं कर देती।


20 अक्टूबर को विश्व आस्टियोपोरोसिस दिवस घोषित किया गया है और इसका ध्येय है लोगों को इस बीमारी से बचने के उपाय बताना।



विशेषज्ञों का ऐसा मानना है कि पुरूषों और महिलाओं में हड्डियों का भार लगभग 20 वर्ष तक सबसे अधिक होता है। आर्थोनोवा अस्पताल के आर्थोपेडिक सर्जन डाक्टकर धनन्जय गुप्ता  का कहना है कि हमारी हड्डियां लगातार नये टिश्यूज़ बनाती रहती है और लगभग 30 वर्ष की उम्र के बाद हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है।


 महिलाओं के लिए ध्यान देने का विषय:

आस्टियोपोरोसिस का मुख्य कारण है बढ़ती उम्र। डाक्टर गुप्ता का कहना है कि बहुत सी महिलाओं को इस बीमारी का पता नहीं होता। अस्टियोपोरोसिस का खतरा उन महिलाओं में अधिक होता है, जो मेनोपाज़ के करीब होती हैं।

 

एम्स के पूर्व निदेशक डाक्टर पी के दवे का कहना है कि मेनोपाज़ के बाद महिलाओं में एस्‍ट्रोजन का स्तर गिर जाता है और अगले 5 से 7 सालों में हड्डियों का भार भी कम हो जाता है।



न्यूट्रिशनिस्ट ईशी खोसला के अनुसार कुछ ऐसे आहार जिनमें कैल्शि‍यम पर्याप्त‍ मात्रा में होता है:


•    दूध(एक कप दूध में 300 मिलीग्राम कैल्शियम होता है)
•    दही में वसा कम मात्रा में होती है और कैल्शियम भी पर्याप्त मात्रा में होती है
•    मछली, ब्रोकोली या आईसक्रीम एक ही समय पर खायें
•    टोफू, चीज़ और दूध को एक साथ लें


आस्टियोपोरोसिस से बचने के लिए प्रतिदिन व्यायाम के नियम बना लें ।


 
Disclaimer:

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।