Subscribe to Onlymyhealth Newsletter

फ्रैक्‍चर और दर्द

दर्द का प्रबंधन
By सम्‍पादकीय विभाग , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 24, 2009
फ्रैक्‍चर और दर्द

फ्रैक्चर शब्द का अर्थ है-हड्डी का टूटना। हड्डी गिरने, गाड़ी से दुर्घटनाग्रस्त होने, आघात या चोट से  हड्डी टूट सकता है। यह सामान्यतः एथलीट को होता है, जो तेज गति के खेलों, जैसे-फुटबॉल, रग्बी, और सॉसर में भाग लेते हैं। स्ट्रेस फ्रैक्चर(मेटाटार्सल स्ट्रेस फ्रैक्चर) बार-बार बल प्रयोग के कारण होता है।

 

कारण

 

फ्रैक्चर सामान्य अस्थियों या किसी बीमारी, जैसे-कैंसर, सिस्ट, ऑस्टियोपोरोसिस से कमजोर पड़ चुकी अस्थियों में हो सकता है। टूटी हड्डियों में कई कारणों से दर्द हो सकता है-

  • हड्डियों के आस-पास के नर्व एंडिग्स, इसके टूटने पर दर्द का सिग्नल मस्तिष्क को भेजते हैं।
  • हड्डियां टूटने से रक्तस्राव होता है, रक्तस्राव औऱ सूजन(एडेमा) से दर्द हो सकता है।
  • जब फ्रैक्चर होता है, टूटी हड्डियों और इसके टुकड़ों को थामने के लिए आस-पास की मांसपेशियां संकुचित होती हैं। इनके संकुचन से दर्द बढ सकता है।

लक्षण

 

फ्रैक्चर का सबसे आम लक्षण है-दर्द और यह हड्डी टूटने के तुरंत बाद शुरू हो जाता है। दर्द सामान्यतः 12 से 24 घंटे में घटना शुरू हो जाता है। अगर दर्द इसके बाद भी बढता जाए, तो इसे कंपार्टमेंट सिंड्रोम समझना चाहिए। सूजन सामान्यतः फ्रैक्चर के साथ या कुछ समय बाद दिखना शुरू होता है, जो कुछ समय तक लगातार बढता रहता है। सूजन 12 से 24 घंटे में घटना शुरू हो जाएगा। बच्चों में फ्रैक्चर की स्थिति में सूजन नहीं भी हो सकता है, जिससे फ्रैक्चर को पहचानना मुश्किल हो सकता है। अगर बच्चा बहुत दर्द बता रहा हो या तीव्र दर्द या पीड़ा में हो तो बेहतर होगा कि उसे जल्द डॉक्टर के पास ले जाएं।

 

इन स्थितियों में स्थायी या क्रॉनिक दर्द हो सकते हैं-

  • संक्रमण
  • गलत तरीके से प्लास्टर लगाना(जैसे-अधिक कसकर या ढीला लगाना)
  • पूअर अलाइन्मेंट फ्रैक्चर

कुछ लोगों में दूसरे लक्षण, जैसे-हड्डियों की कमजोरी, एक्किमोसिस, गति में असामान्यता या कमी, विकृति और क्रेपिटेशन भी मिल सकते हैं।

 

जांच औऱ रोग की पहचान

 

फ्रैक्चर का चिकित्सकीय रूप से पता लगाया जा सकता है। स्पष्ट विकृति वाले रोगियों में इसकी पहचान आसान है, लेकिन कई बार इसे आसानी से पहचाना नहीं जा सकता।

  • एक्स-रेः एक्स-रे से फ्रैक्चर की जगह और प्रकार का पता लगाया जा सकता है। अगर फ्रैक्चर छोटा तो एक्स-रे सामान्य होता है, जबकि गंभीर ऑस्टियोपोरोसिस की स्थिति में यह प्रभावी होता है।
  • मैग्नेटिक रेजोनेंस इमैजिंग(एमआरआई) स्कैनः एमआरआई स्कैन उन रोगियों के लिए उपयोग में आता है, जिनका एक्स रे सामान्य आया है, लेकिन फिर भी हड्डी टूटने का संदेह अब भी बना हुआ है। अगर एमआरआई स्कैन संभव नहीं हो तो सीटी स्कैन किया जा सकता है।

उपचार

  • फ्रैक्चर के लिए स्प्लिंटिंग, कास्ट या सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है। इससे दर्द काफी घटता है।
  • दर्द से त्वरित आराम के लिए एसिटामिनोफेन या नॉन-स्टेरॉयडल एंटीइंफ्लेमेट्री दवाएं, जैसे-आइब्यूप्रोफेन और एस्पिरीन उपयोग में लाई जा सकती हैं। कुछ अध्ययन बताते हैं कि ये दवाएं हड्डी ठीक करने में अवरोध पैदा करती हैं।
  • पहले दो दिनों तक टूटे हाथ-पैर को आराम औऱ ऊंचाई(हृदय से ऊपर) पर रखें, इससे दर्द में बहुत सुधार होता है।

घरेलू उपचार

 

अगर फ्रैक्चर का संदेह है, जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलें। डॉक्टर तक पहुंचने से पहले फ्रैक्चर के लिए आराम, बर्फ, दबाव, औऱ ऊंचाई का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है। इन उपायों से दर्द घटता है।

  • आराम करने से दर्द घटता है, आगे फिर से क्षति से बचाव होता है औऱ स्प्लिंटिंग या कास्ट लगाने के बाद आराम करने से हड्डी जल्दी ठीक होती है।
  • बर्फ औऱ सेंक से सूजन और दर्द घटता है।
  • टूटे हाथ-पैर को हृदय की ऊंचाई के स्तर से ऊपर उठाकर रखें। इससे दर्द औऱ सूजन घटता है।
  • साधारण दर्दनिवारक जैसे-एसिटामिनोफेन, एस्पिरीन या आइब्यूप्रोफेन से दर्द से राहत पाने में सहायता मिलती है।
  • वैकल्पिक चिकित्साः मसाज थेरेपी, रिलैक्सेशन तकनीक, सम्मोहन, प्राणायाम(श्वास-प्रश्वास का व्यायाम) आदि से दर्द औऱ तकलीफ घटता है। मालिश से फ्रैक्चर के आस-पास के कोमल ऊतकों के दर्द औऱ तकलीफ घटते हैं।

बचाव

 

फ्रैक्चर से बचाव के कुछ...

Written by
सम्‍पादकीय विभाग
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागDec 24, 2009

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Trending Topics
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK