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अनियमित दिनचर्या के कारण बच्‍चों का बढ़ता है वजन

Updated at: Dec 11, 2013
वज़न प्रबंधन
Written by: Anubha TripathiPublished at: Apr 17, 2012
अनियमित दिनचर्या के कारण बच्‍चों का बढ़ता है वजन

मोटापे के शिकार बच्चों में अगर खान पान पर ध्यान नहीं दिया जाए या उन्हें व्यायाम के लिए प्रेरित नहीं किया जाए तो वे जल्द ही अपनी उम्र से बड़े लगने लगते हैं। बच्चों में मोटापे की समस्या गलत खान पान से होती है।

बच्चों में मोटापे की समस्या पिछले कुछ सालों से ज्यादा देखने को मिल रही है। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे गंभीरता से लेना शुरु कर दिया है। 16 से 33 % बच्चे बढ़ते वजन का शिकार हो जाते है।

Problem of Gaining Weight in Childrenबच्चों में मोटापे से होने वाली समस्याओं का तो पता लगना आसान है, लेकिन उनका इलाज कठिन है। वजन बढ़ने का मुख्य कारण है बच्चों का दोषपूर्ण खान पान और व्यायाम की कमी। इसकी वजह से हर साल विश्व में 300,000 लोग मौत का शिकार हो जाते हैं। मोटापे के शिकार बच्चों में अगर खान पान पर ध्यान नहीं दिया जाए या उन्हें व्यायाम के लिए प्रेरित नहीं किया जाए तो वे जल्द ही अपनी उम्र से बड़े लगने लगते हैं।

 

क्या है मोटापा

वैसे तो थोड़ा बहुत कैलोरी ज़रूरी है लेकिन ली गई कैलोरी के अनुसार व्यायाम या अन्य तरह की शारीरिक मेहनत नहीं होने पर लोग मोटापे का शिकार हो जाते हैं। सामान्यत: बच्चों में मोटापा तब तक नहीं माना जाता है जब तक बच्चे का वजन उसकी लंबाई व शारीरिक बनावट से 10 % अधिक ना हो जाए। बच्चों में वजन बढ़ने की समस्या की शुरुआत पांच या छह साल या किशोरावस्था से शुरु हो जाती है। अध्ययन के मुताबिक जो बच्चे 10 से 13 साल की उम्र में मोटापे का शिकार हो जाते हैं उनके व्यस्क होने पर भी उनमें मोटापे की समस्या की आशंका रहती है।

 

बढ़ते वजन के कारण

बढ़ते वजन की समस्या किसी एक वजह से नहीं होती है। इसके कई कारण होते हैं। यह अनुवांशिक भी हो सकता है। इसके अलावा इसके जैविक कारण भी हो सकते हैं। मोटापा तब होता है, जब बच्चा जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेने लगता है। अगर माता-पिता, दोनों में से कोई भी मोटा है तो बच्चे के मोटे होने की 50 % संभावना होती है। अगर माता-पिता दोनों ही मोटे हैं तो बच्चों में 80 %  संभावना होती है कि वह भी मोटा ही होगा। इसके अलावा बढ़ते वजन के कई अन्य चिकित्सीय कारण हो सकते हैं।

जानें बच्चों में मोटापे के अन्य कारणों के बारे में :

  • खाने की गलत आदत
  • भूख से ज्यादा खाना या ओवरईटिंग
  • व्यायाम की कमी
  • मोटापे की पारिवारिक इतिहास
  • चिकित्साकीय बीमारी ( न्यूरोलॉजिकल समस्या)
  • दवाएं (मनोरोग की दवाएं)
  • जीवन में तनाव पूर्ण घटना व बदलाव ( माता-पिता का अलगाव, निधन आदि)
  • तनाव व अन्य भावनात्मक समस्या

 

कैसे बचाएं मोटापे से

मोटापे के शिकार बच्चों को चिकित्सीय जांच की जरूरत होती है । जिससे यह पता लगाया जा सकता है कि बच्चों में मोटापा किस कारण से है। कभी-कभी शारीरिक असंतुलन की वजह से भी बच्चे ज्यादा खाने लगते हैं, जिससे उनमें  मोटापे की समस्या होती है। बच्चों को उनके खाने के अनुसार शारीरिक मेहनत करनी चाहिए, जैसे बाहर खेलना कूदना, साइक्लिंग व तैराकी आदि। इससे बच्चों को मोटापे से बचाया जा सकता है।

 

 

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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