मधुमेह किन अंगों को प्रभावित करता है

Updated at: Feb 19, 2014
मधुमेह किन अंगों को प्रभावित करता है

मधुमेह के मरीजों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है, इसका असर शरीर के अन्‍य अंगों पर भी पड़ता है।

Anubha Tripathi
डायबिटीज़Written by: Anubha TripathiPublished at: May 23, 2012

बदलते लाइफस्टाइल व उचित खानपान नहीं होने से भारत में मधुमेह रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार देश के 61 मिलियन लोग मधुमेह का शिकार हैं। डाक्टरों के पास जाने वाला हर चौथा मरीज मधुमेह का शिकार है।

अगर इसी तरह यह संख्या बढ़ती रही तो ऐसी संभावना जताई जा रही है कि  साल 2025 तक देश में मधुमेह पीड़ितों की संख्या बढ़कर 8.5 करोड़ हो जाएगी। रोगियों में मधुमेह का असर शरीर के अन्य हिस्सों पर भी पड़ता है। जिससे इन अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित हो जाती है। मधुमेह का सबसे ज्यादा प्रभाव गुर्दे ,आंखों व पैरों पर पड़ता है।

Tips to care for Diabetic Wounds

आंखों पर प्रभाव

मधुमेह रोगियों को अपनी आंखों की नियमित रुप से जांच करानी चाहिए क्योंकि मधुमेह में सफेद मोतिया की समस्या, आंखों में तनाव, आंखों के पर्दे के कमजोर होने से धुंधला दिखना शुरु हो जाता है। कई बार तो डायबिटीज से अंधे होने की भी समस्या हो जाती है। आंखों की जांच के समय अपने डॉक्टर यह जरूर बताएं कि आप मधुमेह के शिकार हैं।

 

पैरों पर प्रभाव

मधुमेह में अक्सर पैरों की समस्या हो जाती है। इसमें पैर की नसें क्षतिग्रस्ती हो जाती हैं जिससे रोगी को चोट लग जाने के बाद भी कोई असर नहीं पड़ता। यही नहीं इसमें खून का दौरा धीरे धीरे होने लगता है, जिससे पैर में लगी हुई चोट काफी दिनों के बाद ठीक होती है। इसके अलावा मधुमेह रोगी में पैरों का संक्रमण भी हो सकता है कभी कभी तो यह इतना फैल जाता है कि रोगी के पैर पूरी तरह से खराब हो जाते हैंहै। अगर आपके पैरों में दर्द व सूजन हो तो इसे हल्के में नहीं लें तुरंत डॉक्टर से संपंर्क करें।

Diabetic Wounds

 

गुर्दे पर प्रभाव

मधुमेह रोगियों में कई बार गर्दे की समस्या भी हो जाती है। गुर्दा काम करना बंद कर देता है। गुर्दे पर असर पड़ने से हाई ब्लडप्रेशर होना, खून की कमी आदि समस्याएं पैदा हो जाती है। ऐसे में रोगियों को यूरीन टेस्टन करवाने की सलाह दी जाती है। टेस्ट के जरिए यूरीन में प्रोटीन व खून के रिसाव के बारे में पता किया जाता है। इसके अलावा अगर यूरीन में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है तो इससे किडनी फेल होने का खतरा रहता है।

 

हृदय पर प्रभाव

मधुमेह में आपको अपने खान-पान को लेकर कई तरह की सावधानियां बरतनी होती है क्योंकि इसमें हृदय रोग की संभावना बढ़ जाती है। वसायुक्त खाने से कोलोस्ट्रोल बढ़ जाता है जो हृदय के लिए खतरनाक है। जिससे हार्टअटैक या हृदयघात जैसी समस्या उत्पन्न हो जाती है। मधुमेह व हृदय रोग एक साथ होना रोगी के लिए काफी घातक होता है।

 

 

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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