• shareIcon

    फीलिंग्स के प्रकार

    मुंह स्‍वास्‍थ्‍य By डा पूनम सचदेव , विशेषज्ञ लेख / Jan 01, 2013
    फीलिंग्स के प्रकार

    सामान्यतः दांतों के छेद को भरने के लिए जिन सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है वे सोना, चांदी, तांबा, टिन, चीनी मिट्टी , दांतों के रंग का राल और कई धातुओं के मिश्रण इत्यादि होते हैं  । धातुओं के मिश्रण में पारा,जिंक, चांदी, तांबा, टिन इत्यादि शामिल होते हैं  ।

    मिश्रण


    मिश्रण एक मिश्र धातु है जिसमें पारा, चांदी, तांबा, टिन और कभी कभी जिंक भी मिले हुए होते हैं  । इसे आमतौर पर पिछले दांतों यानि अन्दर के दांतों को भरने के लिए उपयोग किया जाता है और यह लगभग ७ साल तक टिक सकता है  ।

    फायदे

    • फिलिंग की अन्य सामग्री के मुकाबले यह  कम से कम महंगा होता है  ।
    • यह सामग्री मजबूत होती है और खाद्य सामग्री को चबाने की ताकत रखती है  ।
    • इस मिश्रण को  डेंटिस्ट एक बार की फिलिंग की प्रक्रिया में भर देते हैं और उनके पास इसे भरवाने के लिए बार बार जाने की जरूरत नहीं पड़ती  ।

    नुकसान

    • आपके दांतों   के रंग के मुकाबले इसका रंग काला होता है जिसकी वजह से आपके दांतों की सुन्दरता प्रभावित होती है  । दूसरा नुकसान यह  है कि अगर आपके दांतों में छेद छोटा होगा तो इसे भरने के लिए छेद और बड़ा बनाना पड़ेगा जिसकी वजह से आपके दांतों के अच्छे भागों का भी नुकसान होता है  ।
    • कुछ लोगों को इस मिश्रण से एलर्जी हो सकती है

    समग्र राल


    इसमें प्लास्टिक और बढियां कांच के कण होते हैं  । यह  छोटे और बड़े दोनों तरह के केविटिज को भरने के लिए उपयोगी है  । इसका रंग दांत के रंग जैसा हीं होता है इसलिए इसके लगने का पता नहीं चल  पाता इसलिए इसका उपयोग उन दांतों के लिए किया जाता है जो दिखलाई देते है यानि सामने रहते हैं  । यह लगभग ५ साल तक टिकता है  ।

    फायदे

    • इसका रंग दांतों के रंग जैसा हीं होता है इसलिए इसकी फिलिंग करवाने से दांत ख़राब नहीं लगते   ।
    • यह छोटे और बड़े दोनों तरह के छेदों को भरने के काम में लाया जा सकता है तथा मिश्रण भरने के लिए दांतों में जितनी ड्रिल करने की जरूरत पड़ती है उससे इस मामले में कम ड्रिल करना पड़ता है  ।

    नुकसान

    • यह मिश्रण जितना  प्रतिरोधी और मजबूत नहीं होता 

    सोना

     

    यह एक मिश्र धातु होता है जिसमें सोने के अलावा कुछ अन्य धातुएं भी शामिल रहती हैं  । यह ७ से १० सालों तक टिक सकता है या उससे भी ज्यादा  ।

    फायदे

    • सोना फिलिंग के लिए बहुत हीं मजबूत सामग्री होता है और इसे खुरचा नहीं जा सकता है  ।
    • जब आप दांतों से किसी कड़े खाद्य सामग्री को चबाते हैं तो यह उन्हें चबाने की   क्षमता रखता है  ।

    नुकसान

    • इसे भरवाने के लिए आपको डेंटिस्ट के पास दो बार जाना पड़ेगा  ।
    • यह मिश्रण की तुलना में काफी (छह गुना अधिक) महँगा होता है  ।
    • यदि आपके किसी दांत को मिश्रण से फिलिंग किया गया है और उसके आस पास सोने की फिलिंग की जाती है तो आपके लार की वजह से इसमें विद्युत प्रवाह पैदा हो सकता है जिससे आपको परेशानी हो सकती है  ।

    मिट्टी के पात्र


    यह चीनी मिट्टी का बना हुआ होता है और पांच से सात साल तक चल सकता है   ।

    फायदे

    • इसका रंग भी दांतों के रंग जैसा हीं होता है इसलिए दांतों की सुन्दरता बरक़रार रहती है  ।
    • समग्र राल की तुलना में यह दाग और घर्षण के प्रति प्रतिरोधी होता है   ।


    नुकसान

    • समग्र राल की तुलना में यह अधिक भंगुर होता है एवं टूट सकता है   ।

    कांच का आयोनोमर


    यह ऐक्रेलिक और फ्लुरोअलुमिनोसिलिकेट    ( कांच का एक घटक )का बना हुआ होता है  । यह ५ साल या उससे ज्यादा दिनों तक चल सकता है   ।

    फायदे

    • इसका रंग भी दांतों के रंग के जैसा हीं होता है लेकिन समग्र राल जितना अच्छा नहीं होता   ।
    • इसको फिलिंग करने के लिए आमतौर पर ड्रिलिंग करने की जरूरत नहीं होती  ।  छोटे बच्चों के लिए यह बहुत हीं उपयोगी  है  ।

    Disclaimer

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

    This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK