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फेफड़े का एडेनोकार्सिनोमा से बचाव

अन्य़ बीमारियां By Pooja Sinha , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 13, 2013
फेफड़े का एडेनोकार्सिनोमा से बचाव

फेफड़े का एडेनोकार्सिनोमा से बचाव : फेफड़े का एडोनोकार्सिनोमा से बचाव के लिए आपको कुछ बातों का ध्‍यान रखना पड़ता है जैसे- धूम्रपान न करें, ऐसे लोगों से दूरी बना कर रखे जो धूम्रपान करते हो, अ

 

फेफड़े का एडेनोकार्सिनोमा आमतौर पर ऊतकों से शुरू होकर फेफड़ों के बाहरी हिस्सों के पास एक लंबे समय के लिए उपस्थित रहता है जब तक कि उसके लक्षणों का पता और निदान नही हो जाता। 

 

फेफड़े का एडेनोकार्सिनोमा, फेफड़े के कैंसर का एक आम प्रकार है जो धूम्रपान करने वालों, न करने वालों, महिलाओं और 45 साल की उम्र के लोगों में होता है।

 

फेफड़े का एडोनोकार्सिनोमा से बचाव के लिए आपको कुछ बातों का ध्‍यान रखना पड़ता है जैसे- धूम्रपान न करें, ऐसे लोगों से दूरी बना कर रखे जो धूम्रपान करते हो, अपने आहार में हरी सब्जियों और ताजा फलों की मात्रा बढ़ाए, एसबेस्टस के ज्यादा सम्पर्क में आने से बचें और शराब का सेवन कम करे। आइए फेफड़े का एडोनाकार्सिनोमा से बचाव के बारे में जानें। 


 

धूम्रपान न करें 

फेफड़े के एडोनाकार्सिनोमा से बचाव लिए सबसे जरूरी है कि आप धूम्रपान न करें और अगर आप पहले से ही धूम्रपान करते हैं तो आप अपने चिकित्सक से इसे छोड़ने का कारगर तरीका पूछें।


 

सेकेन्डहैंड स्मोक से बचें

धूम्रपान मुक्त क्षेत्र की तलाश करें। ऐसे लोगों से उचित दूरी बना कर रखें जो धूम्रपान करते हो। अपने अतिथियों से घर के बाहर धूम्रपान करने के लिये कहें, खासकर जब घर में बच्चे हों।


 

रेडॉन के ज्यादा सम्पर्क में आने से बचें

क्या आप के घर में रेडॉन गैस को नियंत्रित रखा गया है। 4 पिकोक्यूरीज/लीटर से ऊपर के स्तर का रेडॉन असुरक्षित होती है। यदि आप के पास निजी कुआं है तो अपने पेय जल में रेडॉन की उपलब्धता की जांच करें। रेडॉन की जांच के लिये व्यावसायिक रूप से उपलब्ध किट्स व्यापक रूप से उपलब्ध है।


स्‍वस्‍थ आहार लें 

अपने आहार में फलों और सब्जियों की मात्रा बढ़ाए। फलों और सब्जियों में शक्तिशाली एंटीओक्सीडेनट्स होते हैं जो कैंसर का कारण बनने वाले फ्री रेडिकल्स का नाश करते हैं अथवा उन्हें बढ़ने से रोकते हैं। जिन लोगों को कैंसर हो जाता है उनके शरीर में भी हरी पत्तेदार सब्जियां कैंसर को फैलने से रोकती हैं। इसलिए एक स्‍वस्‍थ आहार को चुनें जो फल, सब्जियों, विटामिन और पोषक तत्व से भरपूर हो। 


विटामिन दवाईयों के रूप में न लें 

दवाईयों के रूप में विटामिन की बड़ी खुराक लेने से बचें, क्योंकि ये हानिकारक हो सकता है। उदाहरण के लिए, भारी धूम्रपान करने वालों में फेफड़ों के कैंसर के जोखिम को कम करने की उम्मीद से शोधकर्ताओं उन्हें बीटा कैरोटीन की खुराक देते हैं। जिसका परिणाम यह होता है कि यह खुराक वास्तव में धूम्रपान करने वालों में कैंसर का खतरा बढ़ा देती हैं। 

 

एसबेस्टस के ज्यादा सम्पर्क में आने से बचें 

एसबेस्टस के दुष्प्रभाव से सुरक्षा का कोई स्तर निर्धारित नहीं होने के कारण, किसी भी प्रकार का दुष्प्रभाव पर्याप्त है। यदि आप पुराने घर में रहते हैं तो यह जांच करें कि कोई इन्सुलेशन अथवा अन्य सामग्री जिसमें एसबेस्टसविद्यमान है, नष्ट अथवा टूट-फूट तो नहीं रही है। इन स्थानों से एसबेस्टस को निकाल दिया जाना आवश्यक है।


यदि इसे निकाले जाने की प्रक्रिया अधूरी रह जाती है तो पहले की अपेक्षा आपको इसके चपेट में आने की संभावना बढ़ जायेगी। ऐसे कामगार जो एसबेस्टस युक्त सामग्री के नियमित संपर्क में रहते हैं उन्हें इसके दुष्चक्र से बचने के लिये मान्य उपायों का इस्तेमाल करना चाहिये और एसबेस्टस की धूल (डस्टे) को अपने कपड़ों के जरिये घर ले जाने से बचना चाहिये।


