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    मलेरिया से पीला ज्वर

    संक्रामक बीमारियां By अनुराधा गोयल , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Sep 14, 2009
    मलेरिया से पीला ज्वर

    malaria or Yellow fever- मलेरिया और पीला ज्वर मच्छर के काटने से फैलता हैं लेकिन इनके सिर्फ शुरूआती लक्षण ही एक समान होते है। मलेरिया और पीत ज्वर दोनों ही बुखार संक्रामक है। यह दोनों ही बीमारियां खून में एक प्रकार के जी

    Girl Have a Feverकई बीमारियां ऐसी होती है जिसके लक्षण दूसरी बीमारी से काफी मिलते-जुलते है लेकिन इसका ये मतलब नहीं है वह भी वहीं बीमारी है। मलेरिया और पीला ज्वर दोनों ही ऐसी बीमारियां है जिसके सभी लक्षण आपस में काफी मिलते हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि मलेरिया और पीला ज्वर को एक ही कहा जाए। दोनों ही बीमारी जैसे मच्छर के काटने से फैलती हैं लेकिन इनके सिर्फ शुरूआती लक्षण ही एक समान होते है। मलेरिया और पीत ज्वर दोनों ही बुखार संक्रामक है। यह दोनों ही बीमारियां खून में एक प्रकार के जीवाणु के प्रवेश कर जाने के कारण होती  है। आइए जानें मलेरिया और पीत ज्वर की समानताओं और भेद के बारे में।
    समानताएं और भेद

    -    पीत ज्वर और मलेरिया का कारण मच्‍छर है। मलेरिया जहां एनोफिलिस मच्छर से तो पीत ज्वर एडिस मच्छर के काटने से फैलता है।
    -    दिलचस्प बात ये है कि दोनों बीमारियों के लगभग शुरूआती लक्षण एक जैसे ही होते है।
    -    मलेरिया वायरस पूरे विश्व में फैला हुआ है लेकिन दोनों ही बीमारियां मानव के स्वास्थ्‍य के लिए घातक है।
    -    पीत ज्वर और मलेरिया से बचाव के उपाय मौजूद है वहीं याञियों को दोनों बीमारियों से प्रभावित क्षेञों में जाने से पहले और प्रभावित क्षेञ में जाने के बाद सावधानी बरतनी आवश्यक है।
    -    मलेरिया और पीला ज्वर विकसित और विकासशील देशों में खूब फैला हुआ है और इन देशों में इनके इलाज के लिए वैक्सीन आसानी से उपलब्ध नहीं है।
    -    पीत ज्वर की वैक्सीन 10 साल तक प्रभाव दिखाती है और बीमारी को दूर करने में भी मदद करती है लेकिन यह बहुत ही महंगी है और आसानी से उपलब्ध नहीं है खासकर घनी आबादी और गरीबी ञस्ति देशों में। मलेरिया की कोई प्रभावी वैक्सीन उपलब्ध नहीं है और है भी तो वो अधिकतर याञियों द्वारा ही प्रयोग में लायी जाती है।
    -    मलेरिया जहां घनी आबादी और गरीब इलाकों में अधिक होता है वही पीला ज्वर अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका जैसे इलाको में अधिक है।
    -    अक्सर ये दोनों ही बीमारियां स्थानीय लोगों में देखने को मिलती है लेकिन याञियों के आवागमन के कारण ये दोनों ही बीमारियां महामारी का रूप धारण कर रही हैं। याञियों को खासतौर पर इन महामारियों के कारण सावधानियां बरतने के लिए कहा जता है।
    -   पीत ज्‍वर और मलेरिया के लक्षण एक समान होते है। रोगी ठंड, सर दर्द, कमर दर्द, बुखार, मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी, थकान, मितली दोनों ही बीमारियों के दौरान महसूस करता है।
    -    मलेरिया वायरस सात दिन से तीस दिन तक हो सकता है वहीं पीला ज्वर तीन से छह दिन तक होता है।
    -    दोनों के ही हानिकारक प्रभाव पड़ते है। पीला बुखार से संक्रमित व्यक्ति सदमे या दौरे की स्थिति में आ जाता है, निम्न रक्त चाप, ह्रदय संबंधी बीमारियां और लीवर को क्षति या कोमा जैसी बीमारियों से घिर सकता है। वहीं मलेरिया ज्वर से पीड़ित रोगी की किडनी फेल होती है, शरीर का कोई अंग लकवाग्रस्त हो सकता है। इतना ही नहीं स्थिति बिगड़ने पर मृत्यु भी हो सकती है।

    मलेरिया का मच्छर जहां एक जगह इकट्ठे हुए पानी में पैदा होता है वहीं एडिस मच्छर गंदगी और पानी में पैदा होते हैं। दोनों ही बीमारियां लापरवाही बरतने पर घातक हो सकती हैं इसलिए प्रभावित क्षेञों में जाने से पहले बचाव के सभी उपाय करके जाएं।

    Disclaimer

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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