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भारत में क्षय रोग

ट्यूबरकुलोसिस By अनुराधा गोयल , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 19, 2012
भारत में क्षय रोग

भारत में क्षयरोग फैलने का मुख्य कारण क्या हैं। भारत में क्षय रोग किन क्षेत्रों में अधिक फैला हुआ है। इन्हीं सब बातों को जानना बहुत जरूरी है। तो आइए जानें भारत में क्षय रोग के बारे में कुछ और बातें।

Bharat me chhay rog

तपेदिक यानी टी.बी.एक संक्रामक रोग है जो कि एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता हैं। क्षय रोग के होने के कई कारण हैं। ना सिर्फ भारत बल्कि पूरे विश्व में टी.बी फैला हुआ है। आपको जानकार हैरानी होगी जिन लोगों का इम्युकन सिस्टम कमजोर होता है उन्हें टी.बी का खतरा सामान्य व्यक्तियों से दुगुना हो जाता है। जैसे डायबिटीज के मरीज। डायबिटीज के मरीजों को टी.बी.की बीमारी होने का खतरा हर समय बरकरार रहता है, उस दौरान खासतौर पर जब शुगर लेवल मरीजों का बहुत अधिक बढ़ा होता है। लेकिन सवाल ये उठता है कि भारत में क्षय रोग कितना फैला हुआ है। भारत में क्षयरोग फैलने का मुख्य कारण क्या हैं। भारत में क्षय रोग किन क्षेत्रों में अधिक फैला हुआ है। इन्हीं सब बातों को जानना बहुत जरूरी है। तो आइए जानें भारत में क्षय रोग के बारे में कुछ और बातें।



भारत में क्षय रोग

  • क्या आप जानते हैं भारत में बीमारी के कारण होने वाली मौतों का एक प्रमुख कारण क्षय रोग भी हैं। इतना ही नहीं भारत में तपेदिक महामारी के रूप में फैला हुआ हैं।
  • भारत में बीमारी के कारण होने वाली मौतों में हर तीन मिनट में कम से कम दो मरीज टी.बी के कारण मर मारे जाते हैं।
  • इतना ही नहीं क्या आप जानते हैं भारत में अपनाई जाने वाली डॉट्स यानी डायरेक्ट ऑब्सर्वड थैरेपी, शॉर्ट कोर्स की विधि भारत में अब तक 35 सालों में किए गए शोधों पर आधारित है।
  • भारत में क्षय रोग से बचाव के लिए डॉट्स विधि को 1997 में राष्ट्रीय क्षयरोग नियंत्रण कार्यक्रम यानी आरएनटीसीपी के तहत लागू किया गया था।
  • भारत में होने वाले टी.बी के इलाज में डॉट्स के टी.बी का इलाज 10 में से कम से कम 3 मरीजों का इलाज डॉट्स विधि के अंतर्गत किया जाता हैं।
  • क्या आप जानते हैं भारत में क्षय रोग के इलाज के लिए चलाए जाने वाले कुल 10 कार्यक्रमों में से केवल 8 कार्यक्रम ही टी.बी के उपाचार पर आधारित हैं।
  • भारत की कुल जनसंख्या 8 में से तकरीबन 1.5 फीसदी लोग क्षयरोग से पीडि़त हैं।
  • इतना ही नहीं भारत की जनसंख्या की कुल आबादी का लगभग 40 फीसदी लोगों में क्षय रोग के जीवाणु मौजूद हैं, फिर चाहे ये लोग टी.बी से ग्रसित भी ना हो।
  • केवल भारत में ही हर साल लगभग 25 से 30 लाख नए क्षय रोग के मरीजों का नाम दर्ज होता हैं।
  • सूत्रों की मानें तो लगभग हर साल 5 लाख लोग सिर्फ तपेदिक जैसी बीमारी से काल का ग्रास बन जाते हैं।
  • क्या आप जानते हैं तपेदिक एक ऐसा संक्रमित संक्रामक रोग है जो बहुत तेजी से फैलता है यानी केवल भारत में कुल तपेदिक के मरीजों में से एड्स के भी बहुत मरीज मिलेंगे। अगर ये कहा जाए कि भारत में मौजूद कुल एड्स के मरीजों में लगभग 60 फीसदी एड्स के मरीज भी शामिल हैं तो कुछ गलत ना होगा।
  • केवल एड्स ही नहीं बल्कि डायबिटीज टाइप 2 के भी मरीज जिनका शुगर लेवल सामान्य से बहुत अधिक है,  उनमें ट्यूकरकुलोसिस की संभावना अधिक होती है।
Written by
अनुराधा गोयल
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागMar 19, 2012

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