• shareIcon

फेफड़े के एडेनोकार्सिनोमा में डाक्‍टर को कब सम्पर्क करें

अन्य़ बीमारियां By Pooja Sinha , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 13, 2013
फेफड़े के एडेनोकार्सिनोमा में डाक्‍टर को कब सम्पर्क करें

फेफड़े के एडेनोकार्सिनोमा में डाक्‍टर को कब सम्पर्क करें : आप के शरीर में फेफड़े के एडेनोकार्सिनोमा का कोई भी लक्षण प्रकट होने पर अपने चिकित्सक से तुरंत संपर्क करें। विशेषकर यदि

 

आप के शरीर में फेफड़े के कैंसर का कोई भी लक्षण प्रकट होने पर अपने चिकित्सक से तुरंत संपर्क करें। विशेषकर यदि आप धूम्रपान करते हो 


या ऐसी जगह काम करते हो जहां पर एसबेस्टस का दुष्प्रभाव बहुत ज्‍यादा रहता हो। अगर समय रहते इसका निदान हो जाए तो इसका इलाज 


हो सकता है। 


अगर किसी को फेफड़े के एडेनोकार्सिनोमा हो गया है तो शुरूआत में यह ऊतकों से होकर फेफड़ों के बाहरी हिस्सों के पास एक लंबे समय के लिए 


उपस्थित रहता है लेकिन बाद में यह पूरे शरीर में फैल जाता है। यदि इसका पता न चले तो यह लीवर, अधिवृक्क ग्रंथियां, हड्डियां, और ब्रेन में 


फैल सकता है। इसके कारण आदमी की मौत भी हो सकती है।


डॉक्‍टर से संपर्क करें अगर आपको इस प्रकार के लक्षण दिखें। 


 

लगातार खांसी लाल या थूक के साथ रक्त 

सीने में दर्द

सांस लेने में कठिनाई 

शारीरिक व्यायाम के साथ सांस और अक्सर घरघराहट 

चेस्‍ट में संक्रमण 

रक्त वाहिकाओं पर ट्यूमर के दबाव के असर से चेहरे और गर्दन की सूजन, नसों में दर्द या उस तरफ हाथ में कमजोरी

कैंसर के प्रभाव से फेफड़ों के कैंसर के बढ़ने के साथ वजन में कमी, थकान, भूख में कमी



अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाएं दे देर किए बिना तुरन्‍त डाक्‍टर से संपर्क करें, इससे पहले की यह आपके शरीर के दूसरे हिस्‍सों में फैल जाए।  



आप के शरीर में फेफड़े के एडेनोकार्सिनोमा का कोई भी लक्षण प्रकट होने पर अपने चिकित्सक से तुरंत संपर्क करें। विशेषकर यदि आप धूम्रपान करते हो या ऐसी जगह काम करते हो जहां पर एसबेस्टस का दुष्प्रभाव बहुत ज्‍यादा रहता हो। अगर समय रहते इसका पता चल जाए तो इसका इलाज हो सकता है। 


adenocarcinoma of the lung me docter ko kab sampark kareअगर किसी को फेफड़े के एडेनोकार्सिनोमा हो गया है तो शुरूआत में यह ऊतकों से होकर फेफड़ों के बाहरी हिस्सों के पास एक लंबे समय के लिए उपस्थित रहता है लेकिन बाद में यह पूरे शरीर में फैल जाता है। यदि इसका पता न चले तो यह लीवर, अधिवृक्क ग्रंथियां, हड्डियां, और ब्रेन में फैल सकता है। इसके कारण आदमी की मौत भी हो सकती है।


डॉक्‍टर से संपर्क करें अगर आपको इस प्रकार के लक्षण दिखें। 


 

  • लगातार खांसी लाल या थूक के साथ रक्त 
  • सीने में दर्द
  • सांस लेने में कठिनाई 
  • शारीरिक व्यायाम के साथ सांस और अक्सर घरघराहट 
  • चेस्‍ट में संक्रमण 
  • रक्त वाहिकाओं पर ट्यूमर के दबाव के असर से चेहरे और गर्दन की सूजन, नसों में दर्द या उस तरफ हाथ में कमजोरी
  • कैंसर के प्रभाव से फेफड़ों के कैंसर के बढ़ने के साथ वजन में कमी, थकान, भूख में कमी


अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाएं दे देर किए बिना तुरन्‍त डाक्‍टर से संपर्क करें, इससे पहले की यह आपके शरीर के दूसरे हिस्‍सों में फैल जाए।  



Read More Article on Adenocarcinoma Of the Lung in hindi.

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK