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रोज तीन किमी टहलें नहीं होंगे नपुंसक

एक्सरसाइज और फिटनेस
By अन्‍य , दैनिक जागरण / Jul 13, 2010
रोज तीन किमी टहलें नहीं होंगे नपुंसक

रोजाना सुबह-सुबह टहलने के कई फायदे तो हम जानते हैं, लेकिन अब वैज्ञानिकों ने इसका रिश्ता नपुंसकता से जोड़ निकाला है।

रोजाना सुबह-सुबह टहलने के कई फायदे तो हम जानते हैं, लेकिन अब वैज्ञानिकों ने इसका रिश्ता नपुंसकता से जोड़ निकाला है। उनका कहना है कि रोजाना तीन किमी या उससे कुछ अधिक समय तक टहलना आपको असमय नपुंसक होने से बचा सकता है।
आनलाइन विज्ञान पत्रिका 'वेब एमडी' पर प्रसारित एक शोध में कहा गया है कि रोजाना इतनी लंबी दूरी तक टहलने से इंद्रियों में आने वाली शिथिलता को काफी हद तक दूर किया जा सकता है। यह उन लोगों के लिए और फायदेमंद हो सकता है जो मोटापे का शिकार होकर अपनी स्फूर्ति खो चुके हैं। नेपल्स के सेकेंड यूनिवर्सिटी के शीर्ष शोध अधिकारी कैथरीन एस्पोसिटो का कहना है कि मोटे लोग तीन किमी से अधिक टहल कर शरीर में बेवजह जमा दो सौ कैलोरी के बराबर की ऊर्जा खर्च कर सकते हैं। कैथरीन और उनकी टीम ने इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए 40 वर्ष की आयु के यौन कमजोरी से पीडि़त सौ मोटे लोगों पर अध्ययन किया। इनमें से आधे लोगों को रोजाना तीन किमी टहलने के साथ हफ्ते में एक बार दो घंटे तक व्यायाम कराया गया। साथ ही इनको कैलोरी रहित खाने पर रखा गया। वैज्ञानिकों ने पाया कि उन मोटों के शरीर में जमा 2340 अतिरिक्त कैलोरी की मात्रा गिरकर करीब 1950 कैलोरी तक के करीब रहने लगी। इस प्रकार जहां वे सुडौल होने लगे, वहीं उनमें शिथिलता की बजाय स्फूर्ति का संचार होने लगा और उनकी मरी हुई कामेच्छा भी बढ़ने लगी। इसके विपरीत आधे लोगों को अच्छे खान-पान की सलाह के साथ उनको नियमित खाने पर ही रखा गया, लेकिन उनसे कराया कुछ नहीं गया। दो वर्षो तक चले इस शोध में पाया गया कि जिन लोगों ने अपने खाने की मात्र में कमी की, रोजाना टहले और हफ्ते में एक बार व्यायाम किया। वे तो नपुंसकता से मुक्ति पाने की दिशा में थे। लेकिन जिन लोगों को केवल संयम बरतने की सलाह दी गई, लेकिन उनसे कराया कुछ नहीं गया था। उनके मोटापे में मामूली कमी आई और बीमारी भी नाम मात्र ही कम हुई थी। कैथरीन का कहना है कि दो वर्षो के अध्ययन में हमने पाया कि जिन लोगों ने टहलने, व्यायाम करने और कैलोरी रहित खाने पर जोर दिया, वे सब पूरी तरह से फिट होने की ओर थे।

 

Written by
अन्‍य
Source: दैनिक जागरणJul 13, 2010

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