फेफड़े का एडेनोकार्सिनोमा आमतौर पर ऊतकों से शुरू होकर फेफड़ों के बाहरी हिस्सों के पास एक लंबे समय के लिए उपस्थित रहता है जब तक कि उसके लक्षणों का पता और निदान नही हो जाता। 


adenocarcinoma of the lung se bachaavफेफड़े का एडेनोकार्सिनोमा, फेफड़े के कैंसर का एक आम प्रकार है जो धूम्रपान करने वालों, न करने वालों, महिलाओं और 45 साल की उम्र के लोगों में होता है।


फेफड़े का एडोनोकार्सिनोमा से बचाव के लिए आपको कुछ बातों का ध्‍यान रखना चाहिए, जैसे- धूम्रपान न करें, ऐसे लोगों से दूरी बना कर रखे जो धूम्रपान करते हो, अपने आहार में हरी सब्जियों और ताजा फलों की मात्रा बढ़ाए, एसबेस्टस के ज्यादा सम्पर्क में आने से बचें और शराब का सेवन कम करे। आइए फेफड़े का एडोनाकार्सिनोमा से बचाव के बारे में जानें। 


फेफड़े का एडेनोकार्सिनोमा से बचाव  


धूम्रपान न करें 

फेफड़े के एडोनाकार्सिनोमा से बचाव लिए सबसे जरूरी है कि आप धूम्रपान न करें और अगर आप पहले से ही धूम्रपान करते हैं तो आप अपने चिकित्सक से इसे छोड़ने का कारगर तरीका पूछें।


सेकेन्डहैंड स्मोक से बचें

धूम्रपान मुक्त क्षेत्र की तलाश करें। ऐसे लोगों से उचित दूरी बना कर रखें जो धूम्रपान करते हो। अपने अतिथियों से घर के बाहर धूम्रपान करने के लिये कहें, खासकर जब घर में बच्चे हों।



रेडॉन के ज्यादा सम्पर्क में आने से बचें

क्या आप के घर में रेडॉन गैस को नियंत्रित रखा गया है। 4 पिकोक्यूरीज/लीटर से ऊपर के स्तर का रेडॉन असुरक्षित होती है। यदि आप के पास निजी कुआं है तो अपने पेय जल में रेडॉन की उपलब्धता की जांच करें। रेडॉन की जांच के लिये व्यावसायिक रूप से उपलब्ध किट्स व्यापक रूप से उपलब्ध
है।


स्‍वस्‍थ आहार लें 

अपने आहार में फलों और सब्जियों की मात्रा बढ़ाए। फलों और सब्जियों में शक्तिशाली एंटीओक्सीडेनट्स होते हैं जो कैंसर का कारण बनने वाले फ्री रेडिकल्स का नाश करते हैं अथवा उन्हें बढ़ने से रोकते हैं। जिन लोगों को कैंसर हो जाता है उनके शरीर में भी हरी पत्तेदार सब्जियां कैंसर को फैलने से रोकती हैं। इसलिए एक स्‍वस्‍थ आहार को चुनें जो फल, सब्जियों, विटामिन और पोषक तत्व से भरपूर हो। 


विटामिन दवाईयों के रूप में न लें 

दवाईयों के रूप में विटामिन की बड़ी खुराक लेने से बचें, क्योंकि ये हानिकारक हो सकता है। उदाहरण के लिए, भारी धूम्रपान करने वालों में फेफड़ों के कैंसर के जोखिम को कम करने की उम्मीद से शोधकर्ताओं उन्हें बीटा कैरोटीन की खुराक देते हैं। जिसका परिणाम यह होता है कि यह खुराक वास्तव में धूम्रपान करने वालों में कैंसर का खतरा बढ़ा देती हैं। 


एसबेस्टस के ज्यादा सम्पर्क में आने से बचें 

एसबेस्टस के दुष्प्रभाव से सुरक्षा का कोई स्तर निर्धारित नहीं होने के कारण, किसी भी प्रकार का दुष्प्रभाव पर्याप्त है। यदि आप पुराने घर में रहते हैं तो यह जांच करें कि कोई इन्सुलेशन अथवा अन्य सामग्री जिसमें एसबेस्टसविद्यमान है, नष्ट अथवा टूट-फूट तो नहीं रही है। इन स्थानों से एसबेस्टस को निकाल दिया जाना आवश्यक है।


यदि इसे निकाले जाने की प्रक्रिया अधूरी रह जाती है तो पहले की अपेक्षा आपको इसके चपेट में आने की संभावना बढ़ जायेगी। ऐसे कामगार जो एसबेस्टस युक्त सामग्री के नियमित संपर्क में रहते हैं उन्हें इसके दुष्चक्र से बचने के लिये मान्य उपायों का इस्तेमाल करना चाहिये और एसबेस्टस की धूल (डस्टे) को अपने कपड़ों के जरिये घर ले जाने से बचना चाहिये।



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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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