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    बच्‍चे के जन्‍म के बाद छह महीने तक स्‍तनपान है बच्‍चे का सबसे पोषक आहार

    गर्भावस्‍था By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 09, 2012
    बच्‍चे के जन्‍म के बाद छह महीने तक स्‍तनपान है बच्‍चे का सबसे पोषक आहार

    बच्‍चे के जन्‍म के बाद उसका ध्‍यान रखना भी बहुत कठिन काम है, आइए हम आपको बताते हैं किस महीने में आपके शिशु का आहार कैसा होना चाहिए।

    प्रसव के बाद भी मां को स्‍वस्‍थ आहार की जरूरत होती है, ऐसा बिलकुल नहीं है कि डिलीवरी हो जाये और आप अपने खान-पान में लापरवाही बरतना शुरू कर दें। प्रसव के बाद भी मां का शरीर कमजोर रहता है और उसे स्‍तनपान भी कराना होता है।

    Mother's diet and nutrition प्रसव के दौरान ब्‍लीडिंग ज्‍यादा होती है, इसलिए पोषणयुक्‍त आहार का सेवन करना चाहिए। खाने में ताजे फल और हरी सब्जियों के साथ-साथ साबुत अनाज और दालें खाना चाहिए। इसके साथ ही मां को बच्‍चे के पोषण का भी ध्‍यान रखना पड़ता है। जैसे ही बच्‍चा 6 महीने का होता है स्‍तनपान के अलावा उसे अन्‍य पूरक आहार भी देना शुरू कर देना चाहिए।

     

    बच्‍चे का आहार 

    छह महीने तक 

    इस समय सीमा में बच्चे के लिए सबसे अच्छा खाना मां का दूध है या वाणिज्यिक फार्मूला क्योंकि यह पोषण की सभी जरूरतों को पूरा करता। स्तनपान करने वाले बच्चे दूध पीने के हर दो से तीन घंटे के बाद भूख महसूस करते हैं क्योंकि मां का दूध आसानी से पच जाता है जबकि दूसरे स्रोत पर पले बच्चों को जल्दी भूख महसूस नहीं होती। यदि बच्चे के जन्म के पहले हफ्तों में वजन नहीं बढ़ता है तो आपको बच्चे को बार-बार खिलाना चाहिए।

     

     

    छह महीने बाद

    छह महीने के बाद आप अपने बच्चें को स्तनपान के साथ उसे अर्द्ध ठोस आहार देना शुरू कर सकते हैं। इस दौरान बच्‍चे को दाल का पानी पिला सकते हैं। दाल के पानी में विटामिन और कैल्शियम होता है जो बच्‍चे के विकास के लिए जरूरी है।

     

     

    कब दें ठोस आहार

    ठोस आहार की शुरुआत का समय हर बच्चे में भिन्न हो सकता है। यदि बच्चे को दूध पिलाने के बीच में भूख लगने लगे और निगलने लगे, साथ ही आपको लगे कि वह ठीक से पचाने में सक्षम है तो आप यह जान जाऐंगे कि अपका बच्चा अर्द्ध ठोस के लिए तैयार है। नए खाद्य पदार्थों की शुरुआत के साथ स्तनपान की आदत को बदलना नहीं चाहिए। अर्द्ध ठोस आहार मैश्ड या शोरबे के रूप में होना चाहिए। शिशुओं को एक घटक वाली दाल भी दी जा सकती है। अपने बच्चे को खिलाना एक झंझट वाला काम हो सकता है जिसमें अधिकतर खाना बच्चे के खाने की बजाय उस पर गिर सकता है।

     

    बच्चे के विकास के साथ खिलायें

    बच्चे को खिलाते समय एक बिब का प्रयोग करें और खिलाने के लिए एक छोटे से चम्मच का ध्यान रखें। बच्‍चे को जल्‍दी में न खिलायें, बल्कि उसे आराम से धीरे-धीरे खिलायें। शुरू में वह केवल कुछ चम्मच खाना ही खाएगा या उसे खाने के लिए भी मना कर सकता है। बच्चे पर खाने के लिए दबाव न डालें इसके बजाय कुछ दिनों के बाद कोशिश करें। छह महीने की उम्र तक आपके बच्चे को दूध पीने के साथ तीन बार भोजन देना शुरू करना चाहिए। आप अपने बच्चे को फल और सब्जियां देना शुरू कर सकते हैं।

     

    छह से नौ महीने के बच्चे

    बच्चे के सात से आठ माह का होने पर आप जो भोजन उसे दे रहे हैं उसकी बनावट बदल सकते हैं। इस दौरान बच्‍चे को दलिया भी दिया जा सकता है। नौ महीने तक बच्‍चा हल्‍के खाने को आसानी से पचा सकता है। लकिन ध्‍यान रहे इस दौरान ज्‍यादा गरिष्‍ठ और मसालेदार आहार बिलकुल न दें।

     

    नौ महीने से एक वर्ष 

    अपने बच्चे को दिन में तीन बार भोजन खिलाना जारी रखें। जब आपका बच्चा एक वर्ष का हो जाए तो आप अपने बच्चे को गाय का दूध भी पिला सकते हैं। अपने बच्चे को सभी स्वस्थ भोजन के विकल्प उपलब्ध कराएं और उसे अपने आप खाने के लिए प्रोत्साहित करें और इस समय आप उसकी निगरानी कर सकते हैं। ठोस आहार खाने से आपके बच्चे को प्यास अधिक लग सकती है। उसके एक वर्ष का होने के बाद एक सिपर लेने का विचार कर सकते हैं।

     

     

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    Disclaimer

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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