• shareIcon

Maleria Fever: मलेरिया के इलाज के लिए उसकी पुष्टि होना है जरूरी, जानें कैसे करते हैं मलेरिया की जांच

अन्य़ बीमारियां By अतुल मोदी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 19, 2013
Maleria Fever: मलेरिया के इलाज के लिए उसकी पुष्टि होना है जरूरी, जानें कैसे करते हैं मलेरिया की जांच

मलेरिया को जांचने के लिए ब्लड टेस्ट करवाया जाता हैं। मलेरिया परजीवी के कौन से कण रोगी में मौजूद है इसका पता भी मलेरिया सूक्ष्मदर्शी परीक्षण से होता है। आइए जाने मलेरिया जांच के लिए कौन-कौन से तरीके अपनाएं जाते है।

मलेरिया बुखार प्‍लास्‍मोडियम परजीवी के कारण होने वाली एक जानलेवा बीमारी है। संक्रमित मच्छरों के काटने से यह परजीवी मनुष्यों में फैलता है। जिन लोगों को मलेरिया होता है वे आमतौर पर तेज बुखार और कंपकंपी के साथ बहुत बीमार महसूस कर सकते हैं। मलेरिया बुखार, आमतौर पर मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने के कारण फैलता है। यदि यह किसी व्‍यक्ति को काटता है तो इसके परजीवी लिवर में जाकर एक के बाद एक परजीवी पैदा होने लगते हैं और यह तेजी से फैलने लगते हैं, जिसके कारण आपका पूरा सिस्‍टम संक्रमित होने लगता है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, हर साल लगभग 210 मिलियन लोग मलेरिया से संक्रमित होते हैं, और लगभग 440,000 लोग बीमारी से मर जाते हैं। बीमारी से मरने वाले ज्यादातर लोग अफ्रीका में छोटे बच्चे हैं। यह बीमारी समशीतोष्ण जलवायु में असामान्य है। जबकि, उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय देशों में मलेरिया अभी भी आम है। दुनिया भर के वैज्ञानिक मलेरिया से बचाव के लिए एक वैक्सीन विकसित करने के लिए काम कर रहे हैं।

मलेरिया का इलाज के लिए सबसे पहले इसकी पुष्टि होना जरूरी है। इसके लिए मलेरिया की जांच जरूरी है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि मलेरिया की जांच कैसे की जाती है।

 

कैसे होती है मलेरिया की जांच

किसी भी बीमारी का पता लगाने के लिए डॉक्टर की सलाह लेना बहुत जरूरी होता है और अगर बीमारी गंभीर है तो उसके लिए डॉक्टर की सलाह पर कुछ जांच भी करवाई जाती है। ब्लड टेस्ट, एक्स-रे आदि करवाए जाते है। बीमारी को जांचने के लिए, बीमारी की पहचान करने के लिए टेस्ट कराना ही बेहतर उपाय है। मलेरिया को जांचने के लिए भी ब्लड टेस्ट करवाए जाते हैं। मलेरिया परजीवी के कौन से कण रोगी में मौजूद है इसका पता भी मलेरिया सूक्ष्मदर्शी परीक्षण से लगता है। आइए जाने मलेरिया जांच के लिए कौन-कौन से तरीके अपनाएं जा सकते है।

सूक्ष्मदर्शी जांच

मलेरिया की पहचान करने के लिए ब्लड प्लेटलेट्स का सूक्ष्मदर्शी से परीक्षण करना सबसे बेहतर, भरोसेमंद और अच्छा तरीका है। इससे मलेरिया के सभी परजीवियों की पहचान कर उसकी रोकथाम अलग-अलग रूपों में की जा सकती है। ब्लड प्लेटलेट्स मुख्य रूप से दो तरह की बनती है। इनमें पतली प्लेटलेट्स में परजीवी की बनावट को सही ढंग से पहचाना जा सकता है। वहीं मोटी प्लेटलेट्स में रक्त‍ की कम समय में अधिक जांच की जा सकती है। मोटी प्लेटलेट्स के जरिए कम मात्रा के संक्रमण को भी जांचा जा सकता है। इतना ही नहीं, मलेरिया जांच के दौरान परजीवियों के कई चरणों की जांच के लिए भी इन दोनों ब्लड प्लेसटलेट्स की जरूरत पड़ती है।

इसे भी पढ़ें: कैसे पहचानें सामान्य बुखार और डेंगू के बुखार में अंतर? जानें इसके सभी लक्षण

एंटीजन टेस्ट

मलेरिया की जांच के लिए कई मलेरिया रैपिड एंटीजन टेस्ट भी उपलब्ध हैं। इन परीक्षणों में रक्त की एक बूंद लेकर 15-20 मिनट में ही परिणाम सामने आ जाते है। हालांकि सूक्ष्मदर्शी जांच के आगे बहुत महत्तव नहीं रखते लेकिन जहां लैब का प्रबंध नहीं होता वहां मलेरिया परीक्षण के लिए एंटीजन टेस्ट कारगार साबित होते है। इन परीक्षणों को लगातार विकसित किया जा रहा है जिसके चलते इन परीक्षणों का प्रयोग इलाज के सकारात्मक और नकारात्मक परिणाम जानने के लिए भी किया जाने लगा है। इनके माध्यम से मलेरिया का सवरूप क्या है इसका भी आसानी से पता लगाया जा सकता है। इनके अलावा पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शन (पीसीआर) के इस्तेमाल और आणविक विधियों के प्रयोग से भी कुछ परीक्षणों को प्रयोग होता है लेकिन उनका प्रयोग स्पेशल प्रयोगशालाओं में ही उपलब्ध हैं।

इसे भी पढ़ें: बुखार, सिरदर्द के साथ ठंड लगना मलेरिया होने के हैं संकेत, गर्भवती महिलाएं रहें सतर्क!

मलेरिया आरटीएस

हाल ही में मलेरिया आरटीएस (एस वैक्सीन) का परीक्षण किया गया जो कि सफल भी हुआ है लेकिन सार्वजनिक तौर पर अभी इसका उत्पादन किया गया है। 2012 तक यह परीक्षण प्रणाली सार्वजनिक होने की उम्मीद की गई थी। हालांकि ये टेस्ट 50 से 60 फीसदी ही कारगर है।

Read More Articles On Other Diseases In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK