विदेशियों के लिए दत्तक ग्रहण

Updated at: Jan 24, 2013
विदेशियों के लिए दत्तक ग्रहण

हमारे देश India में कोई भी भारतीय या अप्रवासी भारतीय या विदेशी नागरिक किसी बच्चे को कानूनन गोद ले सकता है लेकिन हरेक मामले के लिए विशिष्ठ कानून है।

सम्‍पादकीय विभाग
परवरिश के तरीकेWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Jan 01, 2013

क्या आप कोई बच्चा गोद लेना चाहते हैं?

 

हम यहाँ गोद लेने से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं कि जानकारी दे रहें हैं

 

ऐसे कौन से लोग हैं जिन्हें बच्चा गोद लेने की इजाजत है ?

 

हमारे देश India में कोई भी भारतीय या अप्रवासी भारतीय या विदेशी नागरिक किसी बच्चे को कानूनन गोद ले सकता है लेकिन हरेक मामले के लिए विशिष्ठ कानून है। जैसे कि कोई अकेली महिला या शादी शुदा दम्पति को बच्चा गोद लेने कि अनुमति है लेकिन अकेले पुरुष को आमतौर पर  बच्चा गोद लेने कि इजाजत नहीं है।  हाँ! अगर कोई अकेला पुरुष बच्चा गोद लेने कि इच्छा रखता है तो उसे इसकी इजाजत मिल सकती है लेकिन इसके लिए उसे पंजीकृत एजेंसी में अपना नाम लिखवाना होगा और मामूली कानूनी प्रक्रिया से गुजरनी पड़ेगी। इसके बावजूद उसे गोद लेने के लिए लड़का हीं मिल सकता है। एकल पुरुष को गोद के रूप में बेटी दिए जाने का प्रावधान नहीं है।

 

गोद लिए जाने कि स्थिति में दतक माता पिता द्वारा पूरी की जाने वाली शर्तें क्या होती है ? 

 

बच्चा गोद लेने के लिए आप योग्य पात्र तभी माने जाएंगे जब आप कुछ जरूरी आवश्यकताओं  को पूरा कर दें जैसे

  • बच्चे की देखभाल के लिए आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना होगा
  • आपको आर्थिक रूप से इतना मजबूत होना होगा कि आप उस बच्चे का  ठीक ढंग से खर्च उठा सकें और उसकी अच्छी तरह से परवरिश कर सकें 
  • आपकी उम्र कम से कम २१ वर्ष होनी चाहिए

हालाँकि गोद लेने वाले व्यक्ति के लिए ऊपर की कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है फिर भी बच्चा गोद देने वाली कुछ संस्थाएं इस बात का ख्याल रखतीं हैं की गोद लेने वाला व्यक्ति एक खास  उम्र से ज्यादा बड़ा न हो। अगर आप किसी ऐसे बच्चे को अपनाने के इच्च्छुक हैं जिसकी उम्र एक वर्ष से कम है तो आप पति पत्नी की संयुक्त उम्र ९० साल से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए यानि की दोनों की उम्र को मिलाया जाए तो ९० के उपर नहीं होनी चाहिए; साथ हीं साथ आप दोनों में से किसी की भी उम्र ४५ से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। गोद लेने के मामले में बच्चे की उम्र भी यह फ़ैसला करती है की आपकी उम्र कितनी होनी चाहिए। अगर बच्चे की उम्र १२ साल के आस-पास हो चुकी है तो दतक माता-पिता की उम्र ५५ साल भी चल सकती है।

 

गोद लेने से संबंधित कानून क्या-क्या हैं?

  • भारत में, भारतीय नागरिक, जो हिंदू, जैन, सिख, बौद्ध हैं वे औपचारिक रूप से, हिंदू दत्तक और रखरखाव अधिनियम 1956 के अंतर्गत एक बच्चे को गोद ले सकते हैं।  इस अधिनियम के तहत एक एकल अभिभावक या शादीशुदा जोड़े  को  एक हीं लिंग के एक से ज़्यादा  बच्चे को अपनाने की अनुमति नहीं है।
  • विदेशी नागरिकों, अनिवासी भारतीयों, और वैसे भारतीय नागरिक, जो मुसलमान, पारसी, ईसाई या यहूदी हैं वे 1890 के  गार्जियन  और वार्ड अधिनियम के तहत बच्चा गोद ले सकते हैं। इस अधिनियम के तहत, जब तक गोद लिया  गया बच्चा  18 साल की उम्र का नहीं होता तब तक , दत्तक माता पिता को बच्चे का  अभिभावक माना जाता है।
  • इसके अलावा, जो  विदेशी नागरिक या अनिवासी भारतीय होते हैं, उन्हें, भारत में बच्चा गोद लेने के २ साल के भीतर, उनके अपने देश के गोद लेने की कानूनी प्रक्रिया भी पूरी कर लेनी पड़ती है।

गोद लेने से संबंधित सभी कानूनों को उस एजेंसी के सामने स्पष्ट करनी होगी जहाँ आपने बच्चा गोद लेने के लिए   अपना नाम  पंजीकृत किया है।

 

क्या कोई माता पिता किसी विशेष बच्चे की मांग कर सकतें हैं ?

 

जी हाँ! आप ऐसा कर सकते हैं। आप अपनी पसंद के रंग के, लिंग के, जाति के, धर्म के बच्चे बच्चे की इच्छा प्रकट कर सकते हैं। या आप बता सकते हैं की जो बच्चा आपको चाहिए उसका स्वास्थ्य कैसा होना चाहिए। लेकिन आपको अगर अपने पसंद का बच्चा चाहिए तो वैसा बच्चा मिलने में काफी वक़्त लग सकता है। आपकी पसंद का बच्चा/बच्ची मिल जाने पर वो आपको दिखलाया जाता/दिखलाई जाती है। यदि आप किसी एक बच्चे को अपने अनुसार नहीं पाते तो उसी तरह के २-३ बच्चे आपको और दिखलाये जाएंगे।

 

एक बार आप निर्धारित कर लेंगे कि आपको कौन सा बच्चा चाहिए तो फिर गोद लेने की पूरी प्रक्रिया ख़त्म होने में कुछ महीनों का वक़्त लग सकता है।

 

 

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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