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फेफड़ों के लार्ज सेल कैंसर की चिकित्‍सा

कैंसर By Anubha Tripathi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 23, 2013
फेफड़ों के लार्ज सेल कैंसर की चिकित्‍सा

फेफड़ों के लार्ज सेल कैंसर की चिकित्‍सा: जानें कैसे होती है फेफड़ों के लार्ज सेल कैंसर की चिकित्‍सा। 

large cell cancer of the lung ki chikitsa

कैंसर के उपचार के लिए सर्जिकल तरीके का प्रयोग किया जाता है। कुछ लंग कैंसरों को ठीक करने के लिए सर्जरी के साथ रेडिएशन उपचारों का प्रयोग भी किया जाता है। कैंसर के उपचार के लिए अक्सर कीमोथेरेपी की भी मदद ली जाती है जिसे अकेले भी इस्तेमाल किया जा सकता है और रेडिएशन ट्रीटमेंट के साथ भी।

कैंसर का स्तर निर्धारित करने वाले ट्यूमर के साइज और लोकेशन के आधार पर आपके डॉक्टर आपके लिए उपचार चुनते हैं। पहले स्तर के ट्यूमर छोटे होते हैं जो आसपास के ऊतकों  या अंगों तक नहीं फैले होते। दूसरे व तीसरे स्तर के ट्यूमर आसपास के ऊतकों और/या अंगों तथा लिम्फ नोड्स तक फैले होते हैं। पहले स्तर I से तीसरे तक आगे फिर दो श्रेणियों, ए और बी में बांटे जाते हैं। चौथे स्तर के ट्यूमर सीने के क्षेत्र से बाहर फैल चुके होते हैं।

कैंसर की पहचान हो जाने के बाद इसे ठीक करने के लिए एक या कई प्रकार के उपचारों की ज़रूरत होती है। इनमें कैंसर का सर्जिकल रिमूवल, कैंसर वाले हिस्से  को रेडिएशन से उपचारित किया जाना, कीमोथेरेपी या दूसरे नए प्रकार के उपचारों का उपयोग किया जाना शामिल है जिनसे लंग कैंसर के मरीजों को लाभ मिलने की संभावना हो। सामान्यतया उपचार ट्यूमर को सिकोड़ने या इसे निकालने से सम्बन्धित होते हैं। उपचार हो चुकने के बाद भी कई महीनों से लेकर वर्षों तक लंग कैंसर के मरीजों की निरंतर निगरानी की जाती है, क्योंकि कैंसर यदि सिकुड़ गया हो, यह कुछ समय बाद फिर से बढ़ सकता है या नये सिरे से हो सकता है।

ज़्यादा न फैले हुए लार्ज सेल कार्सिनोमा के लिए सर्जरी प्रमुख उपचार है। छोटे स्थित ट्यूमरों के लिए फेफड़े का छोटा सा हिस्सा निकाला जा सकता है। अधिक जटिल हो चुके कैंसर की दशा में फेफड़े का एक पिंड (लोब) या पूरा फेफड़ा ही निकाला जा सकता है। कैंसर को फिर से होने से रोकने के लिए सर्जरी के साथ रेडिएशन थेरेपी और कीमोथेरेपी का संयुक्त उपयोग किया जा सकता है।

गंभीर शारीरिक दशा वाले मरीज जिनके लिए सर्जरी का सामना करना कठिन हो उनमें ट्यूमर सिकोड़ने के लिए रेडिएशन थेरेपी या रेडिएशन के साथ कीमोथेरेपी भी आजमाई जा सकती है। इसके अलावा रेडिएशन थेरेपी के नये रूपों में साइबरनाईफ नामक एक मशीन का उपयोग किया जाता है जो ऐसे लंग कैंसरों को ठीक करने में सक्षम है जिनका उपचार कभी अत्यन्त कठिन माना जाता था। साइबरनाईफ के ज़रिए रेडिएशन किरणों का अधिक केन्द्रित (फोकस्डक) किरणपुंज (बीम) बनाया जा सकता है जिसके उपयोग से कैंसर के आसपास के सामान्य टिश्युओं को कम से कम नुकसान पहुंचता है।

जब ट्यूमर काफी फैल चुका हो तो कीमोथेरेपी दवाओं का उपयोग कैंसर की वृद्धि घटाने के लिए किया जा सकता है यदि इसे ठीक न किया जा सकता हो। लक्षण घटाने और उच्चश स्तर के कैंसर में कीमोथेरेपी इस्तेमाल की जाती है। दुर्भाग्यतवश अन्य‍ प्रकार के ट्यूमरों की तरह लार्ज सेल कार्सिनोमा भी कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी से ठीक नहीं होते।

 

 

Written by
Anubha Tripathi
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागApr 23, 2013

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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