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भूल जाने की आदत है क्‍या

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By सम्‍पादकीय विभाग , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jan 15, 2013
भूल जाने की आदत है क्‍या

बढ़ती उम्र के साथ किसी का नाम या कार की चाबी भूल जाना आम बात है, लेकिन पुरुषों की याददाश्त महिलाओं के मुकाबले जल्दी कमजोर हो जाती है। अगर आप भी भुलक्‍कड़ हैं, तो ध्‍यान दें यह स्‍थिति अल्‍ज़ाइमर या डिमेंशिया भी हो

पुरुषों होते हैं ज्यादा भुलक्कड़न्यूयार्क: बढ़ती उम्र के साथ किसी का नाम या कार की चाबी भूल जाना आम बात है, लेकिन पुरुषों की याददाश्त महिलाओं के मुकाबले जल्दी कमजोर हो जाती है। यह दावा अमेरिका में हुए ताजा शोध में किया गया है।

 

माइनसोटा के मेयो अल्जाइमर्स डिजीज रिसर्च सेंटर के शोधकर्ताओं ने 70 से 89 आयुवर्ग में 19 प्रतिशत पुरुषों और 14 प्रतिशत महिलाओं को भुलक्कड़ पाया। दरअसल, धीरे-धीरे भूलने की आदत दिनोंदिन बढ़ती जाती है। उसके बाद लोगों को अहसास होता है कि वे भुलक्कड़ हैं।

 

प्रमुख शोधकर्ता डॉ. रोनाल्ड पीटरसन के अनुसार यह शोध चकित कर देने वाला हैं क्योंकि अल्जाइमर की बीमारी पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ज्यादा होती है। अल्जाइमर मस्तिष्क की बीमारी है, जिससे याददाश्त, व्यवहार और सोच पर असर पड़ता है। आम तौर पर यह बीमारी 65 से अधिक आयुवर्ग के लोगों को होती है।

 

पीटरसन के अनुसार, यह लिंग भेद चकित करने वाला है क्योंकि ज्यादातर लोगों का मानना है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाएं भुलक्कड़ होती हैं। उन्होंने कहा कि थोड़ा बहुत भूलने वाले सभी लोगो में मनोभ्रंश [डिमेंतिया] की बीमारी की समस्या नहीं आती। हर साल करीब 15 प्रतिशत भुलक्कड़ लोगों को डिमेंतिया होने का खतरा रहता है। शोध के यह परिणाम न्यूरोलॉजी जर्नल में प्रकाशित हुए हैं।

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